Tuesday, 27 February 2024

छत्तीसगढ़ी बिहावगीत पांडुलिपि

छत्तीसगढ़ी बिहावगीत पांडुलिपि 


सिया जू बिहतरा के मड़वा


सिय जू बिहतरा के मड़वा,बड़ सुहावत हावय। 

जनक के राज महलिया, मन भावत  हावय।। 


हरियर भिरहा के बाँस मँगाये राजा। 

जनकपुरी सजत, बजत मंगल बाजा।। 

सरग ले उतरे सुवासिन, मंडप लानत 

हावय। 

सिय जू बिहतरा के मड़वा,बड़ सुहावत हावय। 


चारो बहिनी ला धर, अँगरी चलावैं । 

तेल हरदी चुपर हाँसै गोठियावै ।। 

नहडोरी नेंग होत अँगना,तिय नहवावत हावय। 

सिय जू बिहतरा के मड़वा,बड़ सुहावत हावय। 


चिकट मा ठाढ़े राजा जनक सुनैना। 

सब कुँवरी सुघर हावय फूलकैना।। 

द्वार बजत बाजा गड़वा,जीव हरसावत हावय। 

सिय जू बिहतरा के मड़वा,बड़ सुहावत हावय। 


शोभामोहन छबि सिय बसाये । 

अजगुत रूप गुन कहि नइ पाये।। 

सिय जू बिहतरा के मड़वा,बड़ सुहावत हावय। 

सिय जू बिहतरा के मड़वा,बड़ सुहावत हावय। 


शोभामोहन श्रीवास्तव 




(बिहाव लोकगीत)  


(बर तरी खड़े हे धुन) 



दुलरू बरतिया सँवर बन,  


चलत हें दुलही बिहाय। 


झूले झूलमउर खापे झलमल,  


पागा में कलगी खोंचाय।। 



राजा कस दूल्हा दुलरुवा,  


अँगना मउर सँउपाय। 


डीठ उतारत ममादाई,  


नजरिया झन तो लगि जाय।। 



कद चुक चुटुकपिंयर रंग,  

सोनजरी धोती के कोर। 

माथतिलक टीका दमकत, 

लहरात उमंग हिलोर।।



शोभामोहन श्रीवास्तव  


१२/०६ /२०२२  


महुदा  


बिदाई गीत छत्तीसगढ़ी  


( बेटी के कलकुत) 



लालाला लालालाला लालाला लालालाला 


लालाला लालालाला लाल हो। 



मइके के मया दया कइसे भुलाहूँ दाई। 


भेजत हौ मोला ससुरार हो।  


सोनहा हिंडोलना मा कतको झुलाही तभो। 


दुख पाही जिवरा हमार हो।  


सोना के सीत्था भले जेंवन कराही जोंही।  


सुरता आही तोर दुलार हो। 


अक्ती मड़वा चुकिया पोरा खेले संगी।  


छूटत घर अँगना दुवार हो। 


घेरी बेरी सुरता के बदरी छवाही घन। 


बोहाही अँसुवन के धार हो।।  


तिरिया के जन्म बिधाता काबर दिये होही। 


सहे बर दुख ला अपार हो।।  


शोभामोहन  


१८/११/२०२१ 


बिहतरा गीत (लोकगीत) 



रामजी बदन सोहत पट पीताम्बरी हाँ हाँ जू 


सिया जू ला लहरबटोर लुगरिया।।  


रामजी के कुंडल तिलक लकालक हाँ हाँ जू 


सिया जू मुँदरी नग बरत हें अँगुरिया।।  


रामजी धनुष धरे मड़वा बइठे, हाँ हाँ जू 


सिया जू संभारत झलमल अँचरिया।।  


रामजी मड़वा बइठे मुचमुच मुचकत, हाँ हाँ जू 


सिया जू लजावत गड़ियावत नजरिया।।  


राम जू अवधपति कौशल्या के बेटवा हाँ हाँ जू 


सिया जू जनक अउ सुनैना के पुतरिया।। 



शोभामोहन  


०९/०६/२०२ 


महुदा 


बेटी बिदा (छ. ग. बिहावलोकगीत) 



(बर तरी खड़े हे बरतिया लोक धुन) 



सात तोरा सेंदुर सातबचन आजे,  

लिख दिस भाग कपार।  

सिंघोलिया दोना हँथवा नरियर,  

धर चल जाबे ससुरार ।। 



ददा भाई बहिनी रोवत हे,  

अउ दाई खावत पछाड़।  

सुसकत गड़ी गिंया सगा सोदर,  

बिदा माँगे दुलरु हो ठाढ़।। 



शोभामोहन श्रीवास्तव  


१२/०६ /२०२२  


महुदा

४/बिहाव गीत 


ऊँच ऊँच महल टेकाये तैं तो राजा ददा।

बींच बीच खिरखी लगाय गो।

तेकरे बरेंडी बइठे बोलत हे सुवना,

मगन प्रभु के गुन गात गो।। 


हरदी छिटका छिचे भेजे पाती बड़ दूर।

लिख तोरे समधी के नाम गो।

पाती ला पढ़ वो तो आहीं बिहाये बर,

बेटवा के धरके बरात गो।। 


नइ माँगो सोना चाँदी धन अउ धोगानी,

करे बर कही कैनादान गो।

बाजा धिड़कावत बहुरहीं बरतिया,

सुआ जाही आँसू चुचवात गो।। 


शोभामोहन

०१/१२/२०२१

(बिहावगीत) बर रूप बखान


बर मूड़ी सतरंग पागा लहरिया,

माथ मउरिया खपाय, हाँ हाँ जूँ।

कद पिंउरी सुघर चटक मटक जरी,

धरहा कटारी ओरमाय, हाँ हाँ जू।

काजर अँजाये दूनो नैना बरत कस,

सरभर अतर छिचाय, हाँ हाँ जू।

मउर के कलगी पवन संग फहरत,

टकत मोती मन भाय, हाँ हाँ जू।

दाँत पाँत दरमीदाना असन दमकत,

मुचुर मुचुर मुस्काय, हाँ हाँ जू।

मउर ले झाँकत दीपदीपात मुँहरन,

दुलही बिहाये बर आय, हाँ हाँ जू।


शोभामोहन

११/०५ /२०२३

(बिहावगीत) बरदी अकन समधी लानेव बरतिया।



कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।

कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।


कहँवा बिठावन कहँवा सुतावन।

कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।

बरदी कस समधी लानेव बरतिया।

कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।


कइसे खवावन अउ कइसे पियावन।

कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।

बरदी कस समधी लानेव बरतिया।

कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।


कइसे मनावन अउ कइसे पथावन।

कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।

बरदी कस समधी लानेव बरतिया।

कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।


शोभामोहन

१/बरात बिहावगीत


कन्या पक्ष समधी

के दल लाने हौ बराती ला हाँ जू।

के दल लाने हौ बराती ला हाँ जू।।

वर पक्ष समधी

सौ दल लाने हौं बराती ला हाँ जू।

सौ दल लाने हौं बराती ला हाँ जू।।

कन्या पक्ष समधी

के दल लरिकन के दल समधी सजन।

के दल लाने हौ बराती ला हाँ जू।

वर पक्ष समधी

दस दल लरिकन दस दल समधी सजन।

सौ दल लाने हौं बराती ला हाँ जू।

कन्या पक्ष समधी

के दल बुढ़िया के दल बुढ़वा।

के दल लाने हौ बराती ला हाँ जू।

वर पक्ष समधी

दस दल बुढ़िया दस दल बुढ़वा।

सौ दल लाने हौं बराती ला हाँ जू।

कन्या पक्ष समधी

के दल नचनिया के दल बजनिया।

के दल लाने हौ बराती ला हाँ जू।

वर पक्ष समधी

दस दल नचनिया दस दल बजनिया।

सौ दल लाने हौं बराती ला हाँ जू।

कन्या पक्ष समधी

के दल लेठवा के दल लगवारे।

के दल लाने हौ बराती ला हाँ जू।

वर पक्ष समधी

दस दल लेठवा दस दल लगवारे।

सौ दल लाने हौं बराती ला हाँ जू।


शोभामोहन

११/०५/२०२३

लगै दुलही झमाझम


हरदीरंग लुगरा

कुसुमरंग चुनरी

अँचरा चटख चटकार रे।

लगै दुलही झमाझम।।

झालरदार करधन।

सोनहा मोठ गुलबंद।।

चिकमिक लड़ी जोरदार रे।

लगै दुलही झमाझम।।

केसरनग नथली।

गुलापीरंग नग मुँदरी।

रुनझुन पैजनिया झंकार रे।

लगै दुलही झमाझम।।


शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव 


आजो बारी मा गोंदा फूले हे।


आजो बारी मा गोंदा फूले हे।

भौंरा डारा में झूला झूले हे।।

हे झकोरत पवन, आज बहके असन।

भाग हमरो लगत हे खुले हे।

आजो बारी मा गोंदा फूले हे।

चंदापुन्नी असन, झिलमिलावत बदन।

देख चोला मरे बर तुले हे।

आजो बारी मा गोंदा फूले हे।


शोभामोहन


गौंतरिहा पिया घर बहुरे हे 


कलश सजा फूलहार बनावौं।

कलश सजा फूलहार बनावौं।  

पानी ओइछौं भीतर लावौं।। 

पानी ओइछौं भीतर लावौं।।  


गौंतरिहा मोर घर बहुरे हे। 

गौंतरिहा मोर घर बहुरे हे। 


पंच डंडा पुर चउँक बनावौं।। 

पंच डंडा पुर चउँक बनावौं।। 

रोरी टीका माथ लगावौं।। 

रोरी टीका माथ लगावौं।। 


गौंतरिहा पिया घर बहुरे हे। 

गौंतरिहा पिया घर बहुरे हे।  


दियना बारौं मंगल गावौं। 

दियना बारौं मंगल गावौं। 

पाँव पखारौ जेंवन जेंवावौ। 

पाँव पखारौ जेंवन जेंवावौ। 


गौंतरिहा पिया घर बहुरे हे। 

गौंतरिहा पिया घर बहुरे हे।  


शुभ चन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव 

रायपुर छत्तीसगढ़ 

मों 9171096309


सजन तोर रद्दा निहारौं हो 

सिंगार लोकगीत (दादरा)  


साज के सोलहो सिंगरिया, 

सजन तोर रद्दा निहारौं हो।। 

साज के सोलहो सिंगरिया, 

सजन तोर रद्दा निहारौं हो।। 


लाली लहरिया लुगरिया, 

पहिन तोर रद्दा निहारौं हो।।   

लाली लहरिया लुगरिया,

पहिन तोर रद्दा निहारौं हो।।  

 

चाँदी के ऐंठी में लाली के चुरिया।

चाँदी के ऐंठी में लाली के चुरिया।

लाली चुरिया हाँ लाली चुरिया। 

लाली चुरिया हाँ लाली चुरिया। 

पाँव में लिख के महुरिया, 

सजन तोर रद्दा निहारौं हो।। 

पाँवे मा लिखेंव महुरिया, 

सजन तोर रद्दा निहारौं हो।। 


सोनहासूता सुर्रा रुपियामाला। 

सोनहासूता सुर्रा रुपियामाला । 

सुर्रा रुपियामाला सुर्रा रुपियामाला। 

सुर्रा रुपियामाला सुर्रा रुपियामाला।। 

कनिहा कसे करधनिया, सजन चल गिंजरन जाबो हो । 

कनिहा कसेंव करधनिया, 

सजन तोर रद्दा निहारौं हो।। 


बिछिया चुटकी छुनुर छुनुर पैजनिया।

बिछिया चुटकी अउ छुन छुन पैजनिया।

छुनछुन पैजनिया हाँ छुनछुन पैजनिया। 

छुनछुन पैजनिया हाँ छुनछुन पैजनिया। 

झुमका झकास झूलनथनिया, पहिन तोर रद्दा निहारौं हो।

झुमका झकास झूल नथनिया, पहिन तोर रद्दा निहारौं हो। 


शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव

मो.  91710 96 309।

सैनिक के गोसइन के बिरहा




पिंउरी धोवाये गवन कराये



चलदेस तभो हें हस लगथे, 


निकले होबे छोड़त मन। 




पिंउरी धोवाये गवन कराये, 


रूप झुलत उही नैन सजन।।



जगमग जोगनी लुकलुक ले, 


सुरता चुँदरी ओढ़त मन।



कहत आसरा झन थक बिरहिन, 


दरस सधौरा जोर जतन।। 



आमा मउरत फेर सँघरबो, 


सुरता बीजा बोंवत घन। 



जंगल झाड़ी मरुथल राखत, 


भुला गये घर गाँव अपन।



देशराज रखवार शिरोमनी, 


साँस करत तोर नाव जपन।



शोभामोहन 


०९/११/२०२२


महुदा

(बिहावगीत) बर रूप बखान


बर मूड़ी सतरंग पागा लहरिया,

माथ मउरिया खपाय, हाँ हाँ जूँ।

कद पिंउरी सुघर चटक मटक जरी,

धरहा कटारी ओरमाय, हाँ हाँ जू।

काजर अँजाये दूनो नैना बरत कस,

सरभर अतर छिचाय, हाँ हाँ जू।

मउर के कलगी पवन संग फहरत,

लटकत मोती मन भाय, हाँ हाँ जू।

दाँत पाँत दरमीदाना असन दमकत,

मुचुर मुचुर मुस्काय, हाँ हाँ जू।

मउर ले झाँकत दीपदीपात मुँहरन,

दुलही बिहाये बर आय, हाँ हाँ जू।


शोभामोहन

११/०५ /२०२३



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