Friday, 12 May 2023

लोकगीत चार दिन बर मइके जावन दे सजन मोला।

चार दिन बर मइके जावन दे सजन मोला।

चार दिन बर मइके जावन दे सजन मोला।
मइके के सुरता बड़ आत।
बिहनिया ले गोड़ खजुवात।।

जेन दिन जाहूँ थीराहूँ जुड़ाहूँ।
भाई ददा मुहरन हिरदे बसाहूँ।।
बहिनी ले करहूँ दू बात।।
मइके के सुरता बड़ आत।
बिहनिया ले गोड़ खजुवात।।
चारे दिन बर मइके जावन दे सजन मोला।
मइके के सुरता बड़ आत।
बिहनिया ले गोड़ खजुवात।।

दूसर दिन मिलहूँ काकी बड़ी ले।
तीसर दिन मिलहूँ गिंया गड़ी ले।।
चौथे दिन आहूँ लगिहात।
मइके के सुरता बड़ आत।
बिहनिया ले गोड़ खजुवात।।
चार दिन बर मइके जावन दे सजन मोला।
मइके के सुरता बड़ आत।
बिहनिया ले गोड़ खजुवात।।


शोभामोहन
12/05/2023

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