Saturday, 2 March 2024

काला ले जाबे धर के(राग ठुमरी खमाच )●

काला ले जाबे धर के(राग ठुमरी खमाच )●

महल अटारी पिया पियारी।
खेती बारी धन रोजगारी।।
हाड़ा हपट दरर के ।
काला ले जाबे धर के ।।

हाड़ माँस बहत नदी धरनी।
काया तोर बिकट बैतरनी।।
पार लगा कुछु कर के।
काला ले जाबे धर के।।

नता लमेरा जीव उडे़रा।
सपना के ये उतरे घेरा।।
बगरत जही उझर के।
काला ले जाबे धर के ।।

होवय भल ते होय छमन्छल।
शोभामोहन नाम जपत चल।।
काल लेगही सुरर के।
काला ले जाबे धर के।।

शोभामोहन श्रीवास्तव
१४/०५/२०२१●काला ले जाबे धर के(राग ठुमरी खमाच )●

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