Sunday, 12 February 2023

मेरा दीवानापन देखो

 

मेरा दीवानापन देखो

 

गीतों की जो फसल उगायी थी, सबको नमकीन कर दिया

मीठे तानों वाली वीणा का, सब सुर गमगीन कर दिया

किस उम्मीद की उम्र बढ़ी है, इन नयनों के दरपन देखो ।

मेरा दिवानापन देखो

 

आॅंखों को विष्वास नहीं था, बिना नींद आये सपनों पर

प्रष्नचिन्ह ही प्रष्नचिन्ह हैं, मोह टिका है जिन अपनों पर

विष्वासों की खंडित गरिमामेरा मौन समर्पण देखों।

 मेरा दीवानापन देखो

 

बातों की बन्दूकें दनदन, अपना अपना फिक्र घोलती

समय हुआ अनुदार और तब, जब सिर चढ़ तेरा जिक्र बोलती

मेरी प्यास धरा जैसी है, और बादल से अनबन देखो ।

मेरा दीवानापन देखो

 

षुभ चन्द्रसूर्या षोभामोहन

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