हे गोकुल के ग्वाला (सारछंद दसपदी)
गोपी-ग्वाला गउरखवाला, नटवर नैनउजाला।
धेनुचरैया दूधदुहैया, लउठी-खुमरी वाला।।
कहूँ बँधैया कहूँ धँधैया,गगरीफोर भगैया।
उधममचैया खेलरचैया, सुकुवाउवत जगैया।।
तालाबेली सखीसहेली, संगमचुलुक बढ़ैया।।
चीरचुरैया कदमचढ़ैया, ग्वालिन पाठपढ़ैया ।
उखलबंँधैया लाहोलेवैया, सुंदरकिशन दँवैया।।
इन्द्रहरैया गरबमिटैया, गोवर्धन उपकैया।।
कृष्णकन्हैया रधियासैंया, परमानंदसिरजैया।
भक्तिजगैया मोहमिटैया,
बंधनजगतकटैया।
मदनगुपाला रूपनिराला, प्रियतम नवलकिशोरी।
रसबरसैया मनहरसैया, गोकुल ग्वालिनगोरी।।
बेनुबजैया नींदउड़ैया, कुंजलता बनमाली।
नाचनचैया रासरचैया, पबरितपरम ओदाली।।
दाऊभैया नागनथैया, कालीदाह कुदैया।।
माथासाजू भुजबंदबाजू, पैजन पाँवभँदैया।।
मुकुटसजैया तिलकलगैया, गर बैजंतीमाला।
पापभरे हौं सरनपरे हौं, हे गोकुल के ग्वाला।।
बड़ेलड़ैया चक्रचलैया, अर्जुन रथहाँकैया।
शोभामोहन अउ भटकै झन, भवदहराबुलकैया।
शोभामोहन
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
संस्कृत राम स्तुति
शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...
-
गौरी गौरा गीत जागौ जागौ गौरी गौरा, जगमग जगमग रात हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, रिगबिग करसा हाथ हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, आज देवारी के रात हो। ...
-
सैनिक के गोसइन के बिरहा पिंउरी धोवाये गवन कराये चलदेस तभो हें हस लगथे, निकले होबे छोड़त मन। पिंउरी धोवाये गवन कराये, रूप झुलत उही नैन सजन...
-
बइठे तरिया पार भवानी २/कर सजवन सिंगार भवानी । १/ कर सजवन सिंगार भवानी । बइठे तरिया पार भवानी ।। मुण्ड माल गर डार भवानी। सजे तोर दरबार भवान...
No comments:
Post a Comment