कलकुत कर-कर गुन गा लौं
(राग बंजारा ताल)
कलकुत कर-कर गुन गा लौं।
पिया रंग रंग के लहरा लौं ।
सोन रजत पथरा मन मोहै ।
झन दृग कागद कुटका जोहै।।
होती ल अपन बिसरा लौं । कलकुत.......
जमो जिनिस मा रासा-बासा।
तोर भरोसा जीवधर साँसा।।
तन-मन अउ प्रान धँसा लौं । कलकुत....
सबो लोक तोरे पगरइती ।
चलै नइ अउ ककरो पइती।।
जग नार फाँस झटका लौं। कलकुत........
शोभामोहन
१३/०१/२०२०
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