Tuesday, 27 February 2024

काल बता के तो नइ आवै

काल बता के तो नइ आवै 


सबो मरे बर जनमे हावै।

काल बताके तो नइ आवै।।


आँखी बाँधे टोपा प्रानी ।

हे फँदाय चौरासी घानी।।

गिंजरत अँखमुन्दा मनमानी।।

जबर बात नइ होत गलानी।।

ठलहा बइठे आल्हा गावै।

काल बताके तो .....1/ 


जीव जगत के नता रुँधाये।

बिन डोरी-डाँवा छंदाये।।

बंधन बारिक अगम जनावै। 

बिरला कोनो जाने पावै।।

बाँचे भेंड सरीख झपावैं।

काल बता के तो.....2/ 


शोभामोहन श्रीवास्तव 

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