Tuesday, 5 August 2025

आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

सेना में भेजेंव तोला ।
भरोसा हावय मोला ।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

तैं हर धरती महतारी।
के करबे सेवादारी ।।
दाई के देबे करजा उतार।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

रखवार तैं जंगल झाड़ी ।
समुन्दर ऊँच पहाड़ी।।
चटकन के झन राखबे उधार।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

धरके ध्वजा तिरंगा ।
लहराबे संगी संगा।।
करबे भुँइया के जय जयकार।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव

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