बसे भारत में पाकिस्तान
बँटवारा में मुस्लिम मन ला, मिलगे पाकिस्तान। अउ हिन्दू मन अपने घर में, होगे कुकुर समान।।
वाह रे भारत के संविधान।
बसे भारत में पाकिस्तान।।
कोरी खरिखा पीला फोरत, बोझ बढ़ावत देश।
ठाँव ठाँव में कब्जा करके, बइठे बने विशेष।।
वक्फ करत सरकारी भुँइया, लूटत हिन्दू स्थान ।।
वाह रे भारत के संविधान।
बसे भारत में पाकिस्तान।।
बांग्लादेशी अउ रोहिग्या, इहाँ छावनी छाय।
राशन कार्ड अधार बनाके, वोट बैंक बन हाय।।
वोट लेवैया भौं नइ देवत, अउ नइ देवत कान।।
वाह रे भारत के संविधान।
बसे भारत में पाकिस्तान।।
घरघर ले अफजल निकलत हे,घरघर ले लादेन ।
आँखी रहिके वो हे अँधरा, देखत नइ हे जेन ।।
खेत बगइचा घर दुवार में, माते हे उदियान।।
वाह रे भारत के संविधान।
बसे भारत में पाकिस्तान।।
गंधासुर मन गंध मचा दिन, गंदा पानी छेंक।
राजनीति अउ घाव खोधरिन, स्वारथ रोटी सेंक।।
माड़ी मोड़े विवश कर डरिन, भारत देश महान।
वाह रे भारत के संविधान।
बसे भारत में पाकिस्तान।।
कोट कछेरी करत दलाली, अपराधी ला छोड़।
अपने घर में अब हिन्दू के, उसलत हावय गोड़।।
कोन सिरजही कोन बचाही, पाछू परे सब प्रान।।
वाह रे भारत के संविधान।
बसे भारत में पाकिस्तान।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
संस्कृत राम स्तुति
शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...
-
गौरी गौरा गीत जागौ जागौ गौरी गौरा, जगमग जगमग रात हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, रिगबिग करसा हाथ हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, आज देवारी के रात हो। ...
-
सैनिक के गोसइन के बिरहा पिंउरी धोवाये गवन कराये चलदेस तभो हें हस लगथे, निकले होबे छोड़त मन। पिंउरी धोवाये गवन कराये, रूप झुलत उही नैन सजन...
-
बइठे तरिया पार भवानी २/कर सजवन सिंगार भवानी । १/ कर सजवन सिंगार भवानी । बइठे तरिया पार भवानी ।। मुण्ड माल गर डार भवानी। सजे तोर दरबार भवान...
No comments:
Post a Comment