Thursday, 29 June 2023

बइठे गुनत चिरैया जोंही

बइठे गुनत चिरैया जोंही

१/
काटत रुखवा बेंचत डोली
ठउर नहीं हे मूँड़ लुकाय ।
बइठे गुनत चिरैया जोंही,
कोन डहर अब जाये जाय।।
2/
जेन डहर मनखे जावत हे,
मुड़ियामेट करत हे हाय।
अपन टेकावत महल अटारी,
लेबत हावय सबके हाय ।।
3/
गाँव डहर के पैडगरी मे,
शहर डहर के पुरवा आय।
रोग काय हे जानत नइ अउ,
अंते-तंते दवा बताय।
4/
आये हवय गरेरा अइसन,
दुबकत जम्मो जीव डर्राय।
बर पीपर के जर उसलत हे,
नानमून के गिनती काय।।


शोभामोहन श्रीवास्तव 

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