मनविश्राम छंद विधान:- "भाभभुभाभनुया"=भगण की 5 आवृत्ति फिर नगण यगण। 211 211 211 2,11 211 111 122 कुल 21वर्ण, यति 10,11, चार चरण 2-2 समतुकांत
लालल लाललला ललला, ललल ललल लाला ।
जोहत नैन थकै नइ हे, सजन मिलन आजा ।
प्रीत लगे जबले तबले,
धिड़कत हिय बाजा।।
होत मतंग उड़ावत हे, मन हर नभ कोती ।
साज-सिंगार सिंगारत हे, नैन बरत जोती।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
25/01/2025
प्रीत लगे जबले तबले,
धिड़कत हिय बाजा।।
होत मतंग उड़ावत हे, मन हर नभ कोती ।
साज-सिंगार सिंगारत हे, नैन बरत जोती।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
25/01/2025
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