(बिहावगीत) बरदी अकन समधी लानेव बरतिया।
कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।
कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।
कहँवा बिठावन कहँवा सुतावन।
कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।
बरदी कस समधी लानेव बरतिया।
कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।
कइसे खवावन अउ कइसे पियावन।
कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।
बरदी कस समधी लानेव बरतिया।
कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।
कइसे मनावन अउ कइसे पथावन।
कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।
बरदी कस समधी लानेव बरतिया।
कइसे करन सत्कार ला हाँ जू।
शोभामोहन
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
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संस्कृत राम स्तुति
शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...
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