Monday, 18 August 2025

दो छत्तीसगढ़ी नवा लोकगीत

लोकगीत

दुलहा बने राजा बेटा कृपा जगदीश हो।
जुग जुग जियै जोड़ी सहस बरीस हो।।

दुलहा बने राजा बेटा दूल्हादेव असीस हो।
जुग जुग जियै जोड़ी सहस बरीस हो।।

दुलहा बने राजा बेटा दाई दै असीस हो।
जुग जुग जियै जोड़ी सहस बरीस हो।।

दुलहा बने राजा बेटा ददा दै असीस हो।
जुग जुग जियै जोड़ी सहस बरीस हो।।

दुलहा बने राजा बेटा काकी दै असीस हो।
जुग जुग जियै जोड़ी सहस बरीस हो।।

दुलहा बने राजा बेटा कका दै असीस हो।
जुग जुग जियै जोड़ी सहस बरीस हो।।

दुलहा बने राजा बेटा बड़ी दै असीस हो।
जुग जुग जियै जोड़ी सहस बरीस हो।।

दुलहा बने राजा बेटा बड़ा दै असीस हो।
जुग जुग जियै जोड़ी सहस बरीस हो।।


शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन

बिहाव पाछू नदिया पूजा मंगलगीत

भर दौ असीद ले ओली जुगल माई मोर ।
भर दौ असीद ले ओली जुगल माई मोर ।

दुलरू जोरके ठाढ़े हे दसो अँगुरिया।
दुलही हाथजोरे हे अँचरा सँघरिया।।
भर दौ असीद ले ओली जुगल माई मोर ।
भर दौ असीद ले ओली जुगल माई मोर ।।

दुलरू दसाये कद पीतमरी पटुका ।
दुलही दसाये गंगा मैया मोरे लटुका ।।

भर दौ असीद ले ओली जुगल माई मोर ।
भर दौ असीद ले ओली जुगल माई मोर ।।

अटलसोहाग सुख माँगत दुल्हनिया।
अन-धन मंगल बर देदौ महारनिया।।

भर दौ असीद ले ओली जुगल माई मोर ।
भर दौ असीद ले ओली जुगल माई मोर ।।

शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन 

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