Tuesday, 27 February 2024

सबो दिरिस तोरे जस गाये


 ५/सबो दिरिस तोरे जस गाये



हर मुहरन में तहीं लुकाये । 

सबो दिरिस तोरे जस गाये ।। 


भिनसरहा रक्तालाली मा ।

मंँझन छन बुलकत जाली मा ।।

झूलफुलहा के खुशियाली मा ।

आज परनदिन अउ काली मा ।।

तोर होय के ढंग जनाये ।

हर मुहरन में तहीं लुकाये1/ 

सबो दिरिस तोरे जस गाये ।। 



चंदा तारा जुड़वासा मा ।

चित अउ पट दूनो पासा मा।।

सुनता बिमता के बासा मा ।

अनचिन्हार रहिके साँसा मा।। 

निचट कलेचुप तँही समाये ।। 

हर मुहरन मा तहीं लुकाये।।..2/ 

सबो दिरिस तोरे जस गाये ।। 




गमकत भुँइया फूलवारी मा ।

बेरा के पहरादारी मा ।।

अटलसोहागी सिंगारी मा।

रेफ सोनहा उजियारी मा।।

सरभर सुघरइ तहीं बसाये। 

हर मुहरन मा तँही लुकाये ।।...3/

सबो दिरिस तोरे जस गाये ।। 





शोभामोहन श्रीवास्तव 


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