Sunday, 2 June 2024

तोला टमड़न कोन बचन मा ?

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तोला टमड़न कोन बचन मा ? 


तीनलोक चउदहो भुवन मा 


जोगी साधू तापस तन मा। 


गुरुपन माँझा अउ लघुपन मा 


गोठ बात विग्यान बचन मा । 


झगरा झाँसा के अरझन मा । 


जिभिया के फरकन थिरकन मा । 


प्रकृति भर बगरे जड़पन मा । 


सब चेतन के हलन चलन मा । 


रीस दुख अड़कन भड़कन मा । 


बुधियारा के चालचलन मा । 


अड़हा के व्यवहार बरन मा । 


मया दया अउ दुख तड़पन मा । 


राग रोग रग रग बगरन मा ।। 


अमरित धरसा गोड़ धरन मा । 


तोर मोरपन के मिंझरन मा । 


हान लाभ जय बिजय चरन मा । 


इन्द्रिय तन्तु बिषय छुअन मा । 


कारन कारज जगत भुवन मा । 


कटकटात चिंतन के वन मा । 


आगम निगम पुरान रटन मा । 


रसरसहा जर ताप बिघन मा । 


विजय वाध्य थिरकन नरतन मा । 


दुर्घट तर्क बितर्क करन मा । 


अकल तत्व छिन भर दरसन मा 


रस रंझाझर बुड़े भवन मा । 


शोक बियाकुल जग कुटियन मा । 


कस्तूरी धरके भटकन मा। 


बेरा के रटफट चटकन मा । 


परम पुरुख तँय जब कन-कन मा। 


तोला टमड़न कोन बचन मा । 


शोभामोहन श्रीवास्तव

१४/०२/२० 

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