Tuesday, 27 January 2026

ददरिया जसगीत महरानी जय आदिभवानी, तहीं बरदानी तोरे पँइया लागौं घेरीबेरी ।

करसा के पानी करसा में अँटाय।
शरन में आवै उहीच सुख पाय।
महरानी जय आदिभवानी, तहीं बरदानी तोरे पँइया लागौं घेरीबेरी ।

रन्नभन्न जिनगी के कर देबे सिंगार।
जागौं नेवरात तोला घर में पधार।।
महरानी जय आदिभवानी, तहीं बरदानी तोरे पँइया लागौं घेरीबेरी ।

आँखीपचरी ठेलागे आँसू धार।
मोर गति ला भवानी तहीं अब सुधार।।
महरानी जय आदिभवानी, तहीं बरदानी तोरे पँइया लागौं घेरीबेरी ।

फूल जभे झरै तब फल फलै माँ ।
तोर देवाला अखंड हे जोत जलै माँ।
महरानी जय आदिभवानी, तहीं बरदानी तोरे पँइया लागौं घेरीबेरी ।

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