शोभामोहन के सुआगीत
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।
घर के पिछोती में आमा के रुखवा रे तरी नारी ना।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।
तेकर डंगाली मा सुगना तोर बासा रे तरी नारी ना।।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।
संझा बिहिनिया मंझनिया के संगी तहीं तरी नारी ना।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।
गुर के भेला जइसे सुगना तोर बोली रे तरी नारी ना।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।
अँगना परछी खोली बाहिर दुनिया सुवना तरी ना रे ना।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।
सोना के पिंजरा मा जीव छटपटाथे सुआ रे तरी नारी ना।।
तरी ना रे नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ ना रे।
तरी नारी नाना रे ना।
शोभामोहन
१६/१२/२०२१
पाटन
[17/12/2021, 18:37] Shobhamohan Shrivastava: २/ *सुआगीत अभ्यास*
तरी नारी नाना रे नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी ना नारी ना!!!
ना रे सुआ हो तरी नारी ना नारी ना!!!!!!!
अँगना के बीचोबीच तुलसी के चँवरा,
तुलसी के चँवरा रे सुआ हो।
रिगबिग दियना अंँजोर।
ना रे सुआ हो रिगबिग दिया अंजोर।
दुसौंधिया बेरिया हरि भजन बेरिया,
भजन कर बेरिया रे सुआ हो।
हरि रंग रंगा मन तोर।।
ना रे सुवा हो हरि रंग रंगा मन तोर।।
तरी नारी नाना रे नाना रे नाना रे सुआ हो
तरी नारी ना नारी ना!!!
ना रे सुआ हो तरी निरी ना नारी ना!!!!!!!
शोभामोहन
१७/१२/२०२१
[22/12/2021, 15:03] Shobhamohan Shrivastava: *बिरहा सुआगीत*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*बड़ दिन होगे पिया गये परदेस मोरे, गये परदेस मोरे सुआ हो।*
*भेजत मोबाइल म संदेस।*
*ना रे सुआ हो भेजत मोबाइल म संदेश।।*
*तरसत आँखी मोर पिया के दरस बर, पिया के दरस बर सुआ हो,*
*बढ़त हे मन मा कलेस।।*
*नारे सुआ हो बढ़त हे मन मा कलेस संदेस।*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*पूस महीना में ओस झरत झर झर ओस झरत झर झर रे सुआ हो।*
*सुरता मा मन अइलात।*
*ना रे सुआ हो सुरता मा मन अइलात।*
*अमुवा के डारी बैरी रिंगीचिंगी मउरे रे रिंगीचिंगी मउरे रे सुआ हो।*
*धरत टिकोरा गहदात।।*
*ना रे सुआ हो धरत टिकोरा गहदात।*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो।*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*आवत आवत पिया हमर बिलमगे, पिया हमर बिलमगे रे सुआ।*
*अगोरत आँखी पथरात।*
*ना रे सुआ हो अगोरत आँखी पथरात।*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो।*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*शोभामोहन*
*२२/१२/२०२१*
[22/12/2021, 17:53] Shobhamohan Shrivastava: *तिरिया महिमा सुआगीत*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*तिरिया जनम मिले सुख सिरजाय बर, सुख सिरजाये बर, सुआ हो।*सुघर सजाये परिवार।*
*ना रे सुआ हो सुघर सजाये परिवार।।*
*बिटिया बहुरिया के रूप मा सँउहत लछमी, रूप मा सँउहत लछमी, सरग ले उतरै घर दुवार।।*
*नारे सुआ हो सरग उतरै घर दुवार।*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*तुलसी के दल कस पबरित सबदिन, पबरित सबदिन सुआ हो*करै कुल वंश बढ़वार।*
*ना रे सुआ हो करै कुल वंश बढ़वार।*
*तिरिया घरधारन तिरिया कुलतारन, तिरिया कुलतारन रे सुआ हो। तिरिया जगत के अधार।*
*ना रे सुआ हो तिरिया जगत के अधार।*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो।*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*शोभामोहन*
*२२/१२/२०२१*
[23/12/2021, 13:39] Shobhamohan Shrivastava: दूसर प्रकार के सुआगीत
सुआगीत (गौरी गौरा)
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना,
इसरदेव बम भोले।
गौरी ला जावत बिहाये इसरदेव बम भोले।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना,
इसरदेव बम भोले।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना,
इसरदेव बम भोले।
गौरी गौरा ल जगाबो माटी के सुआ बोले।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना,
इसरदेव बमभोले।
भूतवा परेतवा के संगी गोसैया,
इसरदेव बम भोले।
चंदा उजाला मुड़ बिखहर माला,
छबि ला देख मन डोले।
तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना,
इसरदेव बमभोले।
शोभामोहन
२३/१२/२०२१
[27/12/2021, 20:44] Shobhamohan Shrivastava:
*तिरिया महिमा सुआगीत*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*तिरिया जनम मिले सुख सिरजाय बर, सुख सिरजाये बर, सुआ हो।*सुघर सजाये परिवार।*
*ना रे सुआ हो सुघर सजाये परिवार।।*
*बिटिया बहुरिया के रूप में छाहित लछमी, रूप में छाहित लछमी, सरग ले उतरै घर दुवार।।*
*नारे सुआ हो सरग उतरै घर दुवार।*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*तुलसी के दल कस पबरित सबदिन, पबरित सबदिन सुआ हो*करन कुल वंश बढ़वार।*
*ना रे सुआ हो करै कुल वंश बढ़वार।*
*तिरिया घरधारन तिरिया कुलतारन, तिरिया कुलतारन रे सुआ हो। तिरिया जगत के अधार।*
*ना रे सुआ हो तिरिया जगत के अधार।*
*तरी नारी नाना मोर नाना रे नाना रे सुआ हो।*
*तरी नारी नाना रे ना।।*
*ना रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।*
*शोभामोहन*
*२२/१२/२०२१*
[11/1, 07:25] Shobhamohan Shrivastava: (चलती ताल म)
कोइली कुहकत है डार मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
पहिली गवन के मोर लुगरा हे लाली,
कोइली कुहकत हे।
पिंवरी धोवाये आही पिया काली,
कोइली कुहकत हे।
कोइली कुहकत है डार मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
छूटत भाई ददा बहिनी महतारी,
कोइली कुहकत हे।
छूटत ननपन के संगी संगवारी,
कोइली कुहकत हे।
कोइली कुहकत है डार मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
शोभामोहन
अब ठीक हे का तुलेश्वरी बहन🙏💐
[11/1, 23:41] Shobhamohan Shrivastava: (चलती ताल म)
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना
कोइली कुहकत है बाग मा सुआ ना,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना
नवा गवन के मोर लुगरा हे लाली,
कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना
पिंवरी धोवाये आही पिया काली,
कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना
कोइली कुहकत है बाग मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना
छूटत भाई ददा बहिनी महतारी,
कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना।
छूटत ननपन के संगी संगवारी,
कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना।
कोइली कुहकत है बाग मा,आमा के डार कोइली कुहकत हे।
तरी ना रे ना मोर नाना, मोर सुआ ना।
तरी ना री ना मोर ना ना।
शोभामोहन
🙏💐
[12/1, 00:11] Shobhamohan Shrivastava: सुआगीत
तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना
तरी ना रे ना ना ना ना।
हाँ सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।
बेटी के धर्म निभाये सिखोथे, रमायन हर।
गोसइन धर्म निभाये सिखोथे, रमायन हर।।
हाँ सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।
तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना
तरी ना रे ना ना ना ना।
भाई के धरम निभाये सिखोथे, रमायन हर।
सेवा के धर्म निभाये सिखोथे, रमायन हर।
हाँ सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।
तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना
तरी ना रे ना ना ना ना।
भरत कस राजबैराग सिखोथे रमायन हर।
मनखे के जगाये भाग सिखोथे, रमायन हर।।
हाँ सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।
तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना
तरी ना रे ना ना ना ना।
लछमन जइसे तियाग सिखोथे, रमायन हर।
शबरी कस करे अनुराग सिखोथे, रमायन हर।
हाँ सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।
तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना
तरी ना रे ना ना ना ना।
केंवट कस करे मितानी सिखोथे, रमायन हर।
रघुबर कस करे सियानी सिखोथे, रमायन हर।
हाँ सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।
तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना
तरी ना रे ना ना ना ना।
बने हनुमत कस बजरंगा सिखोथे, रमायन हर।
मन ला करे पबरित गंगा सिखोथे, रमायन हर।
हाँ सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।
तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना
तरी ना रे ना ना ना ना।
धर्म अधर्म पहिचाने सिखोथे, रमायन हर।
मनखे ला उठे ऊँचाने सिखोथे, रमायन हर।
हाँ सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।
तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना
तरी ना रे ना ना ना ना।
जटायु जइसे पुरसारथ सिखोथे, रमायन हर।
तजे अपन सुख स्वारथ सिखोथे, रमायन हर।
हाँ सिखोथे ओ बहिनी जिनगी जीये बर रमायन हर।
तरी ना री नाना मोर ना ना मोर सुआ ना
तरी ना रे ना ना ना ना।
शोभामोहन
११/०१/२०२२
तरी नारी ना ना मोर नाना रे ना ना
रे सुआ हो तरी नारी ना ना रे ना।
रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना
कठवा ला घुन्ना खावै, जग पतियाय।
ना रे सुआ हो, मन घुन्ना कोने ला जनाय।
तरी नारी ना ना मोर नाना रे ना ना
रे सुआ हो तरी नारी ना ना रे ना।
रे सुआ हो तरी नारी नाना रे ना।
[30/1, 00:36] Shobhamohan Shrivastava:
छत्तीसगढ़ी लोकछंद
तोर लुगरा मा कतको चंदैनी चटके।
चंदैनी चटके चंदैनी चटके।
तोर बेनी में जाके मन मोर लटके।
मन मोर लटके मन मोर लटके।
शोभामोहन श्रीवास्तव
११ /०६ /२०२२
जुग जियौ जोड़ी जुगल, इही असीद हमार।
मया दया घर तुँहर हो, भरे पूरे भंडार।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
११ /०६ /२०२२
महुदा
कम संख्या में खाव सेवैइया
ज्यादा हुए तो गर्दन साफ।।
अब्बे मिया तलब्बे मिया,
स्वीट आतंकी मफलरलाल।
छाती पर बुलडोजर मार।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
मन परपंची खेल रचा के,
प्रभु कति चेत न जावन देवै।
गोठ बने गिनहा कर छाँटत
चेत नहीं सोझियावन देवै।।
सुख मुहटा के फरिका मुँदै,
दुख ला बेलूज्जर आवन देवै।
मैं न मरौं मरही ये चोला।
पाँच जिनिस के छिनभंगुरा तन, उतरे भुँइया डोला।
मैं न मरौं मरही ये चोला।
आये हौं चौरासी चक्कर, काटे बर जग टोला।
मैं न मरौं मरही ये चोला।
ऋखि मुनि तरगें संत तरगें, अँवतर धरती गोला।
मैं न मरौं मरही ये चोला।
घाट घाट के पानी पीके, आज बतावौ तोला।
मैं न मरौं मरही ये चोला।
शोभामोहन श्रीवास्तव
१२ /०६ /२०२२
महुदा
लालल लालल लालल लालल लालल लालल लालल लाला
देश बढ़े इतिहास रचे बस, सोच रहे दिन रात नरेन्दर।
चीन व पाक धड़ाम गिराकर, यू एस नापत सात समंदर।
कोटि दलाल हलाल करे जिय, और नचात बनाकर बंदर।
देशबिरोध करे उनको अब, जेल बना रहे अंदर।
शोभामोहन श्रीवास्तव
१२ /०६ /२०२२
महुदा
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