Saturday, 11 February 2023

दुखदेव स्वयं मन मेरा

 दुखदेव

 

दुखदेव स्वयं मन मेरा दुख देवी का चिर फेरा

 

पसरे चित्त में पाले ताने पीडा धर जाने अंजाने

टूटे न गुरू बिन घेरा दुखदेव स्वयं मन मेरा

 

आषा गढ-गढ कर निराष सपने करते है दुख विकास

यह चित्त अहेतु चितेरा दुखदेव स्वयं मन मेरा

 

षुभचन्द्रसूर्या षोभामोहन

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