बेटी जनमाये दाई दुख पीरा सहिके अउ,
परघर दियेस हँकार ओ।
बेटी जनमाये दाई दुख पीरा सहिके अउ,
परघर दियेस हँकार ओ।
बेटवा ला गैया बछरु घर दुवार दिये,
बाग बगइचा खेतखार ओ।।
बेटवा ला गैया बछरु घर दुवार दिये,
बाग बगइचा खेतखार ओ।।
मइके के डेहरी ला पाँव परे बर आथौं,
पूछे जब तीजा के तिहार ओ ।
मइके के डेहरी ला पाँव परे बर आथौं,
पूछे जब तीजा के तिहार ओ ।
करूभात खाके मीठ सुरता धरके जाथौं।
चउथ के करके फरहार ओ ।
बेरा बेरा में कभू ददा भाई ला भेज देबे,
मन ला बोधाये बर हमार ओ।
सुरता में ढूलत नयनजल झड़ी दाई,
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
Tuesday, 5 August 2025
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संस्कृत राम स्तुति
शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...
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गौरी गौरा गीत जागौ जागौ गौरी गौरा, जगमग जगमग रात हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, रिगबिग करसा हाथ हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, आज देवारी के रात हो। ...
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सैनिक के गोसइन के बिरहा पिंउरी धोवाये गवन कराये चलदेस तभो हें हस लगथे, निकले होबे छोड़त मन। पिंउरी धोवाये गवन कराये, रूप झुलत उही नैन सजन...
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बइठे तरिया पार भवानी २/कर सजवन सिंगार भवानी । १/ कर सजवन सिंगार भवानी । बइठे तरिया पार भवानी ।। मुण्ड माल गर डार भवानी। सजे तोर दरबार भवान...
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