अब्बड़ सुरता
काबर आथस ।
बिगन पियाये
मंद व मउहा
काबर अतका बोल
मताथस
तोर संग के
रंग चुटुक ले
चढ़े हवय अउ
तैं बिसराथस
अब्बड़ सुरता
काबर आथस
तोर दरस बर
तोर परस बर
जीव छुटत अउ
तैं मिटकाथस
गीत रूचै तब
हाथ ल चूमस
सुरता आ आ बुध
छरियाथस
शोभामोहन
श्रीवास्तव
खुश्बूविहार
कालोनी पाहँदा
१२/०७/२०२०
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