Friday, 31 March 2023

मनुष्य में होने वाले बीमारियों छत्तीसगढ़ी में नाम

रोगराई के छत्तीसगढ़ी नाम

बदरीओरमे-मोटापा। 
जंगलोरघाव-जँघे का घाव। 
छैलारोग-त्वचा के छिल्का निकलने का रोग।छईरोग-क्षयरोग। 
मुँहफोरा -मुँह का छाला। 
खजरी - खुजली खाज। 
खस्सू खजरी- खुजली, एक्जिमा।
अगिया- दहकने वाला फोड़ा। 
केशटूटी, कसटूटी-बालतोड़।
घमुर्री-घमौरी।
सीतला-शरीर में सफेद रंग के छीटे जैसा दिखने वाला चिन्ह जिसमें दर्द नहीं होता। 
कोथापीरा-पेड़ू का दर्द
माथपीरा-सिरदर्द
अमचुकीडकार-अम्लीयता एसिडिटी। 
भैरापन-बहरापन
कोलवापन-हाथ की अपंगता। 
खोरवापन-लंगड़ापन
अंधरौटी-अंधत्व अंधापन। 
तोतरापन-हकलापन
लिबरापन-बार बार पलक झपकने की बिमारी 
थोथवापन-शून्यता। 
झुनझुनी/झिनझिनी-
खरई-अतिमूत्रलता
पोकर्री-दस्त, डिसेन्ट्री।
जूड़ सर्दी-जर -ज्वर। 
जूड़जर-शीत ज्वर। 
पोकर्रीदाना-पूरे शरीर में छोटे छोटे दाना होकर पक जाने का रोग। 
पिंउरीबिमारी- पिलिया
मोतीजीरा-टाईफाइड। 
बेंव ई फटई - पैरों का फटना। 
मल पित्त छरियई - पित्त का भड़काना। 
नस धरई - नसों का दब जाना। 
नखसूटी - नाखून के आसपास के माँस का छिलना। 
नखसुतरी - नाखून के आसपास के माँस का छिलना। 
रतौंधी-शाम के बाद दिखाई नहीं देना। 
घिनही घाव-उँगली के अग्रभाग में होने वाला घाव। 
सलौनी-आँखों के पलकों में होने वाला घाव
लोहाझारघाव-उँगली और अंगूठे में अनायास होने वाला पानी भरा हुआ घाव। 
कोढ़-कुष्टरोग।
खखौरीघाव-काँख का फोड़ा। 
डोमटा-फोड़ा। 
फोसका-मच्छर कीड़ा काटने से त्वचा में आया उभार।
गोही-गिल्ठी या गठान। 
गुठली -गठान हो जाना। 
घिनही घाव-हाथों की उँगलियों में होने वाला घाव। 
बादीघाव-काँख का फोड़ा। 
फोसका-कीड़ा काटने के कारण सूजन। 
अपरस-स्पर्श से फैलने वाला हाथों के छिल्का निकलने का रोग। 
कुबरापा - कुबड़ापन।
लोकवा - पक्षाघात, पैरालिसिस।
लुझुंगचोला- शिथिलकाया। 
थोथवा-शून्यता, झुन्नता।
बइहापन - पागलपन, विक्षिप्तता। 
कनटेटरा-भैंगा । 
फुलाफरे() पूरे आँख के सफेद होने और दिखाई नहीं देने की बीमारी। 
टेटरा निकलई-आँख का खराब होकर सफेद पड़ जाना। 
जूड़पिकरी-एलर्जी
खोंखी-खाँसी। 
बाफुर-मिर्गी हिस्टीरिया। 
सनपात बाई-सन्निपात, निमोनिया। 
चेन्दवापन-गंजापन
अघौनाघाव नासूर, पुराना घाव। 
मुँहबस्सौना-पायरिया। 
झाँझझोला धरई-लू लगना। 
घावगोंदर - घाव आदि। 
उसुवाय - सूजा हुआ।
गलसुवा-गालों का सूजन।।
मस्कुड़ाफूले- मसूड़े की सूजन।
बफाड़ा- गर्मी के कारण नाक मुँह में घाव होना। 
लस्सीघाव-आमचोपर के सम्पर्क में आने से होने वाला घाव। 
झोलाय - लू लगा हुआ।
कोखठाढ़-एक बच्चे  के बाद बाँझपन।आलसमाई-माता का प्रकार। 
झाँवा खवई - मुर्छित होना। 
सुखड़ी बिमारी-सूखारोग। 
भदहई रोग- मोटापा
बकठीपन-बाँझपन, बंध्यता। 
हड़फोर घाव-हड्डी में होने वाला फोड़ा। 
केन्दवा-अत्यधिक पानी में रहने से त्वचा में होने वाली सड़न की बिमारी। 
खोरवा - लंगड़ापन।
खंडूल - नाक और होंठ कटे हुए होना। 
चिंगराजपानी-सफेद दाग। 
कबरी बीमारी-सफेददाग। 
अंधरौटी बीमारी-अंधत्व
कोठी भैरापन - पूर्ण रूप से बहरापन। 
कोंदापन- गूंगापन
तोतरी बीमारी - तोतलापन।
अटकापन - हकलापन।
लिबरी बीमारी - बार बार पलकें झपकने की बीमारी। 
चुकचुकीबिमारी-बार बार पलकें झपकने की बीमारी।
कब्जियतबिमारी-कब्ज, पेट साफ ना होने की बीमारी।
झझकौनी बीमारी - भयाक्रांत होने की बीमारी। 
मुँह-मुहूर्त कि छाला। 

No comments:

Post a Comment

संस्कृत राम स्तुति

शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...