Sunday, 30 November 2025

रुचि रुचि भोग लगावौ हे राजीवनैन,

रुचि रुचि भोग लगावौ हे राजीवनैन,
नेवता नेवत के जोहारौं मोरे राम।।
चंदन के चौंकी में बइठारौं राजीवनैन,
जेवन जेंवावौं मैं पधारौ मोरे राम।।
छप्पनभोग जेंवन राँधे हौं राजीवनैन,
जिमिकाँदा परवर जेंवौं मोरे राम।
लछमी दाई ला लानौ हो राजीवनैन ।
गरुड़ सवारी चढ़ आवौं मोरे राम।।
पिड़िया अड़सा खाजा पपची राजीवनैन,
रुचि रुचि भोग लगावौ मोरे राम।।
दुबराज भात ममहाती हे राजीवनैन,
सबला प्रसादी देवौ खावौं मोरे राम।
पान सुपारी खाके मुँह रंगौं राजीवनैन,
भक्तन के गति ला बनावौ मोरे राम ।।
शोभामोहन राजीवनैन के बियारी गावै,
किरपा छँइहा जीव राखौ मोरे राम।।

शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन
मोक्षदा एकादशी अगहन २०८२
शुभ स्थान-महुदा पाटन दुर्ग( छत्तीसगढ़) 

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