Wednesday, 25 June 2025

कोन गाँव रहे बसे रतिहा तैं सुवना रे।

कोन गाँव रहे बसे रतिहा तैं सुवना रे।
कोन गाँव करेस बसेर रे।
समुन्द जिहाज बइठे बिगन अधार सुवा।
उड़िया के जाबे कोन देश रे।

तैं का चारा चरथस, कहाँ कहाँ बिचरथस।
बोल तो का हे तोर नाव रे।।
कोन पठोये तोला, सुघर दे रंग चोला।
अजगुत तोर सुभाव रे।।

चटक मटक तोरे आँखी पाँखी सुवना रे।।
लाली गुलाली तोरे ओंठ रे।
कोने नाव जपथस, अउ जग खपथस।
आगी में मगन लहलोट रे।

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