Friday, 5 December 2025

अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।

अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।

अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।
गाँव-गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

धनहा कस रउँदागे, बखरी कस गँउदागे।
रुख ऊपर बन-बदउर, काँदी जइसे छागे।।
सूरा पइधै जइसे भाँड़ी कूद ब्यारा में।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।।
गाँव-गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

बछरू कस पीपर के पान मन बेंड़ाये हे।
दूध पिया सूरा ला गाय कस  पन्हाये हे।।
उजबक मन दूध दूहत चरवाहा तारा में।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।
गाँव-गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

जब्बर ला दुबराये, आँखी गड़ियाये हे।
खुसर-खुसर के भीतर, बइठे कब्जाये हे।।
देखौ नियाव होही, कब अउ कोन धारा में।।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।
गाँव-गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

चुहकत भोगावत हें, मूड़ ऊपर बइठे हे।
पीपर पाना मन ले, खार खाय अँइठे हें।।
फेर बाँटा लेय खड़े होये बटवारा में।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।
गाँव-गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

सरबाँवट छछले हें, आये बिन बलाये हे ।
कुछ धमाल करना हे, ठान ठाने आये हें।।
बन-बदउर फुदरत परघर नेवता झारा में।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।
गाँव-गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव

06/12/25




अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।

गाँव गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

धनहा रउँदागे हे, बखरी गँउदागे हे।
उप्पर ले बनराकस, बन बदउर छागे हे।।
सूरा पइधे भाँड़ी कूद धरसा ब्यारा में।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।।
गाँव गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

बछरू हर कुरिया में जब्बर बेंड़ाये हे।
सूरापीला ला पिया गइया पन्हाये हे।।
परदेशी दूध दूहत चरवाहा तारा में।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।
गाँव गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

दू पतरी भुँइया बर, आँखी गड़ियाये हे।
झगरे उचाये अउ बइठे कबजाये हे।।
देखौ नियाव होही, कब अउ कोन धारा में।।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।
गाँव गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

बाँटा लेवैया आगे होये बटवारा में।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।
गाँव गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।

हरहा के चाल देखे, कपिला मन रोये।
आँसू के गंगा ले आँखी ला धोये।।
छेरी पठरू फुदरत हें नेवता झारा में।
अमरबेल छछले हे, पीपर के डारा में ।
गाँव गाँव चर्चा हे, चर्चा हे पारा में।।


शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव

06/12/25

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