*प्रभुवर मोर सुनौ गोहार *
बारम्बार करौं जोहार ।
प्रभुवर मोर सुनौ गोहार ।।
प्रभुवर मोर सुनौ गोहार ।
प्रभुवर मोर सुनौ गोहार ।।
अब नइ मैं तो मुँह फरकाँव ।
साँसा गूँजन नाम कराँव ।।
दरसन दौ अपराध बिसार ।
प्रभुवर मोर सुनौ गोहार ।।
नाचौं पाँव पखावज बाँध ।
भोग लगावौं जेवन राँध ।।
बाट निहारौं दियना बार ।।
प्रभुवर मोर सुनौ गोहार ।।
मन मंदिर मा रूप उकेर ।
सुमिरौं गावौं मन ला हेर ।।
पानी पीयौं पाँव पखार ।
प्रभुवर मोर सुनौ गोहार ।।
आँखी मूँद चमाचम राख।
अंतस करौं उगोना पाख।।
बइठे अहलन मग करतार ।
प्रभुवर मोर सुनौ गोहार ।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
०३/०५/२०२०
वार-रविवार
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