Friday, 11 July 2025

(आल्हा छन्द) धरम पूछके गोली मारे, कश्मीर घाटी झिमझाम।

पहलगांव में पाकिस्तानी क्रूर आतंकवादी घटना से उपजे रचना
आल्हा छन्द
धरम पूछके गोली मारे, कश्मीर घाटी झिमझाम।
अभी करोड़ो मारे हिन्दू, में  जुड़गे अट्ठाइस नाम।

कतका सैनिक रक्षा करही, अउ रखही कतका रखवार ।
जतका बैरी घर के भीतर, ततके बैरी सीमा पार।।

कोन बचाही कोन राखही, लिखे हवै मरना तोर भाग।
भाग सकस तौ भाग निकल जा, नइ तो जाग सकस तौ जाग ।।

तोरे घर में तोला मारत, तोला अल्लर लिज्झड़ जान।
तोरो तो दू हाथ गोड़ हे, तहूँ तमंचा फरसा तान ।।

मनखे के संग मनखे रहिथे, रक्सा संग नइ होय निभाव।
रक्सा के रक्सापन देखत, बदल तहूँ हर अपन सुभाव। ।

सभ्य संग में फबे सभ्यता, अउ असभ्य संग घूँसा लात।
जेन जेन भाषा में समझै, करौ उँकर सँग वइसे बात।।


शोभामोहन श्रीवास्तव 

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