महाभुजंग प्रयात सवैया
कहाँ तैं लुका
गेस जाके कन्हैया, कन्हैया कन्हैया कन्हैया कन्हैया।
चले आ चले आ रे
गौआ चरैया, कन्हैया कन्हैया कन्हैया कन्हैया।
अरे नंद के
लाल बंशी बजैया, कन्हैया कन्हैया कन्हैया कन्हैया।
कहाँ गेस आँठी दही
के खवैया, कन्हैया कन्हैया कन्हैया कन्हैया।
न ऐती न ओती न
तो कुंज कोती, कहाँ तैं चले गेस रे नैन जोती।
अरे मोर हीरा
अरे मोर मोती, अरे मोर सुग्गा सलोना सगोती।
न देखौ कहूँ
लाल तोला अगोती, बनै नैन गंगा बहै गाल कोती।
बही हो बदे
हौं मिले के मनोती, कहाँ गेस आजा मयाधार सोती।
मिले तै न आरा
न पारा कन्हैया, कहाँ तै न बारी न ब्यारा कन्हैया।
बुढ़ौती पना के
सहारा कन्हैया, तजे हाय तै माँझ धारा कन्हैया।
करावौं न तोला
तियारा कन्हैया, कहौं ना दिये गाय चारा कन्हैया।
चले आ चले आ
दुलारा कन्हैया, बिना तोर नाही गुजारा कन्हैया।
हवै कीर तोला
कहाँ तैं बता रे, नहीं चेत मा मोर गैरी मता रे ।
हवौं छोट पोटा
न मोला सता रे, कहाँ हो गये लाल तै लापता रे।
कहे कोन का हे
वहू ला न जानौ, बताये ल तोरे सही लाल जानौ।
भरे टीपटीप ले
दही के कटोरा, धरे बाट देखौ करे लाख जोरा।
करे ना सकै रे
कहूँ तोर तोरा, लला आ समा जा न रे मोर कोरा।
कहाँ तैं लुका
गेस जाके कन्हैया, कन्हैया कन्हैया कन्हैया कन्हैया।
चले आ चले आ
रे गौआ चरैया, कन्हैया कन्हैया कन्हैया कन्हैया।
शोभामोहन
श्रीवास्तव
महाभुजंग प्रयात सवैया* –
*रामधुन*
ललाला ललाला ललाला ललाला, ललाला ललाला ललाला ललाला।
सियाराम रामा सिया राम रामा, सिया राम रामा सियाराम रामा।
सियाराम रामा सिया राम रामा, सिया राम रामा सियाराम रामा।
सियाराम रामा सिया राम रामा, सिया राम रामा सियाराम रामा।
सियाराम रामा सिया राम रामा, सिया राम रामा सियाराम रामा।
शोभामोहन श्रीवास्तव
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