सोर संदेशा लेवय कोन
कहे सुने ले बात बाढ़ही,
चुप्पे रहिबे सुख ला पाय ।
दू दू ईटा सबो मड़ाही,
नत्ता भितिया माँझ उठाय ।।
तातारोसी बात बिगाड़े,
सुघ्घर घर ला देवै टोर।
राइल कस्सा करू नत्ता मा,
कोन सके हे मधुरस घोर।।
अहमइती हर जबर भोगागे,
लदका गे जब चाँदी सोन।
बेरा नइ हे तीर काकरो,
सोर संदेशा लेवै कोन ।
शोभामोहन
१४/०१/२०२०
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