छंद समोहा (म. ग. ग. )वर्णिक छन्द)
ध्यावै जे चोला ।
पा जावै वोला ।।
सीता के रामे ।
राधा के श्यामे।।
जेने हा जानै ।
तेने हा मानै ।।
छाया हे घामे।।
सीता के रामे ।
राधा के श्यामे।।
जेने मोहावै ।
तेने बोहावै ।।
लेवै वो नामे।।
सीता के रामे ।
राधा के श्यामे।।
जेने मोकावै।
तेने पोखावै।।
बीजा हा जामे।
सीता के रामे ।
राधा के श्यामे।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
25/01/2025
ध्यावै जे चोला ।
पा जावै वोला ।।
सीता के रामे ।
राधा के श्यामे।।
जेने हा जानै ।
तेने हा मानै ।।
छाया हे घामे।।
सीता के रामे ।
राधा के श्यामे।।
जेने मोहावै ।
तेने बोहावै ।।
लेवै वो नामे।।
सीता के रामे ।
राधा के श्यामे।।
जेने मोकावै।
तेने पोखावै।।
बीजा हा जामे।
सीता के रामे ।
राधा के श्यामे।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
25/01/2025
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