Thursday, 16 March 2023

निश्चल छंद

 

9) निश्चल छंद [सम मात्रिक]

लालालाला लालालाला, लालालाल

गा रे मनवा सीता मइया, राजा राम ।

अवध बसैया दुख कटैया, पबरित नाम ।।

जेन जपै वो सोझे जावै, हरि के धाम।

गा रे मनवा सीता मइया, राजा राम ।।

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