Thursday, 7 August 2025

भारतमाता जय जय जोहार ।

आकाशवाणी ले प्रसारित रचना 
भारतमाता जय जय जोहार । 

हे दिब्य भब्य तोर अंग अंग ।
अँचरा में शोभत सातो रंग ।।
लहरावत लहरा संग संग ।। 

रहिवासी जीवदल तोर भार।
भारतमाता जय जय जोहार ।। 

हरियर पिंयर तोर खेत खार।
सरभर लामे अउ नार ब्यार ।।
तहीं पोसत हस सबला संभार। 

तोर पँइया लागौं बार बार।
भारतमाता जय जय जोहार ।। 

जगमंगल बर सब तोर काम।।
जनमाय तहीं हर कृष्ण राम।
पबरित करे बर धराधाम।। 

गंगा जमुना बोहवाय धार।
भारतमाता जय जय जोहार।।
भारतमाता जय जय जोहार।। 

तोर बटलोही में भरे अन्न।
करथे सबला संतुस प्रसन्न।।
तोर कोरा कंकर अउ रतन्न।। 

लइका पिचका गुनधर गँवार।।
भारतमाता जय जय जोहार ।।
भारतमाता जय जय जोहार।। 

लछमीदाई कस तोर पाँव।
अउ सरसतिया कस गुन सुभाव।।
चन्दा कस जूड़ जूड़ मयाछाँव । 

काबा कसके रखथस पोटार ।
भारतमाता जय जय जोहार ।।
भारतमाता जय जय जोहार।। 

नदिया सरगी करधन सिंगार ।
डोंगर झरना जंगल अधार ।। 
मैं गोहनावत हौं हाँक पार।। 

कोरा रखथस अपगुन बिसार ।
भारतमाता जय जय जोहार ।।
भारतमाता जय जय जोहार ।। 

कोनो नइ पावै तोर पार ।
नइ करजा ला पावै उतार ।। 
तैं हस पबित्र तैं हस उदार । 

हावय तोर महिमा गुन अपार।
भारतमाता जय जय जोहार।।
भारतमाता जय जय जोहार ।।


शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव
07/08/2025


तोर फुलवारी सबरंग फूल । 
चंदन के जइसे तोर धूल ।।
जम्मो सुख के अस तहीं मूल।। 

जम्मो जीव रखथस फूलभार।
भारतमाता जय जय जोहार।।
भारतमाता जय जय जोहार ।।

धोवत हे समुन्दर तोर पाँव।
जगमग जगमग तोर शहर गाँव।। 
गँजमिंज गँजमिंज तोर ठाँव-ठाँव ।

रखथस पिलवा दुख बिपत टार ।
भारतमाता जय जय जोहार।।
भारतमाता जय जय जोहार ।।

बिख पीके तैं अमरित चिखाय ।
तैं वेद उपनिषद ला लिखाय ।।
जगसुःख मड़ौना ला मड़ाय ।।

देये निर्मल पबरित बिचार 
भारतमाता जय जय जोहार।।
भारतमाता जय जय जोहार ।।

गिरिराजा हे तोर रखवार।
भारतमाता जय जय जोहार।।
भारतमाता जय जय जोहार ।।
उबार
मार
सार
सिंगार 
परिवार। 

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