Tuesday, 21 July 2020

पिया रंगरसिया बिन दिन न पहाँव
मोर पिया के गाँव बसंती,
सब दिन अउ सब ठाँव । पिया रंगरसिया
खोर खड़े आ प्रियतम डोला,
छिन नइ बेर लगाँव । पिया रंगरसिया
झलमल अँचरा पहिरँव पिंवरी,
हँसत बदन घर जाँव । पिया रंगरसिया
मोर पिया घर चमचम चमकत,
सहस सुरुज के गाँव। पिया रंगरसिया
मोर पिया के गगन हवेली,
बिन पँवठा चढ़ जाँव। पिया रंगरसिया
मोर पिया हे गजब मयारु,
रखय हँथेरी छाँव । पिया रंगरसिया
मोर पिया जग भर ले मंडल,
सबले बड़का साव । पिया रंगरसिया
मोर पिया हे सबले बड़हर,
माया के परपंच काटके
अंतस ला दमकइया कोन ।। दाँव । पिया रंगरसिया
शोभामोहन
१३/०१/२०२०
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