शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
Monday, 20 March 2023
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।
गोड़ झन गड़ै काँटा । कभू झन होवै घाटा।।
सबदिन रहै सुखदाई हो ।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
भरे पूरे हो भंडारे । दिन हाँसी खुसी सारे।।
जग भर तुँहर बड़ाई हो।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
हितू मीतू संगवारी । मयारूक नत्तादारी।।
सब झन तुँहर सहाई हो।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
गुन जस नाम बाढे़ । पग पग सुख ठाढ़े।।
छत्रछाँव जगत गोसाई हो।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
जेकर संग परे भाँवर, जुग जुग जोड़ी जाँवर।
शोभामोहन के जुइआई हो।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
३०/०३/२०२२
जन्मदिन के बछरगठान
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।
गोड़ झन गड़ै काँटा । कभू झन होवै घाटा।।
सबदिन रहै सुखदाई हो ।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
भरे पूरे हो भंडारे । दिन हाँसी खुसी सारे।।
जग भर तुँहर बड़ाई हो।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
हितू मीतू संगवारी । मयारूक नत्तादारी।।
सब झन तुँहर सहाई हो।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
गुन जस नाम बाढे़ । पग पग सुख ठाढ़े।।
छत्रछाँव जगत गोसाई हो।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
जुग जुग जियौ तुम, कुल चंदन कुमकुम।
शोभामोहन के जुइआई हो।
गाड़ा गाड़ा हवय बधाई हो ।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
३०/०३/२०२२
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