Thursday, 16 March 2023

वाम सवैया

वाम सवैया

121    121   121  121,  121   121    121   122
अपार हवै महिमा प्रभु तोर, सरूप अरूप बखान न पावौं।
गुनान करे न सकौं गुन तोर, तभो अलवा जलवा धुन ध्यावौं।।
बिभोर रहौं बस नाम पुकार, सदा दिन गोड़ तरी गिर गावौं।
नहीं जग आस बसै बिसवास, कहाँ तज तोर दुवार ल जावौं।।

शोभामोहन श्रीवास्तव




 

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