(१)छ.ग. शब्दकोश
नित्य समास-अनिवार्य समास, जिसके अर्थों को पृथक नहीं किया जा सके उसे नित्य समास कहते हैं।
भड़भड़चंगा-हुड़दंग।
पताड़ा जहरीला कीट
पताड़ी जहरीला कीट
छैबुँदिया जहरीलाकीट
सतबुँदिया जहरीलाकीट
सन्दरेली-फैशन वाली, छूठी
सन्दरेला-झूठा, फैशनबाज
सिलियारी।
उरईबूटा-खस का जड़
सादामोखला-सफेदफूल फूल वाला काटेदार औषधिय झाड़ी।
नीलहामोखला
उरदानी-उड़द और मूँग जैसा प्राकृतिक दलहन है यह बहुत गर्म प्रकृति का होता है।
सादाबेंमची-श्वेतगुँजा
लालबेमची-रक्तगुँजा
करियाबेमची-श्वेतगुंजा
बिलईपोटा-शिवलिंगीबीज
बर्राभाजी
बड़े चिरपोटी-बेलयुक्त झाड़ी जिसके बाहर का आवरण झिल्ली जैसा झीना षठकोणीय होता है और इसके बीज मटर के दाने के आकार का और स्वाद में मीठा होता है यह खेतों में मिलता है।
कोल्हियाकेकरी-जंगली ककड़ी यह खेतों में प्राकृतिक रूप से उगता है इसका स्वाद ककड़ी जैसा होता है यह खेतों में मिलता है।
छोटे चिरपोटी
बोदेला - बेलयुक्त।
धनधनी/ढनढनी-इसका झाड़ पाँच छ:फीट का होता है इसके फूल और पत्ते छोटे छोटे होते हैं और इसका फल एक बालिस्त का होता है।
घुनघुनाबन-इसमें पीले फूल लगते हैं और इसके फल लगभग चार इंच का होता है।
बरियारीझाड़-इसके तना और शाखा से झाड़ू बनाया जाता है।
अंकुरित होना जाम इ
पूरन आस() पूर्ण हो चुकी आशा।
वर्षादि() झड़ी झाकर
गोड़चौंकी चरणचौंकी।
रूपहरीकिनारी-रूपहला किनारा।
सोन किनारी-सुनहरी पाड़
रूपहरापल्ला
पल्लो
पिछवही-पीछे लगने वाला कनात।
जीवनामा- प्राणी जगत, जीवजगत, चर जगत।
अजीवनामा-अचरजगत, अजीवजगत।
गादीतकिया
पिछोतछतरंगी
जड़ाऊटेपरा साजू-
मूँड़फूल-शीषफूल
हुरियई-हरहुरई-उत्साहित होना।
हुरियैया-उत्साहित करने वाला/वाली।
हर्रइया-हाथ में पहनने का सोने या चाँदी का आभूषण।
झटकई() कमजोर होना, छीनना।
नँग ई() छीनना।
नंगई() नीचतापूर्ण काम करना।
झरप () बाँस निर्मित घर का दरवाजा।
सिपावा/सिपाही() बैलगाड़ी को टिकाने का त्रिकोण आधार स्तंभ।
बिदागरी() अंतिम विदाई।
कउवाय()
सत-धरम()
सिनिन सिट्ट() स्तब्ध, चकित।
भवितब() भविष्य
चूल्हा-चुकिया
झमाझम() चहलपहल युक्त, भरा भरा सा।
आनजात-जनमन () विजातिय, अन्य जाति।
किलकिल्ला()
तरीउप्पर()नीचे ऊपर।
ऊँटी () बैलगाड़ी को टिकाने का त्रिकोण आधार स्तंभ।
तीगोड़ा() बैलगाड़ी को टिकाने का त्रिकोण आधार स्तंभ।
आड़ा/अड़गड़() गौशाला के दरवाजे में लगायी जाने वाली आड़ी मोटी लकड़ी।
अड़गड़ी()गौशाला के दरवाजे में लगायी जाने वाली आड़ी मोटी लकड़ी।
डंगसी
कांँटा()कुँआ सफाई और कुँए में गिरे बाल्टी डोक्ची आदि को निकालने का काँटेदार यंत्र।
फुटफुटाय() मृत।
बेराठगे()
दुखियारिन()
बाँगा()
निरवंशी() वंशविहीन।
निरबंसी() वंशविहीन।
पचरी() तालाब नदी का घाट।
कमपोता() औषधिय पौध जो तालाब के आसपास उगता है।
गोड़ेली() औषधिय पौध जो तालाब के आसपास उगता है।
मंगैया-खवैया() माँगने खाने वाला।
पनपियातरिया() पीने के शुद्ध जल वाला तालाब।
गाँसानाली()
हुदुकहैया() उबड़ खाबड़ जगह में शरीर का हिलना डुलना।
निरभूल() सब कुछ भूलकर।
कोनहा-काचर()
जड़ी-जाँगड़ा() जड़ी बूटी आदि।
नंगमथनाचा() सावन के महीने में नागपंचमी के दिन पुरूषों द्वारा किया जाने वाला नागनृत्य इसमें अनेकानेक वाद्य यंत्र भी बजाया जाता है।
लुठी()
लुवाठ() आधी जली हुआ लकड़ी।
लपकलुवाट() दो लोगों के बातचीत में बीच में लपककर बोलने वाला तीसरा व्यक्ति।
सोलबन() एक औषधिय घास।
पहर() प्रहर, बेला।
कोटिसकीरा() असंख्यात्।
जलरंगपानी() अथाह जलराशि।
बइठखया() अकर्मण्य, निकम्मा।
बइठखई() अकर्मण्य, निकम्मी।
जबरमार() जोरदार प्रहार, वज्रप्रहार।
बज्रदुकाल() त्राहि-त्राहि करने वाला अकाल।
दुलरुवाबेटा() प्यारा बेटा।
मनमिलौनी() जिसके साथ मन घुलामिला हो ऐसी स्त्री।
मनमिलौना() जिसके साथ मन घुलामिला हो ऐसा पुरुष।
करुभाखा() कटुवचन।
करुबोलैया() कटुभाषी।
करु-कसा()
मीठ-मतौना()
करुनत्ता() कड़वाहट वाला रिश्ता।
गरुनत्ता() वजन लगने वाला संबंध।
दर्रा-खसर्रा() खुरदुरा पिसा हुआ।
कोदो-दर्रा() खुरदुरा पिसा हुआ।
तामीलोटा() ताम्रपात्र ।
काँसलोटा() कास्य लोटा।
तामलोटिया() ताम्रपत्र।
काँसलोटिया() कास्य धातु का लोटा।
झंडाउठैया() झंडाबरदार।
पालोउठैया() झंडाबरदार।
धजाधरैया() ध्वजधारक।
धजाउठैया() ध्वज उठाने वाला।
मानकरैया() सम्मान देने वाला।
लबारीमारैया() झूठा।
भारबोहैया() भारवाहक, जिम्मेदारी उठाने वाला/वाली।
काँटाबोंवैया() दूसरों के मार्ग को अवरुद्ध करने वाला/वाली।
हाथलमैया() याचक, भिक्षुक।
हाथउठैया() मार पीट करने वाला/वाली।
झोझापरैया() गले पड़ने वाला/वाली।
चोंचलमैया() आशा रखने वाला।
मुँहताकैया() आशापूर्वक निहारने वाला।
मुँहमारैया() मुँहतोड़ जवाब देने वाला /वाली।
चाँचलगोंदलकरैया() मौज- मस्ती करने वाला /वाली।
आभामारैया() इशारे से अन्योक्ति में बात करने वाला/वाली।
झेलसहैया() किसी की उपस्थिति को सहन करने वाला/वाली।
सहनकरैया() सहन करने वाला /वाली।
दाँवलगैया() दाँव लगाने वाला वाली।
दागलगैया() कलंकित करने वाला/वाली।
आँखीदेखैया() आँख दिखाने वाला/वाली।
रीसबुतैया() क्रोधशामक।
अगनबुतैया() अग्निशामक यंत्र।
नावबुतैया() नाम, मान प्रतिष्ठा को नष्ट करने वाला /वाली।
धोखादेवैया() दगाबाज़, धोखा देने वाला/वाली ।
गेबड़ीधरैया() गला पकड़ने वाला/वाली।
खारखवैया() किसी को देखकर अत्यंत क्रोधित होने वाला/वाली।
पारलगैया() पारकर, भवसागर से पार करने वाला परम पिता परमेश्वर।
अतललोक() मय दानव के पुत्र का लोक।
सुतललोक() विरोचन के संतानों का लोक।
वितललोक() शिवलोक।
तलातललोक() मय दानव का लोक।
महातललोक() तक्षक लोक।
रसातललोक() वासुकि ना का लोक, नागलोक।
पाताललोक() राक्षसों का लोक।
भूतललोक() मनुष्य लोक।
भूतवालोक() भूत पिशाच लोक।
अपनलोक() स्वलोक, अपना शरीर लोक, स्वशरीर।
महलोक() ऋषि भृगु का लोक।
जनलोक() सप्त ऋषियों का लोक।
तपलोक() तपस्वियों का लोक।
सतलोक() सत्यलोक, ब्रम्ह लोक, समस्त मुक्तात्माओं का लोक।
जातपुछैया() जाति पूछने वाला/वाली।
धरमपुछैया() धर्म पूछने वाला/वाली।
सुरतादेवैया() याद दिलाने वाला/वाली।
घोघवा() सूजन आया हुआ।
दुखबाँटैया() दुख में सहानुभूति रखने वाला/वाली।
सुखबाँटैया() सुख बाँटने वाला/वाली ।
झगरामतैया() झगड़ालू।
अपनभोभसभरैया() स्वार्थी।
अपनदोंदरभरैया() स्वार्थी ।
अपनबनैया() अपना बनाने वाला/वाली।
पोलदेवैया() गलत बातों का समर्थन करने वाला/वाली।
जीवलेवैया() हत्यारा।
जीवदेवैया() बलिदानी, बलिहारी।
जमाकरैया() जमाकर्ता।
नवासिखैया() नौसिखिया।
नवालिखैया() नवलेखक।
नवालिखेरा() नवलेखक।
नवालिखेरी() नवलेखिका।
नवाचितेरा() नवचित्रकार।
नवाचितेरी() नवचित्रकार।
नवागवैया() नवगायक/गायिका।
नवाबनैया() नवनिर्माता।
नवाबना() नवनिर्माण।
नवाअवैया() नवागंतुक।
नवासिखैया() नवप्रशिक्षु।
नवारोगराई() नया नया रोग।
नवाबिहान() नयी सुबह।
नवागोंसैया() नया स्वामी।
नवाघर() नवीन गृह।
नवापहुना() नवअतिथि, नया मेहमान, नवजात शिशु।
नवादिन बादर() नया समयकाल।
नवानेवरिया()
नवानेवरनिन()
नवारंग() नवरंग।
नवाजिनगी() नवजीवन।
नवातिलिक() नया लोक।
नवाअँजोर() नया उजाला, नवलप्रकाश।
नवाजोत() नवलज्योति।
नवाटूरा-टानका() नौजवान, नवलकिशोर।
नवाटूरी-टानकी() नवयुवती, नवल किशोरी।
नवाबहुरिया() नववधु।
नवाचुने() नवनिर्वाचित।
नवाअन्न() नवान्न।
नवा-नवेली() नवोढ़ा, नववधु।
नवाबेरा() नवकाल, नया समय।
नवाजनम() नवलजन्म।
नवादुख() नवीन दुख।
नवाटोरी() उपयोग करके नयापन को समाप्त करना।
नवाबियाय() नवप्रजनित।
नवाठउर() नया स्थान।
नवानाथ() नया मालिक।
नवादेखैया() नवदर्शक।
नवासुनैया() नवश्रोता।
नवागुनान() नवचिंतन, नवीनतम विचार।
नवाजागे() नवजागृत।
नवापढ़ैया() नवपाठक।
नवापतो() नववधू।
नवाखोली() नवीनकक्ष।
नवाखोल() नया आवरण।
नवापोल() नया खामी, नया बुराई।
नवाजोंही() नवयुगल।
नवारोजगार() नववृत्ति, नया रोजगार।
नवारोजगारी() नया व्यापारी।
नवाधारना() नवधारणा, नया विचार।
नवाचोचला() नया नखरा।
नवाटिकोरा() नवआम्रफल।
नवाटोरे() उपयोग किया हुआ।
बउराय() उपयोग किया हुआ।
नवा-नवा() नया-नया।
नवादीया() नवदीपक।
नवाजुन्ना() नया-पुराना।
नवाधरम() नवल धर्म, नया नया धर्म।
नवानवेलाधरम() नया नवेला धर्म।
नवाधरमधरैया() नवधर्मधारी।
नवाधरमधर() नवधर्मधर।
नवाजुग() नवयुग, नया जमाना।
नवाखंभा() नवलस्तंभ, नवीनतम आधार, नया सहारा।
नवामीत() नवमित्र।
जुन्नामीत() चिरमित्र।
नवामितान() नया मित्र।
नवामितानी() नवलमित्रता।
नवाउज्जर() नवल-धवल।
नवाबिहाती() नवब्याहता स्त्री।
नवाबिहाता() नवविवाहित पुरुष।
नवाउछाह() नव उत्साही।
नवाबछर() नव संवत्सर।
नवादुलरू() नया दुल्हा।
नवाकरम() नवकर्म।
नवाफर() नया फल।
नवाफूल() नवपुष्प।
नवाधान() नवधान्य।
नवापान() नवपत्र, नया पत्ता।
नवाजुगुत() नवीनयुक्ति।
नवादीठ() नवीन दृष्टि।
नवासृष्टि() नवलसृष्टि।
नवासिरजन() नवसृजन।
नवाओढ़ना() नवीन परिधान।
नवाबस्तर() नववस्त्र।
नवाचुहकैया() नवशोषक।
नवामँगैया() नवयाचक।
नवाजगैया() नवजागृतकर्ता।
नवाठान() नवसंकल्प, नया इरादा।
नवाखार()नया क्षेत्र।
नवाआँखी() नवलनेत्र।
नवापाँखी() नवल पंख।
नवाधार() नवल धारा।
नवाचिन्हार() नवपरिचित।
नवाचिन्हारी() नया परिचय।
नवादेखैया() नवदृष्टा।
नवाबोलैया() नववक्ता।
नवागोठकार() नवलवक्ता।
नबागोठकाहरिन() नवलवक्ता।
नवाचेत() नवलचेतना।
नवामाड़ा() नया निवास।
उज्जरचेत() धवल चेतना।
उज्जरगोठ() साफ सुथरी वार्ता।
उज्जरडहर() उज्जवल मार्ग।
नवापंथी() नवलपंथी, नये पंथ का अनुयायी।
नवाडहर() नवमार्ग।
जुन्नाखंभा() चिरस्तंभ, पुराना आधार।
जुन्नाखोल() पुराना आवरण।
जुन्नापाती() जीर्णपत्र।
जुन्नागोंसैया() पुराना स्वामी।
जुन्नाघर() प्राचीन गृह।
जुन्नाचोला() जीर्ण शरीर।
जुन्नाभोरहा() पुराना गल्ती।
जुन्नाखोर() पुरातनपंथी।
जुन्नापंथी() पुरातनपंथी।
जुन्नाफूल() जीर्ण पुष्प।
जुन्नामितान() चिरमित्र, पुराना मित्र ।
जुन्नामँगैया() चिरयाचक।
जुन्नापाना() पुराना पत्ता।
जुन्नाठान() चिरसंकल्प, पुराना निश्चय।
नवानरक() नवल नर्क, नया नर्क।
नवाजोड़ी () नवयुग्म।
नवापिरित() नवल प्रेम।
जुन्नाआँखी() बुजुर्गों की आँखें।
जुन्नापाँखी() पुराने पंख।
जुन्नामाड़ा() चिरनिवास, शास्वत निवास।
जुन्नागोठ() पुरानी बात।
जुन्नानत्ता() चिरसंबंध।
जुन्नाजोंड़ी() चिरयुगल।
जुन्नाचिन्हार() चिरपरिचित।
जुन्ना चिन्हारी() पुराना परिचय।
जुन्नाचुहका() चिरशोषक।
जुन्ना चुहकैया() चिरशोषक।
चुहकैया() शोषण।
अपनरोजगार() स्वरोजगार।
अपनशक्ति() स्वशक्ति।
अपनभार()स्वाश्रित।
अपनलिखे() स्वरचित।
अपनकहे() स्वकथित।
अपनसहे() अपने द्वारा सहन किया हुआ।
मनगमकैया() मन को सुगंधित करने वाला।
मनमढ़ैया() सांत्वना देने वाला।
मनमड़ौना() सांत्वनादायक।
मनमिलौनी() मन मिलाने वाली, मन को भाने वाली।
मनदुखैया() मन को दुखी करने वाला।
मनदुखौना() मन को दुखी करने वाला।
मनचोर() मन को चुराने वाला।
मनटोर() मन को रुष्ट करने वाला।
मनमोहैया() मन को मोहित करने वाला।
बनडहर() वनमार्ग।
घरडहर() गृहमार्ग।
सुखडहर() सुखमार्ग।
दुखडहर() दुखमार्ग।
गाँवडहर() ग्राममार्ग।
छत्तीसगढ़ के गांव मन मा प्रयोग म आनेवाला
मशीन अउ औजार के नाम विवरण अऊ उपयोगिता
1. बसुला - बसुला ह लोहा के औजार आए जेन ल हमन लकड़ी छोलेबर, बेंठ धरायबर अउ आने आने कइठन काम म उपयोग करथन । एमे लकड़ी के बेंठ लगे रहिथे ।
2. बिंधना - बिंधना ह लकड़ी के कोनो समान बनाये बर अउ चौकोर आयताकार लकड़ी म गहराई करे म प्रयोग होथे । बिंधना म कम चौड़ाई वाले धार दार लोहा के मोटा पट्टी लगे रहिथे ।
3. पटासी - पटासी अऊ बिंधना के लोहा के आकार म अंतर रहिथे । पटासी म चौड़ा धारदार लोहा के पट्टी चार पांच इंच के लंबाई म लगे रहिथे एकर प्रयोग बिंधना म लकड़ी ल छेदे बेधे के बाद ओखर आकार ल सफाई दे म अउ झारे म प्रयोग करें जाथे ।
4. आरी - आरी ह लकड़ी काटे के औजार आए एला एकेझन चलाय जा सकत हे । एहा उल्टा धार अऊ सीधा धार के घलो होथे । एखर मुठ वाले भाग ह चौड़ा रहिथे अउ आखिरी छोर डहर ह सुल्लू ।आरी के पट्टी म तिनकोनिया धार लंबा बने रहिथे । एला धार करेबर कन्नाछी प्रयोग करे जाथे ।
5. आरा - आरा ह घलो लकड़ी काटे के औजार आय फेर ऐ हा आरी ले भारी होथे । एखर दांता घलो बड़े होथे अउ लंबाई ह पाँच से छह हाथ रहिथे । लकड़ी के बड़े-बड़े गोला ल काटेबर आरा के प्रयोग होथे । आरा चलाएबर दुझन मइनखे लागथे । आरा के दुनों डाहर मूठ लगे रहिथे ।
6. निहई - निहई ह लोहा के औजार आए जेखर प्रयोग लोहा ला अकार प्रकार देबर अउ टेंडग़ाय जिनीस ल सोझियाय बर करे जाथे । ए ह आधार के काम करथे । निहई ह स्थायी रूप म रहिथे जेला जरूरत के हिसाब से उपयोग करथन ।
7. ठीहा - ठीहा लकड़ी के बनाय जाथे । लोहार अऊ बढ़ई घर के लकड़ी के ढीहा बड़भारी अउ मजबूत रहिथे । जेला बने पोठ जगा म स्थायी रूप से गडिय़ाय जाथे । ए ह लकड़ी ल आकार दे बर अउ छोले काटे बर आधार के काम करथे ।
8. भंवारी - भंवारी ह लकड़ी म छेदा करे के औजार आए । भंवारी लकड़ी के बनाए जाथे । एमे दोनो डाहर लोहा के राड लगे रहिथे उपर डाहर छोटे खुंटी असन अउ नीचे डहर लंबा पतला राड रहिथे । जे म त्रिकोणधार बने रहिथे । भंवारी चलायबर पहिली दू झन जरूरत पडय़ अब तो कुंदवा भंवारी आ गेहे जेन ल कमानी म रस्सी फसा के एके झन लकड़ी म छेदा कर सकत हे । समय के संग बदलाव होगे अब तो बिजली म चलईया ड्रील मशीन ओकर स्थान ले लिस ।
9. गिरमिट - पहिली बढ़ई मन लकड़ी म दू सूत, तीन सूत, पौन इंची, आधा इंची छेदा करेबर गिरमिट के उपयोग करय । गिरमिट ह लंबा राड के बनथे । गिरमिट के सुरू भाग म लगभग पाँच, छ: इंच तक लोहा ह पट्टी के आकार म अंइठाए रहिथे अउ फुलगी म दु ठन धार बने रहिथे दुनो धार के बीच म नोकदार चुड़ी बने रहिथे जेन लकड़ी के भीतर जाथे । धीरे-धीरे घुमा के अपन हिसाब से लकड़ी के चौखट, पल्ला, पाटी, बेड़ी, कपाट, मेयार म छेदा करे जा सकत हे । एकरो स्थान ल इलेक्ट्रानिक ड्रील मशीन ह ले लिस ।
10. सुंबा - सुंबा लोहा के औजार आय । एखर प्रयोग ठेंसाय खीला-खंूठी के उभार ल बराबर करे म अउ छोटे जगह जिहां हथौड़ी के मार नइ पड़ सकय अइसन जगा म होथे ।
11. कन्नाछी या कानछ - कन्नाछी ह कच्चा लोहा के तिनकानिया राड आय जेमा लकड़ी या प्लास्टिक के बेंठ लगे रहिथे । एखर तीनों डाहर पतला-पतला आड़ा कट अब्बड़ अकन बने रहिथे । आरी-आरा, गिरमिट, भंवारी के धार बनाए बर एकर प्रयोग करथन ।
12. सुजियारी - सुजियारी के फुलगी ह सुचकू होथे ए ह लोहा के रहिथे अउ लकड़ी के बेंठ लगे रहिथे एकर उपयोग हमन भंवारी, गिरमिट म जोन छेदा करे रहिथन तेन ल थोड़ा बढ़ाय म करथन । एकर अलावा लकड़ी म खीला ठोके के पहिली सुजियारी म जगा बनाथन जेखर ले हमला चुड़ीदार स्क्रू कसे म अउखीला ठेंसे म सहुलियत होथे ।
13. रोखी - रोखी ह लकड़ी के पल्ला या कपाट बेड़ी ला रोखे चिकनाय के काम आथे । एला एकेझन चलाय जा सकत हे । रोखी के बीच म लोहा के धारदार चौड़ा पट्टी लगे रहिथे ।
14. रेंदा - रेंदा ह रोखी ले बड़े साइज के होथे एकरों बीच म धारदार पट्टी लगे रहिथे । मेयार अउ बड़े लकड़ी ला चिकनाए अउ साइज करे म एकर प्रयोग करे जाथे एला दु झन मिल के चलाए जाथे ।
15. टेवना पखरा - हमर गांव देहात म किसान भाई, बढ़ई, लोहार मन टेवना पखरा के माध्यम ले जम्मो औजार के धार ल बनाए अउ टेंय खातिर एकर प्रयोग करथे ।
16. टेंड़ा - नंदिया, नरवा तीर खेती करइया किसान भाईमन पहिली जमाना म टेड़ा के माध्यम ले अपन खेत के सिंचाई करय । टेड़ा ल तीन ठन बड़े बड़े लकड़ी के माध्यम ले बनाये जाथे दूठन लकड़ी गड़े रथे अउ एकठन लंबा लकड़ी ला उपर मा दुनों लकड़ी म राड के माध्यम ले फँसाय जाथे । उपर फसें लकड़ी के आखिरी भाग म पथरा के भार लगे रहिथे । अउ दुसरा भाग म फुलगी म रस्सी लगे रहिथे जे म बाल्टी बांध के कुंआ, नंदिया, नरवा, ले पानी ल निकाल के किसान भाई मन पहिली जमाना म अपन खेत म ले जावय ।
सथौंरा() साथी, सहगामी।
सथौंरी() सहगामिनी, जीवनसाथी।
लगवारी() मैत्रीभाव, उपपति होने का भाव।
अंते() अनयत्र
संगी-जँहुरिया
कठखाय() स्तब्ध, हतप्रभ।
चिभिक() रूचि, मन लगाकर।
रुँवा-रुँवा() रोम - रोम।
रंगा-ढ़गा() आचरण, व्यवहार।
रंगा-चाला() आचरण।
चाल-चलन() आचरण।
बीजमार-दुकाल()बीजों को नष्ट करने वाला महा अकाल।
अकाल-सुकाल
कोठी-डोली()
चुल्हा-चुकिया
चुनुन-चानन
बर-बिहाव
कुँवारा-बारा
कुँवारी - बारी
जीते-जीयत
बाँटा-खोंटा
सेवा-जतन
सेवा-साटका
ऊँच-नीच
रोजी-रोटी
पेज-पसिया
पानी-पसिया
फदीता() लोकनिंदा, बदनामी।
गप-गप()
धूपकल्ला() ग्रीष्मकाल।
नाँगरकाँदा()
अटके-बिर्रे()
बिर्रेकात() बिरला।
डोटोकाँदा
हालतमन()
चंचलचित्त।
थोर-थार() थोड़ा बहुत।
झटर-पटर() जल्दी - जल्दी ।
तीन-पाँच() प्रपंच।
कुकरी-चिंगरी() ।
मंद-मतवारी
मंद-मउहा()
जुआ-चित्ती()
धारनखंभा() आधारस्तंभ।
ब इगा-गुनिया()
फूँका-झारा()
मंतर-तंतर()
कच्चा-ओद्दा
कच्चा-पक्का
घाट-घठौंधा()
गौंटियापट्टी() धनाढ्य श्रेणी।
रौरव-नरक
पहुना-पही()
नारी-परानी
कका-बड़ा()
बनजोगनी() वन्य अग्निकीट।
हाँकापार
खाय-बोजे()
हजाय
बुधनाश
बुधनाशी
सुध-बुध
भल - अनभल
नेरवागड़े
पथरालादे
बिसरेदुख
बिसरेपीरा
बिसरेदिन
बिसरेमया
बिसरेसुरता
सुरताबिसरे
डीह-डोंगर
गाड़ी-घोड़ा() वाहन आदि।
दिनोदिन() नित्यप्रति।
जन-धन()जान-माल
बल्दा() बदला।
मयाभाव() प्रेमभाव।
भूखण्ड/खेती भुइयाँ ले जुड़े शब्द
*मेड़*- खेत के चारो मुड़ा के पार।
*डोली/खेत*- मेड़युक्त भूखण्ड जिहाँ धान, गहूँ, चना या पानी ले पकइया फसल बोय जाथे।
*भर्री*- बिना मेड़ के भूखण्ड जेमा पानी नइ माड़े, ज्यादातर येमा कम पानी मा पकइया नगदी फसल बोय जाथे।
*चक*- प्लाट, एक ले अधिक एकड़ के एके जघा स्थित खेत।
*खार*- बड़ अकन खेत या भर्री। खार के नामकरण भूखण्ड के स्थिति, दिशा, दशा,बनावट, गांव ,बाँध, पेड़ पात के अधिकता ला आधार बनावत होथे। जइसे- खाल्हे खार, रकसहूँ खार, दर्रा खार, बम्हरी खार, बन्धिया खार, खैरझिटी खार, चुहरी खार आदि कतको हे।
*गाँसा*- अइसन जघा जेमा बरसा के पानी गिरत साँठ माड़ जाथे। खेत के खँचका भाग।
*पखार*- अइसन डोली जिहाँ बरसा के पानी नइ माड़े, बल्कि सबे बोहा जथे। खेत के डिपरा भाग।
*मुही*- डोली के मेड़ मा बने छोटे भुलका, जेती ले पानी आथे जाथे। येला स्वेच्छा ले बनाये जाथे।
*भोक*- खेत के मेड मा बने अइसन भुलका जिंहा के खेत के पानी बोहा जथे। ये खुदे बन जाथे,एखर ले किसान मन ला नुकसान हो जथे।
*भरका*- बरसात के पानी पाके खेत या भर्री मा बने छोटे छोटे भुलका।
*दर्रा*- भुइयाँ मा बने लामी लामा दरार। दर्रा गर्मी मा दिखथे, बरसा घरी मुँदा जथे।
*बिला*- केकरा अउ कतको जीव जानवर के द्वारा बनाये भुलका(छेद)। मेड पार मा कतको बिला दिख जथे।
*गाड़ा रावन*- गाड़ा के दूनो चक्का ले बने रस्ता।
*पैडगरी*- मनखे मनके अवई जवई ले बने डहर।
*धरसा*- खेत खार जाए बर बने रस्ता/डहर/बाट
*हरिया*- जोतत बेरा किसान, खेत के एक निश्चित भाग ला नांगर बइला ले जोतत जथे।
*पाँत*- खेत के बन काँदी ला निंदे बर धरे एक निश्चित भाग।
*टोकान*- खेत के कोन्हा।
*खँड़*- किनारा/भाग।
*खोधरा*- गढ्ढा
*ढिलवा*- डिपरा
*टेड़गी डोली*- चार ले जादा टोकान वाले डोली। अइसने डोली मा किसान मन बोवई या खेती काम के मुहतुर घलो करथे।
*लमती डोली*- लामा लामी डोली।
*टेपरी डोली*- छोटे आकार के डोली।
*बाहरा डोली*- अइसन डोली जे कम संसाधन मा घलो जादा पैदावर देथे। पानी सहज आके भर जाथे। आकार प्रकार हिसाब ले, बड़े बाहरा, छोटे बाहरा, टेड़गी बाहरा बाहरा के कई प्रकार हे। बाहरा बहार शब्द ले बने हे, जिहाँ पैदावार घलो जादा होथे।
*गर्दी रेंगाना*- खेत के बीचों बीच, पानी निकाले बर रापा कुदारी मा बनाये छोट नाली।
*खँधाला*- सीढ़ी, पेड़ के डाला।
*बनखरहा*- वो डोली या भर्री जिहाँ जादाच बन काँदी उपजथे।
*मउहारी*- मउहा के बन।
*कउहा रवार*- कउहा पेड़ के जंगल।
*अमरइया*- आमा बगीचा।
*जमराई*- राय जाम या चिरई जाम के बगीचा।
*डिही*- पहली जमाना मा बसे बस्ती जे वर्तमान में उजाड़ होके बन बगीचा मा घिर गे हवै।
*चुहरी*- ये शब्द चाहली(पानी मा माते भुइँया) ले बने हे। अइसन जघा जेमा ज्यादातर पानी भरे रहिथे।
*जरखेदी*- चुकता, जमें।
*रेगहा*- एक विशेष दिन तिथि बाँधत खेत ला फसल बोय बर लेना।
*अधिया*- खातू,कचरा,धान,पान अउ जम्मो लागत ला आधा आधा लगाके खेती करना।
*कट्टू*- लागत वागत काट पिट के एक निश्चित राशि या धान पान मा खेत बोना।
*भाँठा*- मटासी माटीयुक्त ठाहिल भुइयाँ, जिहाँ पानी नइ माढ़ें। ये रेतीला भी हो सकत हे।
*परिया*- अइसन जघा जेमा खेती बाड़ी के काम नइ होय।
*चरागन*- गाय गरुवा मन के चारा चरे के जघा।
*दइहान/ गौठान/खइरखा*- अइसन जघा जिहाँ बरदी(गाय गरवा के समूह) बिहना ठहरथे।
*भोड़ू/भिम्भोरा*- जमीन मा बने दीमक के घर,जिहाँ साँप, बिच्छी, गोइहा, खुसरे दिखथे।
*तरिया*- गाँव घर के उपयोग बर भरे पानी।
*बन्धिया/बाँध*- खेत खार के सिचाई बर भरे पानी। बाँध मा *नहर नाली(सिंचाई बर बने नाला)* जुड़े रथे
*कुँवा*- जमीन के गहराई मा जलस्रोत।
*बावली*- जमीन के गहराई मा भरे पानी जिहाँ सीढ़ी रिथे।
*कछार*- नदिया तीर के भुइयाँ।
*माड़ा*- जंगली जानवर मन के रहे के जघा।
*साँधा*- खोल
*अपासी*- सिंचित भुइयाँ
सिलौटी
चतवार() लम्बा बाँस इसका उपयोग खेतों के बिलों बंद करने और जलनिकासी के स्थान को खोलने बंद करने हेतु किया जाता है।
चापड़गाड़ी()बाँस के टट्टा से पूरा बंद बैलगाड़ी।
कोल्लर/कोलर()बाँस का टट्टा जिसे खाद ढोने की गाड़ी में लगाया जाता है।
गादखेल() जीव जन्तुओं का खेलना।
नागजड़ी() नागविषनाशक जड़ी जिसका सेवन श्रावण मास के शुक्ल पंक्ष पंचमी को किया जाता है।
पताड़ी() बैल भैंस को हल या बैलगाड़ी में फाँदे में प्रयुक्त होता है।
जोंतार() चमड़े की रस्सी जिसे हल या बैलगाड़ी में पशु को फाँदे के लिए प्रयोग किया जाता है।
काँसड़ा() पशुओं को बाँधने का साँकल।
जुवाड़ा/जोड़ा() हल चलाने पशुओं को जोड़ने वाली लकड़ी।
दरानाजाँता() दाल दलने का पस्तर यंत्र।
मंजरी() कद्दूकस करने का यंत्र।
लम्हेर/लम्मर काठा() चार किलोग्राम का मापक यंत्र।
तीनसेरियाकाठा() तीन किलोग्राम मात्रा का मापक यंत्र।
बीसतामी() एक खंड़ी।
एकबउगा() डेढ़ खंडी।
जँतुलिया/जँतुरिया() मूँग दलने का हल्का और छोटा जाता।
झड़ी झक्कर()
नाँगर-बक्खर()
बक्खर() नौसिखिया बैल को चलाने का कोप्पर से छोटे आकार का कृषि यंत्र।
साँधा() सँकरा स्थान, दीमकों के निवास का सँकरा स्थान।
डिलवाफुटू() दीमक के निवास स्थान पर फूटने वाला मशरूम।
*लगानी*- अइसन जमीन जेखर लगान पटाये(भरना)बर लगथे
*खरखरहा*- ना गिल्ला ना सुक्खा, भर्री अइसने पाग मा बने जोताथे।
*किरचहा*- कठोर,कड़ा, टांठ।
*चिक्कन*- चिकना
*चिखला*- कीचड़
*लेटा*- लसलसा कीचड़ के गाड़ा चक्का या पाँव मा चपक जथे।
*निँदा*- निदाई करे के बाद निकले बन/खरपतवार
*मेड़ो/सिवान/सियार*- कोनो गाँव, शहर,या देश राज के आखरी छोर।
*सियार*- मेड़ो मा गड़े पथना, या कोनो चिन्हा।
*खंती*- खेत खार के एक निश्चित भाग ल कोड़ना, ज्यादातर खंती कोड़ के खेत ला बरोबर करे जाथे।
*गोदी*- जमीन के एक निश्चित भाग ल कोड़े बर चिन्हित जघा। एक फुट गहरा अउ दस फुट समान लंबाई चौड़ाई के नापी भुइयाँ- एक गोदी।
*डंगनी*- गोदी नापे के पैमाना।
*ठिहा/आँट*- गोदी कोड़त बेरा गहराई के नाप बर छोड़े टापू। एखरे ले अंदाजा लगथे कि वो जघा कतका ऊँच रिहिस।
*कन्हार डोली*- काला माटी वाले खेत।
*मटासी*- पिंवरा माटी वाले खेत।
*मुरमुहा*- मुरूम युक्त भुइयाँ।
*कनाछी*- रेती।
*कुधरिल*- रेत युक्त धूल।
*फुतकी*- मातियुक्त धूल।
*कुंड़*- नांगर जोतत बेरा बने चिन्हा।
*गोंटा*- जमीन मा पड़े पिवरा रंग के गोल गोल पथरा।
*कँसियारा*- काँसी युक्त खेत।
*राता खार*- दुरिहा के भाँटा जमीन।
*फुटहन/कटही बन*- काँटेदार पेड़ पौधा ले युक्त भुइयाँ।
*नर्सरी*- फलदार,फूलदार,छायादार अउ औषधीय वृक्ष के पौधा तैयार करे के जघा।
*कुलापा/पुलावा*- छोटे नहर नाली, छोटा नाला,
*रपटा*- कामचलाऊ नाली।
*कूना*- चना, गहूँ के कूढ़ी।
*मांदा*- क्यारी/ओरी
*बुकनी*- चिकना।
जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"
बाल्को,कोरबा(छग)
*दुवार*- घर के आघू के खाली जघा, अंगना।
*बारी/बखरी*- घर के नजदीक साग भाजी लगाय के जघा।
*कोठार/बियारा*- धानपान या अन्य फसल ला जिहाँ रखे, मिन्जे जाथे।
*रकबा/एकड़/हैक्टेयर/जरी*- जमीन नाप के पैमाना
हाँकपार
मुहड़ाखोल() बात की शुरुआत करने वाला/वाली।
अतकेच() इतना ही।
सबोसहाय() सर्वसहायक।
तमतम-तमतम()
दमदम-दमदम()
खमखम ले
घमघम ले
चमचम ले
छमछम छमछम
झमझम झमझम
टमटम ले
डमडम ले
ढमढम ले
तमतम ले
दमदम ले
रमरम ले
तामी-काठा()अनाज मापक यंत्र।
आना-पाई
रुपिया-पइसा
उरिया-गुरिया
ददापरिया
चोहल() चुहलबाजी।
गाँव - गँउटी
पोसवा पेंड़ारा() पालित चोर।
सरबसलूट।
सरबस लुटन्ता
सरबस लुटन्तिन
धन-जोगानी
छान्ही-परवा
माल-मवेशी
सबरदिन()सर्वदा
सुल्लेड़हा
सुल्लेड़ही
जीयतपरान() चैतन्यप्राण
भगवंतविदा
तापसदल() तपसीवृंद
पूजनवेदी
मर्मसंवेदी
ननकीमाला() लघुमाला
वर्तमानसाधक
मौनजात () मौन के द्वारा उत्पन्न शालीनव्यंग्य
सिरतोजगत() सत्यसंसार।
रक्साबानी() राक्षसीवचन।
रक्सागोठ() राक्षसी वाणी।
सोहागचिन्हा() सौभाग्यचिन्ह ।
अवरोधध्वस्त
अगादुलरुवा() आकाशदुलारा
विपुला () प्रचुर विपुल।
बलजोरन() बलसंचय
पानी बुड़े() जलमग्न
कलासंचय
सुतेपहरिया() निद्रितप्रहरी
सत्ताभगति() सत्ताभक्ति
सत्तागभत() सत्ताभक्त
सत्ताक्रांति
सत्तागरल
क्रांतिगरल
रूपबँटवारा() रूपविभाजन।
दबेकलहा() दमितअशांति।
खड़गडरेलहा() खड्गभीरू।
सरगसपना() स्वर्ग स्वप्न।
विकारीसूत्रधार
संधिप्रस्ताव
गले से उतरा हुआ शीश।
गड़ेरीस() दमित क्रोध चिंगारी
घिनबजनी() घृणाद्वंद ।
गरबमोक्ष() अहंकारशांति। मुखदमक
विवशअंगारे
भाव अँजोरी() भावविभा, भावों की चमक।
सजग आहुति
संकेत पठन
संकेत पाठक
होतीहवन() अस्तित्व आहुति।
नवशोषित
नवशोषक
नवादबैया() नवदमनकारी।
जुन्नाचुसैया() पुरातनशोषक।
पुरातनशोषित
जगदाहक हाथ
युगवाहक हाथ
क्रांति वर्जना
बजनी सिरजन() समर सृर्जन।
दुख सिरजन() दुख सृर्जन।
सुख सिरजन() सुख सृजन।
दुखजरे() दुखदग्ध।
सुखपूजैया() सुख पूजक।
बरोबरसुख() समसुख।
मयाजोगनी() प्रणय योगिनी।
मयाजोगिया() प्रेमयोगी।
माटीमहलिया() मृदामहल।
शांतिमहलिया() शांतिमहल।
भोगमहलिया() भोगमहल।
दुलमसुख() दुर्लभसुख।
बनौकी बनैया() काम बनाने वाला/वाली।
स इमो स इमो
तालाबेली
पानी परसाद
जोजन पर ई
अपने अपन-स्वयमेव,
आतमतीरथ-आत्मतीर्थ
आतमजानू-
आत्मज्ञानी।
कलकिथवाँ() अनेकानेक व्यवधान।
आनेधरन
झमाझमगुड़ी() बहुत भीड़ लगी चौपाल।
तिल धरे के ठ उर नहीं(हाना)
करमबाट ले जँवा भर नइ हलइ()
झर्रई() बातों से झकझोरा, झड़ाना।
को मो कोहमो
खोसखिस खोसखिस
सास के लाम लाम बहू के का काम(हाना)
बेगवा() मेढक
गिंधोल() बड़ा मेढ़क।
भिंदोल() बड़ा मेढक।
गिंधोललासा() गर्मीनाशक गोंद।
टुरेलहा() अल्प व्यस्क लड़का।
टुरेलही() अल्प वयस्क।
रक्सीबन() खुजलाने वाला एक औषधिय पौधा जिसका तने पर कंटक होता है।
सूँघाबन() नुकीला सुई जैसा दिखने वाला औषधिय पौध जिसे अज्ञानतावश खरपतवार समझा जाता है।
कान्दबन()भूमि में दूब के जैसे फैलने वाला औषधिय पौधा।
चेचरा
टस ले मस नइ होवई
नाहकन खूँदन
सामरत() हिम्मत।
सामरतवाला() हिम्मती।
सारबिस() चौपाया वाहन।
ऊँचपूर() लंबा, ऊँचा।
सलगाबरा()
तरमरी डाँट ई
तिलसा
खेती-पाती
लुकलुकौना() चमकदार, अतिउत्सुक।
चना-फुटेना()
मेघरंगी() मेघ वर्ण का,
मुतक्का() आड़ा, रेलिंग।
अंडासेना(क्रि.) अंडें को मुर्गी द्वारा गर्माहट देना।
अंडाफुट्टी() अंडे से चूजा निकलना।
अंडाचीला() आमलेट।
अँवरक्का()आँवले का अचार।
अँवरैया() आँवले का बगीचा।
अधरझाँवर() आधा अधूरा पका हुआ।
अंताजी() अनुमानित।
अक्ता() ज्यादा, अधिक।
अकरसजोत() गर्मी में खेत की जुताई।
अकरकरा() औषधिय पौधा।
अखरखंग() प्रचुर, विपुल, जो कभी कम न हो इतनी मात्रा।
अगासमुनगा() एक वृक्ष जिसके फल की सब्जी बनायी जाती है।
आगीलगैया() आग लगाने वाला/वाली।
अगलगौना() आग लगाने वाला।
अगलगौनी() आग लगाने वाली।
अघरिया()जंगली लोहार जाति।
अजीरन()अजीर्ण।
अटाटूट(वि.)विपुल, प्रचुर, अत्यधिक।
अठैसीतिहार() अट्ठाइस दिनों तक चलने वाला त्यौहार।
अंदोहिल मत ई(मुहा.) अत्यधिक शोर करना।
अदरौली(ना.) गोह के जैसा दिखने वाला विषैला जंतु।
अधारीलउड़ी(वि. ना.) चलते समय सहारा देने वाली लाठी।
अनखहा(वि.) ईर्ष्यालु।
अनखही(स्त्री. वि.) ईर्ष्यालु।
अनभोटका(वि.) अनायास।
अनजोखा(वि.)बिना नाप तौल का।
अनवासई(वि.) एक बार उपयोग करके उसकी नवीनता को समाप्त करना।
अफरारोग(ना.) अपच।
अनपचक(ना.)अपच
अबुधहा(वि.)अबोध बालक।
अबुधही(स्त्री. वि.) अबोध बालिका।
अमुरीफर(ना.) मकोय का फल।
अमोलिया(वि.) सिटकनी, अमूल्य।
अरडिंगाघर(वि.ना.)सब तरफ से खुला घर।
अरडिंगा(वि.ना.) बिना अहाता वाला घर, नग्न।
अरकसिया(वि.ना.)बढ़ई का औजार।
अरई लगई(मुहा.) किसी काम को करवाने के लिए पीछे पड़ जाना।
अलकर(वि.) अनमना, कष्ट होना।
अलगापनही(ना.)रस्सी और जंगली छाल से बनी चप्पल।
असकरियापनही(ना.)
एकतल्ला वाला जूता।
अड़हुलफूल(ना.) जँवा कुसुम का पुष्प।
अधेला(ना.) आठ आना,पचास पैसा।
अनुरसबेटा(वि. ना. ) अवैधपुत्र।
अनुसरबेटा(वि. ना.) अवैध पुत्री।
अपचाली(वि.) कुचाली, कुटिल।
अपेल(वि.)अकाट्य, ध्रुव, अटल।
अरहन(ना.)सब्जी में रस गाढ़ा करने के लिए डाला जाने वाला लगार या बेसन।
इन्दरपरी(वि.ना.)अप्सरा।
इन्दरदेव(ना.)इन्द्र देवता।
अल्लर जाता के लिल्हर
पउवा(हाना)कमजोर पिता के कमजोर पुत्र के संदर्भ में प्रयुक्त।
अलकरहा के घाव अउ ससुर के बइदई(हाना) नहीं बता सकने योग्य बात।
मुँह फार के करेजा देखई(हाना) विश्वास दिलाने का प्रयास करना।
अलमल(वि.) पर्याप्त।
अलग-बिलग(वि.) अलग थलग।
अवरदा(ना.)आयुष, आयु।
टेपरा(ना.)पशु नियंत्रक यंत्र।
झुल्ला(ना.) पशु नियंत्रक यंत्र।
लहंगर(ना.) पशु नियंत्रक यंत्र।
लदकन(ना.) पशु नियंत्रक यंत्र।
लदका(ना.) पशु नियंत्रक यंत्र।
घंटी(ना.) पशु नियंत्रक यंत्र।
ठिनठिनी(ना.)पशु नियंत्रक यंत्र।
खड़पड़ी(ना.)पशु नियंत्रक यंत्र।
खड़पड़ा(ना.)पशु नियंत्रक यंत्र।
ठेला(ना.)पशु नियंत्रक यंत्र।
मुड़कादाम(ना.) जो खेतों को चरते हैं ऐसे उद्दंड पशुओं को उसके स्वामी के घर ले जाकर वसूल की जाने वाली कीमत को मुड़कादाम कहते हैं।
मुड़कापारी(ना.) किसानों की खेतों की रखवाली के लिए लगायी गयी बारी पारी।
चौरसलदका(ना.)
पशु नियंत्रण यंत्र।
हरहीगाय(वि.) हरा चारा खाने के लिए उद्दंडता करने वाली गाय।
हरहाबइला(वि.)हरा चारा खाने के लिए उद्दंडता करने वाला साँड़ या बैल।
बरदिहा(वि.)
रोकाछेका परब(वि.ना.)
देवी देवता के नाम
आँगादेव() आदिवासी गोंड़ जनजाति के इष्टदेव।
बड़ादेव () आदिवासी गोंड़ जनजाति के इष्टदेव।
लिंगादेव() आदिवासी गोंड़ जनजाति के इष्टदेवी।
डीहवारिनदेबी() आदिवासी गोंड़ जनजाति के इष्टदेवी।
दंतेश्वरीदेबी() आदिवासी गोंड़ जनजाति के इष्टदेव।
भूमिहारदेबी() आदिवासी गोंड़ जनजाति के इष्टदेवी।
जीवरांज() आत्मा।
जीवराअंश()आत्मा।
कुमरिन पाठदेबी() आदिवासी गोंड़ जनजाति के इष्टदेव।
नत्तुरबगुंडीदेव() आदिवासी गोंड़ जनजाति के इष्टदेव।
छिनपेड़वालीदाई() छीन के पेड़ में निवास करने वाली काली माता।
तेलगीनदेबी() काली माता का स्वयंभू पिंडी।
*धान प्रजाति के नाम*
मुँदरियाधान (ना.) धान प्रजाति।
मरहनधान (ना.) धान प्रजाति ।
मछरीपोठीधान (ना.) धान प्रजाति ।
मेहरधान(ना.) धान प्रजाति ।
मालवीधान(ना.) धान प्रजाति ।
मकरामधान(ना.) धान प्रजाति ।
मासुरीधान(ना.) धान प्रजाति ।
दुबराजधान(ना.) धान प्रजाति ।
कार्तिकधान(ना.) धान प्रजाति ।
कैमाधान(ना.) धान प्रजाति ।
कल्चरधान(ना.) धान प्रजाति ।
चनाचूरधान(ना.) धान प्रजाति ।
चिन्नउरधान(ना.) धान प्रजाति ।
चेपटीधान(ना.) धान प्रजाति ।
छतरीधान(ना.) धान प्रजाति ।
बाहुबलीधान(ना.) धान प्रजाति ।
बलवानधान(ना.) धान प्रजाति ।
बंगलाधान(ना.) धान प्रजाति ।
बाँकोधान(ना.) धान प्रजाति ।
बिरसाधान(ना.) धान प्रजाति ।
बायरधान(ना.) धान प्रजाति ।
बिरनफूलधान(ना.)धान प्रजाति।
बुढ़ियाधान(ना.) धान प्रजाति ।
बइकोनीधान(ना.)धान प्रजाति।
बिसनीधान(ना.) धान प्रजाति ।
बरहीधान(ना.) धान प्रजाति ।
माहीधान(ना.) धान प्रजाति ।
पंतधान(ना.) धान प्रजाति ।
पूर्णिमाधान(ना.) धान प्रजाति ।
पंकजधान(ना.) धान प्रजाति ।
परहाधान(ना.) धान प्रजाति ।
परीधान(ना.) धान प्रजाति ।
प्रसन्नाधान(ना.) धान प्रजाति ।
प्यारीधान(ना.) धान प्रजाति ।
पूरनभोगधान(ना.)धान प्रजाति ।
पानीधिनधान(ना.)धान प्रजाति ।
पंसरधान(ना.) धान प्रजाति ।
नागपुरीधान(ना.) धान प्रजाति ।
नरनारीधान(ना.) धान प्रजाति ।
आईआरधान(ना.) धान प्रजाति।
झिल्लीधान(ना.) धान प्रजाति ।
अजयधान(ना.) धान प्रजाति ।
इंदिरासोनाधान(ना.)धान प्रजाति।
समलेश्वरीधान(ना.) धान प्रजाति।
सुजाताधान(ना.) धान प्रजाति ।
साम्भाधान(ना.) धान प्रजाति ।
सागरफेनधान(ना.) धान प्रजाति।
सरोनाधान(ना.) धान प्रजाति ।
करियाजीराधान(ना.) धान प्रजाति ।
कनकधान(ना.) धान प्रजाति ।
कामिनीधान(ना.) धान प्रजाति ।
करियाझिनीधान(ना.) धान प्रजाति ।
कलिंगाधान(ना.) धान प्रजाति ।
सफरीधान(ना.) धान प्रजाति ।
गुरमटियाधान(ना.) धान प्रजाति।
सरनाधान(ना.) धान प्रजाति ।
सरजूधान(ना.) धान प्रजाति ।
सेंदूरसिंगाधान(ना.) धान प्रजाति।
सेतसुन्दरीधान(ना.) धान प्रजाति।
सादासरोनाधान(ना.) धान प्रजाति।
सुरमतियाधान(ना.) धान प्रजाति।
गंगाबारूधान(ना.) धान प्रजाति।
गुड़माधान(ना.) धान प्रजाति ।
गोकुलधान(ना.) धान प्रजाति ।
गोल्डसीड/सोनादानाधान (ना.) धान प्रजाति ।
गुरमटियाधान(ना.) धान प्रजाति।
बासमतीधान(ना.)धान प्रजाति ।
दुबराजधान(ना.) धान प्रजाति ।
सुगंधाधान(ना.) धान प्रजाति ।
विष्णुभोगधान(ना.) धान प्रजाति।
क्रांतिधान (ना.) धान प्रजाति ।
किरणधान(ना.) धान प्रजाति ।
कस्तूरीधान (ना.) धान प्रजाति।
केसरधान(ना.) धान प्रजाति ।
नयनाधान (ना.) धान प्रजाति ।
बुधनीकालाधान(ना.) धान प्रजाति ।
केरागुलधान (ना.) धान प्रजाति।
कोड़ाधान(ना.) धान प्रजाति ।
बरसाधानीधान (ना.) धान प्रजाति ।
बालाधान(ना.) धान प्रजाति ।
कंठभुलउधान
ककेराधान (ना.) धान प्रजाति ।
कदमफूल धान (ना.) धान प्रजाति ।
कनियालीधान (ना.) धान प्रजाति ।
कावेरीधान (ना.) धान प्रजाति ।
कमोदधान (ना.) धान प्रजाति ।
कर्पूरीधान (ना.) धान प्रजाति ।
कामेशधान (ना.) धान प्रजाति ।
कुकुरझालीधान (ना.) धान प्रजाति ।
रामकलीधान (ना.) धान प्रजाति।
राजेंद्राधान (ना.) धान प्रजाति ।
रासीधान (ना.) धान प्रजाति ।
राधा धान (ना.) धान प्रजाति ।
रतना धान (ना.) धान प्रजाति ।
रीताधान (ना.) धान प्रजाति ।
सहयाद्रीधान (ना.) धान प्रजाति।
सनधान (ना.) धान प्रजाति ।
सोनाकाठीधान (ना.) धान प्रजाति ।
सोनमधान (ना.) धान प्रजाति ।
सरलाधान (ना.) धान प्रजाति ।
सीताधान (ना.) धान प्रजाति ।
जसवाँ धान (ना.) धान प्रजाति ।
जीराफूल धान (ना.) धान प्रजाति ।
जोंधराधान (ना.) धान प्रजाति ।
जगन्नाथधान (ना.)धान प्रजाति ।
जयगुंडीधान (ना.) धान प्रजाति।
जयाधान (ना.) धान प्रजाति ।
जयंतीधान (ना.) धान प्रजाति ।
जयश्रीधान (ना.) धान प्रजाति ।
लौंगफूलधान (ना.) धान प्रजाति।
लोहुंडीधान (ना.) धान प्रजाति ।
सत्यकृष्णधान (ना.) धान प्रजाति ।
साठियाधान (ना.) धान प्रजाति।
शताब्दीधान (ना.) धान प्रजाति।
बादशाहधान (ना.) धान प्रजाति।
अनसाहीधान (ना.) धान प्रजाति।
पायोनियरधान (ना.) धान प्रजाति ।
नन्दिनीधान (ना.) धान प्रजाति ।
नाजिरधान (ना.) धान प्रजाति ।
नुआधान (ना.) धान प्रजाति ।
नगेसरधान (ना.) धान प्रजाति ।
गटवनधान (ना.) धान प्रजाति ।
गर्राकाटधान (ना.) धान प्रजाति।
गायत्रीधान (ना.) धान प्रजाति ।
खैराधान (ना.) धान प्रजाति ।
रानीकाजरधान (ना.) धान प्रजाति ।
रतनभौंराधान (ना.) धान प्रजाति।
राजलक्ष्मीधान (ना.) धान प्रजाति ।
आदनछिल्पाधान (ना.) धान प्रजाति ।
रामाधान (ना.) धान प्रजाति ।
तिलकस्तूरीधान (ना.) धान प्रजाति ।
तुलसीमँजरीधान (ना.) धान प्रजाति ।
जवाँफूलधान (ना.) धान प्रजाति।
सतभामाधान (ना.) धान प्रजाति।
गाँजागुड़ाधान (ना.) धान प्रजाति।
नवीनधान (ना.) धान प्रजाति ।
नँदौरीधान (ना.) धान प्रजाति ।
कालीधान (ना.) धान प्रजाति ।
कुबरीमोहरधान (ना.) धान प्रजाति ।
दन्तेश्वरीधान (ना.) धान प्रजाति।
दँवरधान (ना.) धान प्रजाति ।
डॅकधान (ना.) धान प्रजाति ।
दुर्गाधान (ना.) धान प्रजाति ।
दांगीधान (ना.) धान प्रजाति ।
खैराधान (ना.) धान प्रजाति ।
हहरपदुमधान (ना.) धान प्रजाति ।
हंसाधान (ना.) धान प्रजाति ।
सनबोरोधान (ना.) धान प्रजाति।
हरदीगाभाधान (ना.) धान प्रजाति ।
ठुमकीधान (ना.) धान प्रजाति ।
लुचईधान (ना.) धान प्रजाति ।
भुसवाकोटधान (ना.) धान प्रजाति ।
भेंजरीधान (ना.) धान प्रजाति ।
कलमधान (ना.) धान प्रजाति ।
फाल्गुनीधान (ना.) धान प्रजाति।
फूलपाकरीधान (ना.) धान प्रजाति ।
लायचीधान (ना.) धान प्रजाति ।
पूसाधान (ना.) धान प्रजाति ।
कीड़ा मकोड़ा नाम
छिन्दकीरा() छीन के पेड़ से यह प्राप्त होता है इसे खाने से पेट की सब बिमारी ठीक होती है, होठ या एड़ी फटने पर इसका प्रयोग किया जाता है।
घुनाकीरा-काष्ठकीट
हिन्दपुड़क() छीन का कीड़ा।
सल्फीकीरा()
कोसाकीरा()
गोबरकीरा()
ठिठरीठाठ(ना.) अस्थिपंजर, कंकाल।
ठाठठिठरी(ना.)अस्थि पंजर, कंकाल।
सादाबोड़ा()
राकड़ीबोड़ा()
नेल() जंगली आँवला
ताड़मुंजाफर() जंगली ताड़ के वृक्ष का फल।
ताड़गुदा() जंगली ताड़ के वृक्ष का फल।
सरगीफूल() साल के वृक्ष का फूल।
सरगीपेड़() साल का वृक्ष।
जीर्राभाजी() अम्लीय शाक, इसे अमारीभाजी कहते है।
जीर्राफूल() अमारीभाजी का पुष्प।
आतरभुँइया(वि.ना.) जुताई करते समय छूटी हुई भूमि।
आन-तान(जोड़ा आखर)विचित्र बात या कार्य करने के साथ प्रयुक्त।
आँठीदही(वि.ना.) गाढ़ा थक्का वाला दही।
आठ-काट(जोड़ा आखर)आठ की संख्या जिसे अशुभ माना जाता है।
आछतकाल() पर्याप्त समय।
आछतबेरा()
नेवान
ठाहिल() कठोर
शेषनाग के गुँड़री बदलई(हाना)भूकंप आना।
गुचकुलिया-मिट्टी का चुकिया।
कान चिपई() सावधान होना।
फाटाटोर
फाटाफोर के
माटीतिहार()अक्षय तृतीया के दूसरे दिन आदिवासी समाज द्वारा मनाया जाने वाला त्यौहार।
बिहानभै() दूसरे दिन।
तिहानदिन() तीसरे दिन।
धूपछाँवलुगरा()
रातबिकाल() रात के समय समस्या होने पर ही रातबिकाल शब्द का प्रयोग किया जाता है।
लहर-तहर()व्याकुल।
खाल्हे() नीचे।
उप्पर() ऊपर।
आँही-बाँही() अगल बगल।
तरी() नीचे।
मोठडाँठ()मोटाताजामोटी-ताजी।
पातर-सीतर() पतला-दुबला, पतली-दुबली।
सँइफो-सँइफो() तकलीफ के साथ साँस लेना।
साँय-साँय() गुस्से में आगबबूला होना।
फाँय-फाँय() अत्यधिक क्रोध में फुफकारना।
कुँई-कुँई() कुत्ते के पिल्ले की आवाज़।
सुल्लू() सँकरा।
ठोंसरा मार ई
ठेंसरा मार ई
ठेंसरा बोजरा-
मुड़भरसा गिरई() सिर के बल गिरना।
मुड़ पटका बूता() सिर में बोझ जैसे लदा हुआ कार्यभार।
तारासीरा-एक के बाद एक।
अगियाबैताल()
छिनमिनासी() घृणा।
लिबलाब() बल्ब का जलना और बुझना।
खिबिड़खाबड़() वाद विवाद।
अटके-सटके() किसी चीज के नहीं होने की स्थिति में।
अटकाव परई() किसी मनुष्य या चीज के बिना कार्य बाधित होना।
जोगधरैया (वि.)योग धारण करने वाला।
जगमगैया (वि.)जगमगाने वाला।
लुकलुकैया (वि.) अतिउत्साही।
सोगमरैया (वि.)दया करने वाला
जीवदेवैया (वि.)अत्यंत प्रेम करने वाला/वाली।
जीवलेवैया (वि.) प्राणहर्ता।
बनैया (वि.) निर्माता।
गनैया (वि.) गणक।
छनैया (वि.)छानने वाला/वाली।
तनैया (वि.) तानने वाला/वाली।
खनैया (वि.)खोदने वाला/वाली।
तुनैया (वि.) रफू करने वाला/वाली।
गुनैया (वि.) चिंतन करने वाला/वाली।
सुनैया (वि.) श्रोता वाला/वाली।
चुनैया (वि.) चुनने वाला/वाली।
अमरैया (वि.) पहुँचाने वाला/वाली।
पहुँचैया (वि.)पहुँचाने वाला/वाली।
जगैया (वि.) जगाने वाला/वाली।
लगैया (वि.) लगाने वाला/वाली।
भगैया (वि.) भागने वाला/वाली।
सिद्धोखई (वि.)
भइखई (वि.)
गुहखई (वि.)
सिद्धोखया (वि.)
दुखखया (वि.)
चैतखया (वि.)
बुधखया (वि.)
सुखचहैया(वि. ना.) सुखेच्छुक।
चहैया(वि. ना.)इच्छुक।
सुखमंगन(वि.ना.) सुखयाचक।
सुखमँगैया (वि. ना.)सुखयाचक।
नवा माड़ा(ना.) नव संप्रति। जुन्नामाड़ा(ना.) प्राचीन संप्रति। अधुनामाड़ा(ना.) वर्तमान पता तनलूटन (वि.) तन को लूटने वाला/वाली।
मनलूटन (वि.)मन लूटने वाला/वाली।
धनलूटन (वि.)धन लूटने वाला/वाली।
गुनलूटन (वि.)गुण को लूटने वाला/वाली।
सुखलूटन (वि.)सुख लूटने वाला/वाली।
जगलूटन (वि.)जगत को लूटने वाला/वाली।
जीवलूटन (वि.)प्राण लूटने वाला/वाली।
बँहगर/बाँहकर (ना.)बलशाली।
मुड़फोरी देवी (ना.) छत्तीसगढ़ की देवी
मुड़कट्टीदेवी(ना.) छत्तीसगढ़ की देवी।
पगनहा-
पंगनही
सोधे (वि.ना.) सिद्धि प्राप्त टोनही ।
जागेटोनहीं(वि.ना.) जागृत टोनहीं।
जागे टोनहा(वि.ना.) जागृत टोना जादू करने वाला।
हेंजवार (वि.) झगड़ालू।
चाँचलगोंदल (ना.)?
गोंदा (ना.) टुकड़ा, गेंदा का फूल।
मुड़कट्टीभर (ना.) सिर काटकर भरा हुआ।
छपछप (ना.) पात्र में सिर काटकर भरा हुआ अनाज दलहन।
तामी(ना.) आधा किलो की मात्रा नापने का पात्र
एकमान(ना.)आधा किलो ओंजरा(ना.) अंजुलि भर।
कलदारबंधा (ना.) सिक्के का माला
लंका (ना) मिर्च, दूर।
लहरबटोर (वि.) साड़ी का जमीन में घसीटते तक पहनना को लहर बटोर कहते हैं ।
जेरू (ना.)हल चलाने के समय लगाने का लोहा।
समय लगाने का लोहा
जूड़ा (ना.)दोनों बैलों को फाँदने की मोटी लकड़ी।
नाहना(ना.) बैलों को हल में जोतने की चम ड़े की रस्सी।
मुठिया-मूठ, हल में लगी वह लकड़ी जिसे पकड़कर हल चलाया जाता है।
पँड़की(ना.) पेंड़की, कबूतर, हल में लगी वह लकड़ी जिसे पकड़कर हल चलाया जाता है।
चिरैया (ना.) हल में लगी वह लकड़ी जिसे पकड़कर हल चलाया जाता है।
पाटलकड़ी- हलदंड को सहारा देने वाली छोटी लकड़ी का टुकड़ा।
खूंँटी(ना.) हल पीछे लगने वाला लकड़ी का छोटा सा कील
ड़ाँड़ी(ना.) हल के दोनों बैलों के बीच लगने वाली लंबी लकड़ी। परचाली (ना.) दोनों बैलों को फाँदने वाली लकड़ी जो बैल के गले को स्थिर रखने के लिए लगाई जाती है। परचाली लकड़ी से बैल का कंधा एक निश्चित स्थान पर रहता है और दूरी का संतुलन बना रहता है।
मोखन(ना.) छप्पर का ऊपरी भाग।
बरेंडी (ना. ) बाल विधवा, छप्पर के सबसे ऊपर का ऊँचा जगह।
मेखा(ना.) कपड़े आदि टांगने की कील।
मुही(ना.) खेत के पानी निकासी का मुख।
मोहँगा(ना.) खेत के पानी निकासी का मार्ग ।
बहरानार(ना.) बहुत सारे खेतों के समूहों में जिसमें सबसे ज्यादा पानी बहने वाले खेत को बहरानार कहते हैं।
गरोसा (ना.)?
एकजई(ना.) संकलित एक जगह एकत्रित करना।
मुड़ कट्टीदाई (ना.) छिन्नमस्ता देवी ।
सारंगढ़िनदाई (ना.) सारंगढ़ की देवी।
बाँगाबांधे (वि.) बच्चे को पीठ में बांधकर काम करना।
मोरा(ना.) बरसात में ओढ़ने का बाँस से बने यंत्र को मोरा कहते हैं।
गुचकुलिया() चाँवल आटे को गर्म पानी में गुड़ डालकर आटे को बफाकर तेल में छोटे-छोटे टुकड़े बनाकर गुचकुलिया बनाया जाता है यह छत्तीसगढ़ी व्यंजन है।
ललछँइहा() लालिमा युक्त छाया
ललहूँनभ()-लालिमा
युक्त आकाश।
बनैलाफूल () वनपुष्प
मड़रैया () मँडराने वाला/वाली
गोरियाबरन () गौरवर्ण।
दहपट () जबरदस्त डील डौल वाला/वाली ।
बटरायआँखी () बड़ी बड़ी की गई आँखे।
नेतनमूना () बनावट की शैली।
दैवीयआभा () दैवीय
दिप्ति।
कच्चाजेंवन ()
पक्काजेंवन ()
दीपतचोला () दैदीप्यमान शरीर।
बल्दा () बदला।
तडंगा () तगड़ा।
सिनिनसिट्टसुन्ना ()
गहन शून्यता।
छाबाबछवा ()
कमाकठा () कठोर परिश्रम
चिक्कनचाँदन-चिकना, साफ-सुथरा, स्वच्छ।
माटीकरम-अंतिमक्रिया।
हड़सरी-अस्थि विसर्जन।
तफर्रा
निसमूड़
भोंग ई छेद करना।
गुनहरामी
देखौटी-दिखावटी
हुमेल/हुबेल
ग इरी मत ई
खुंद खुंद के मार ई
अगिया-बहुत जलन होने वाला फोड़ा।
अचंभो-आश्चर्य, विस्मय।
अघोरी-(सं.वि.)तंत्र मंत्र आदि क्रियाओं का करने वाला, जो बहुत ज्यादा भोजन करता हो।
अघोर साधना-(क्रि.वि.)तांत्रिक साधना।
अप्पत मनखे(सं.वि.)जिद्दी स्त्री पुरुष।
अबक-तबक(क्रि.वि.)मरणासन्न, अब तब।
अपगा (वि.) शुद्ध, निर्लिप्त
उबुक चुबुक (क्रि.वि.) अब तब डूबने वाला।
अमाव (वि.) धारिता, समाने की क्षमता।
अरन बरन (वि.) नाना प्रकार के।
आयाम-आयाम
कीम्मत-कीमत
बीतेबेरा - अतीत।
लोहार-लोहार, आहनगर।
नाउ-नाई।
धोबी-धोबी।
कोतवाल-कोटवार।
कुम्हार-कुंभकार।
सहसकंठी-सहस्त्रकंठ।
भंड़ारखोली-भंडारणकक्ष।
भंडारी-मार डालना।
भंड़ाफोर-भंड़ाफोड़।
भंडारी-कोशपति।
भोगभंड़ार-प्रसाद भंडार।
भोगभंड़ार-प्रसाद निर्माता।
औंराधौंरा रुख-इस वृक्ष के नीचे घासीदास को बोध प्राप्त हुआ ऐसे माना जाता है ।
जातबंधना-जातिबंधन
सतनामीपंथ-संत गुरु घासीदास के समर्थक पंथ।
सतटेका-अत्याधार, सत्य पर टिका हुआ।
सतटेक-सत्याग्रह।
साध सतनामी- सतनामियों के प्रकार।
घाटदेव - शरीर में विराजमान देवता।
घाटदेवता-शरीर में विराजमान देवता।
घटबसिया-शरीर में विराजमान देवता।
घाटरखवारी (वि.) तटरक्षा।
घाटरखवार (वि.) तटरक्षक।
तनरखवार (वि.) अंगरक्षक।
तनरखवारी (वि.) अंगरक्षण
मुँह जुठारई (मुहा.) अन्नप्राशन संस्कार, अपशब्द या असत्य बोलने का सतत अभ्यास होना।
हाथ नइ उतारई (मुहा.) खाने के किसी चीज को स्पर्श तक नहीं करना।
हाथ मारई (मुहा.) किसी विशेष चीज को प्राप्त करना।
ठाकुरभोग (वि.) भगवान का प्रसाद।
आरुग फूल (वि.) शुद्ध फूल।
आरुगपानी (वि.) शुद्धजल।
आरुग मया (वि.) विशुद्ध प्रेम।
आरुगनत्ता (वि.) विशुद्ध संबंध।
भलुक (वि.) बल्कि।
लोकछाय (वि.) लोक व्याप्त।
रोगछाय (वि.) रोग व्याप्त।
रागछाय (वि.) राग व्याप्त।
गठनहागोठ (वि.) अबूझ बाते, उलझी हुई बातें ।
मोहछाय (वि.) मोहव्याप्त।
छोहछाय (वि.) प्रेमव्याप्त।
अनुष्ठानगीत-गारी (वि.) अनुष्ठान में गाया जाने वाला लोकगीत व मंगलगीत।
अनुष्ठानकरैया (वि.) अनुष्ठानकर्ता।
सीत बसंत (ना.) छग. लोककथा के पात्रों की जोड़ी का नाम।
लछमन जती (वि.) लोककथा के पात्रों की जोड़ी।
लोरिकचंदा (वि.) लोककथा के पात्रों की जोड़ी।
अहिमनकैना (वि.) लोककथा के पात्रों की जोड़ी।
केवलाकथा (वि.) लोककथा के पात्रों की जोड़ी।
ओखी के खोखी (वि.)
तोर हीरा मोर कीरा(हाना)तुम्हारे लिए जो अमूल्य है वह मेरे लिए तुच्छ है।
पंथीमंगलचौका (वि.) कबीरहा साहू समाज द्वारा की जाने वाली पूजा पद्धति।
शिरोमनी (वि.) शिरोमणि।
मकुटमनी (वि.) मुकुटणि।
काव्यसिरोमनी (वि.) काव्यशिरोमणि।
देवसमान (वि.) देवतुल्य।
देवबरोबर (वि.) देवतुल्य।
रक्साबरोबर (वि.) राक्षस तुल्य।
जिनावरबरोबर (वि.) पशुतुल्य।
आँखीबरोबर (वि.) नेत्रतुल्य।
अखँड़ियासाधना (वि.) अखंड साधना।
अखँड़ियातप (वि.) अखंड तप।
तेलासीपुरी (वि.) सतनामी तीर्थ।
छातापहाड़ (.) सतनामी तीर्थ।
गिरौदपुरी (.) सतनामी तीर्थ।
खपरीपुरी (.) सतनामी तीर्थ।
जैतखाम (.) सतनामियों के गुरु घाँसीदास बाबा का स्मारक
सतगुनान सत्य चिंतन सत्य विचार।
पंदोलीदेवैया (.) प्रश्रयदाता।
पोंदीदेवैया (.) गलत बातों का समर्थन करने वाला/वाली।
पोती (.) बर्तन को काला होने से बचाने के लिए बाहरी भाग में मिट्टी और राख की कलई।
पोलदेवैया (.) गलत बातों का समर्थक।
परभार (.) दूसरे के भरोसे
परभाररहैया (.) पराश्रित।
परभारहरैया() दूसरो का दुख हरने वाला।
बिपतहरैया() संकटमोचन।
बिपतमोच्छ() संकटमोक्ष।
परभरोसी (.) पराश्रित।
अपनभाररहैया (.) आत्मनिर्भर स्वाश्रित, अपने भरोसे रहने वाले।
परदेखासीखी (.) दूसरे को देखकर सीखा हुआ ज्ञान।
पंदोलीगोठ (.) संबल वचन, संकलदायक कथन।
गदहरियर (.) गहरा हरा।
धूरसनाय (.) धूलधुसरित।
धूरनहाय (.) धूलि से नहाया हुआ।
धूर (.) धूल, होली के पन्द्रह दिन पूर्व से होली के बाद रंगपंचमी तक की तिथि को धूरपाख कहते हैं।
धूरपैयापुजवन (.) नववर वधु के विवाह बाद ससुराल पहुचने पर बिना पैर धुलाये ईष्ट देवी देवता के सामने ले जाकर प्रणाम् करवाकर बकरे की बलि देते हैं उसे धुरपँइया पुजवन कहते हैं।
बँटनिया (.) बाट दी गई वस्तु।
नवनिया (.) नाई की पत्नी।
धरनी (.) धारण करना।
भरनी (.) भरना, शामिल करना।
भरनीभात (.) जाति में शामिल करने के लिए खिलाया जाने वाला भोज।
गारी गुफ्तार (.) गाली गलौज।
बेराकलथी (.) समय परिवर्तन ।
हिरदेकलथी (.) हृदयपरिवर्तन।
मनकलथी (.) मन बदलना।
चेतकलथी (.) चित्त की दशा में बदलाव।
बातकलथी (.) बात बदलना।
गुन कलथी (.) संग से गुण परिवर्तन।
भागकलथी (.) भाग्य परिवर्तन।
सीला बीने असन बिनई (.) बड़े परिश्रम से इकट्ठा करना।
लखाहीगाड़ा (.) लाखन से भरी हुई बैलगाड़ी।
ओंगनतेल (.) बैलगाड़ी के चक्के के बीच लगाने का काले रंग का तेल।
सींका (.) दूध दहीं टाँगने की रस्सी।
गड़हा बीड़ा (.) बैलगाड़ी से ले जाने वाला बड़ा धान का बंडल।
रगबगदाना (.) पुष्ट दाने।
देखते बनई (.) दर्शनीय होना।
देखते भूख भागई (.) नैत्र तृप्ति होना।
घिरलई (.) घसीटना।
करलई (.) संवेदना, किसी के दुख को देखकर द्रवित होना।
घुलई (.) समय नष्ट करके परेशान करना।
हरल ई (.) खुलकर उद्गार व्यक्त करना।
हलर हर (.) खुलकर हँसना बोलना।
अतलँग (.) अमर्यादित व्यवहार।
उतलंग (.) अमर्यादित व्यवहार
टोंटा ला मसकई (.) गला दबाना, प्रेरित करना ।
टाँगरचाल (.) ????
बनुरिया (.) स्त्रियों का आभूषण।
ठुठवाडारा (.) ठूठ डाली
ठुठवारुख (.) सूख चुका वृक्ष।
डुमरमड़वा (.) गूलर की डाल से बना मंडप।
केरा (.) केला।
कुसियार (.) ईख, गन्ना।
जोंधरा (.) मक्का।
जोंधरी (वि.) छोटा मक्का।
केकड़ी (वि.) ककड़ी।
डहकई (वि.) गाना झूमना, इतराना।
मूड़ीमाटीदेवैया (वि.) जुझारू, किसी कार्य को पूरे लगन से करने वाला/वाली।
निछावर (वि.) बलैया लेना।
निछावरकरैया (वि.) बलैया लेने वाली।
पुजवन (वि.) बलि।
पुजवनबोकरा (वि.) बलि का बकरा।
बध (वि.) वध।
बधिक (वि.) हन्ता।
परखकरैया (वि.) पारखी।
भावपरखैया (वि.) भावपारखी।
भावपरछो (वि.) मनोभाव परीक्षण।
परेखा (वि.) परीक्षा
गीतगंगा (वि.) गीत रुपी पावन विचारों की गंगा।
गीतगंगोत्री (वि.) गीतों का उद्गम स्थल।
छंद गंगा (वि.) छंदशास्त्र रूपी गंगा।
छंद गंगोत्री (वि.) छंदों का उद्गम स्थल, वेद शास्त्र।
तुरतेताही (वि.) त्वरित, तुरंत।
उज्जरबाखा (वि.) उज्जवल पक्ष।
उज्जरचेत (वि.) उज्जवल चेतना।
उज्जरमति (वि.) उज्जवल मति।
उज्जरपाख (वि.) उज्जवल पक्ष, शुक्लपक्ष।
धाँधुर साँकुर (वि.) सँकरी जगह।
चरन शरन (वि.) चरण शरण।
लहरतारा (वि.) कबीरदास के जन्मस्थान।
साकार (वि.) साकार।
निरगुनिया (वि.) निर्गुण।
निरंजन (वि.) निरंजन।
निर्मोहिया (वि.) निर्मोही, मोहरहित।
पूजावंदन (वि.) पूजन वंदन।
गोड़ वंदन (वि.) चरणवंदन।
जोहार भेंट (वि.) मिलन का नमस्कार।
जोहार वंदन (वि.) नमस्कार स्वागत।
संत (वि.) संत।
महंत (वि.) महंत।
असंत (वि.) असंत।
आँखी गड़िया के देखई (वि.) एक टक देखना।
भरवा-मसाला (वि.) भरा हुआ।
तरवाँ (वि.) तेल में तला हुआ।
धरवाँ (वि.) भीतर सुरक्षित रखा हुआ।
पाँड़े (वि.) पाण्डेय, कुंभकार।
बिरिज (वि.) ब्रज।
लटपट (वि.) बड़ी कठिनाई से।
स्पष्ट (वि.) जल्दी जल्दी।
रटपट रपट (वि.) जल्दी उठकर चलना।
हटपट हटपट (वि.) अति परिश्रम करना।
चटपट (वि.) व्याकुल होना।
दहपट (वि.) जबरदस्त।
ठनकतगोठ (वि.) अविश्वसनीय बात।
उख्खलबुद्धि (वि.) गंभीरतारहित व विवेक रहित बुद्धि।
उथलीबुद्धि (वि.) अविवेकी।
डबका (वि.) उबाला हुआ, खौलाया हुआ।
लोकवामारे (वि.)
खल्हारई (वि.) पानी डालकर बर्तन के भीतरी हिस्से की सफाई।
रेंध (वि.) हठ, जिद्द।
ठाढ़गोठ() खड़ी बोली।
ठाढ़ होवई() समर्थ होना।
ठाढ़ ठाढ़ बकई() भद्दी बातें करना।
ठाढ़बकैया()अभद्र वक्ता।
रूँआ ठाढ़ होव ई () ठंडी लगना, रोमांचित होना, भयभीत होना।
खरगोठ (वि.) खरी खरी बात।
पयपाखा (वि.) दुर्गुण वाला पक्ष, अवगुण
खोजार (वि.) खोज।
फलाना ढेकाना (वि.) फलाँ फलाँ।
अमका ढमका (वि.) ईधर उधर की बातें करना।
अगड़म बगड़म (वि.)
गोठझलेरा (वि.) वाकप्रवाह।
फोकटिहा (वि.) अकारण।
टकरहा (वि.) आदतन।
किन्नरसमाज (वि.) किन्नर समाज।
किन्नरनेम (वि.) किन्नर नियमावली।
महाकवि (वि.) महाकवि।
महाकाव्य (वि.) महाकाव्य।
महाबिकट (वि.) महाविकट।
महामोह (वि.) महामोह।
महाजाल (वि.) महाजाल।
महाकाल (वि.) महाकाल।
महायज्ञ (वि.) महायज्ञ।
महराज (वि.) महाराज।
महारूप (वि.) महारूप।
महामंत्र (वि.) महामंत्र।
महामंत्री (वि.) महामंत्री।
महामारी (वि.) महामारी।
महामाया (वि.) महामाया।
महामाई (वि.) महामाया
रवनिया (वि.) गुनगुनी धूप।
गवन (वि.) गमन, विदाई।
जरखाँधा (वि.) जड़ और शाखाएंँ।
जरखाँधा (वि.) जड़ और शाखाएंँ।
डारापाना (वि.) शाखाएँ और पत्तियाँ।
ताना-नाना (वि.) निराधार, असहाय।
हुरमत (वि.) झगड़ा लड़ाई।
खसीसी (वि.) कंजूसी, कृपणता।
खक्खीपन (वि.) कंजूसी।
बपखई (वि.) पिता के मृत्यु का कारण बनने वाली बेटी।
बपखया (वि.) पिता के मृत्यु का कारण बनने वाला पुत्र।
भाईखई (वि.) भाई के मृत्यु का कारण बनने वाला भाई
गोदगोदा (वि.) एक स्थान पर ज्यादा मात्रा में पानी गिरने का स्थान।
गोंदा - गोंदा (वि.) टुकड़ा टुकड़ा।
कुटी-कुटी (वि.) टुकड़ा टुकड़ा।
कुटा-कुटा (वि.) टुकड़ा टुकड़ा।
कुटका - कुटका (वि.) टुकड़ा टुकड़ा।
फाँकी करई (मुहा.) काटना।
पउलई (क्रि.) काटना।
फाँका मारई (क्रि.) हाथ में लेकर किसी चीज को मुँह में फाँकना।
आभा मारई (मुहा.) इशारा करना, एक को कहकर दूसरे सुनाना।
भाखा मारई (मुहा.) तंत्र मंत्र आदि टोना टोटका करना।
झापड़ मारई (मुहा.) थप्पड़ लगाना।
थपरा मारई (मुहा.) चपत लगाना।
बत्ती देवई (मुहा.) डाटना, फटकारना।
बजनबत्ती देवई (मुहा.) डाट फटकार।
बजई (क्रि.) पिटाई करना।
बाजा असन बजई (मुहा.) जैसे बाजा बजाते हैं वैसे ही पीटना।
दोहनई (क्रि.) पिटाई करना।
सोंटई (क्रि.) छड़ी से पिटाई करना।
पोहई (क्रि.) भाई के मृत्यु का कारण बनने वाली बहन।
रोटी को हल्के हाथों से चपत लगाकर बनाना, पिटाई करना।
लपेटई (क्रि.) लपेटना, एक को मारते मारते दूसरे को मारकर हाथ साफ करना।
सपेटई (क्रि.) रसदार खाद्य पदार्थ को खाना, पिटाई करना।
झपटई (क्रि.) झटकना, अलग करना।
रपेटई (क्रि.) एक के साथ दूसरे को भी शिकार बनाना।
जातछोड़े (वि.) जाति बहिष्कृत।
चंदरबदनी (वि.) चंद्रमा के समान जिसका शरीर हो।
परानपिरिया (वि.) प्राणप्रिया।
सुआपाँखीरंग (वि.) तोते का पंख
दरभत्ता (वि.) दालभात।
दूधभत्ता (वि.) विवाह में वर वधु को दूधभात खिलाने की परंपरा।
दूधिया (वि.) दुग्धपायी शिशु।
गोंदलीफटाका (वि.) पटकने पर फूटने वाला गोल फटाका।
भाईददा (वि.) पितृतुल्य भाई।
नवरतन (वि.) नवरत्न।
तिफरा (वि.) त्रिफला तीन सैले फलों का चूर्ण।
पँचमुखी (वि.) पंचमुखी।
पंचमुड़िया (वि.) पंचानन।
दसमुड़िया (वि.) दशानन, रावण।
चरगोड़िया (वि.) चतुष्पाद, चौपाया पशु, चार पहिये का वाहन।
बाराजत्ता (वि.) अनेक जातियों का मिश्रण।
बारा बानी (वि.) नाना प्रकार, विविध।
बाराबिधि (वि.) अनेक प्रकार से।
बाराकोरी (वि.) दो सौ चालीस, अत्यधिक।
सतरिखिया (वि.) सप्तऋषि।
रोटी पीठा (वि.) व्यंजन, कलेवा।
माड़ा पीठा (वि.) छत्तीसगढ़ी व्यंजन।
उढ़री (वि.) जिसने मनपसंद विवाह घर से भागकर किया हो ऐसी स्त्री।
ढुरू (वि.) भूनने पर नहीं फूटा हुआ चने का दाना।
गुरु (वि.) गुरु।
सइघो लंठ (वि.) निरामुर्ख, पूरा उजड्ड।
गोंडी (वि.) कंकड़।
गंगोटी चंदन (वि.) पीले रंग का पूजा में उपयोगी चंदन।
लतखोर (वि.) लात खाकर बात समझने वाला।
चितियाय (वि.) चित होना, गिर पड़ना।
पटियाय (वि.) लेटना, बालों को बिना खोले कंघी चलाकर संवारा हुआ।
अँटाय (वि.) जलस्तर कम हुआ।
बटियाय (वि.) तुरपाई करना, किनारे को सुई धागे से मोड़ा हुआ।
सँटियाय (वि.) चिपका हुआ।
लटियाय (वि.) गंदा बाल, लट बन चुका बाल।
छँटियाय (वि.) दूर हटा हुआ।
मटियाय (वि.) मिट्टी से धोया हाथ पैर, भूलने का प्रयास किया जाने वाला कष्ट ।
ऊँटवा (वि.) ऊँचा, लम्बा, ऊट।
मुड़गट्ठर (वि.) बोझ-।
झटकन (वि.) जल्दी से।
पटकन (वि.) पटकना।
फटकन (वि.) फेंकना।
चटकन (वि.) थप्पड़।
लटकन (वि.)लटकता आभूषण।
मटकन (वि.) मटकना।
गटकन (वि.) गटकना, निगलना।
भटकन (वि.) भटकाव।
सटकन (वि.) तंग जगह में फँसना।
हटकन (वि.) बाँह पकड़कर या बाल पकड़कर खीचना।
गबर्रा (वि.) अतिभोजी।
थोथना (वि.) नथुना।
कुचरई (वि.) कुचलना।
तुर्राधार (वि.) तीव्र धार।
पिटान परई (वि.) मार पड़ना।
चेथी के बुध कनपट मा अवई (वि.) अक्ल आना।
जँहुरिया (वि.) हमजोली।
कुरिया (वि.) कमरा।
तुरतुरिया (वि.) मछली।
चरिहा (वि.) बड़ी टोकरी।
ददाघर (वि.) पितृगृह।
ममाघर (वि.) मातुलगृह, मामा का घर।
परघर (वि.) परगृह, दूसरे का घर।
अपनघर (वि.) स्वगृह।
सगाघर (वि.) अतिथिगृह।
सोहरघर (वि.) प्रसूतालय, प्रसूतिगृह।
मरियाघर (वि.) मृतकगृह, जिस घर में मृत्यु हुई हो वह घर।
बिहाव घर (वि.) जिस घर में विवाह हो रहा हो ऐसा घर।
बरघर (वि.) वरगृह।
मनजोड़ (वि.) मनोयोग से।
मनजुड़े (वि.) मनोयोग से।
मनजोड़ैया (वि.) मन को जोड़ने वाला।
कुलकुल्ला (वि.) अतिप्रसन्न।
कुलनाशी (वि.) कुलनाशक।
कुलकलंक (वि.) कुलकलंक।
कुलघातिन (वि.) कुलघातक।
कुलबोरूक (वि.) कुल के नाम को डुबाने वाला।
कुलबेल (वि.) वंशबेल।
कुलनार (वि.) वंशबेल।
कुलरुखवा(वि. ना.)वंशवृक्ष।
कुलराखन (वि.) कुल के नाम की रक्षा करने वाला।
कुलतारन (वि.) कुल को तारने वाला।
कुलधारन (वि.)कुल का आधार।
कुलमारन (वि.) कुलहन्ता।
कलकिथँवा (वि.) परेशानी।
घरराखन (वि.) गृहरक्षक, घर की रखवाला/वाली।
कठबेटा (वि.) कठोर हृदय वाला बेटा।
कठबेटा (वि.) कठोर हृदय वाली बेटी।
कठबाप (वि.) कठोर हृदय वाला बाप।
कठदाई (वि.) कठोर हृदय वाली बेटी।
कठनत्ता (वि.) कठोर हृदय वाले सगे संबंधी।
कठबोली (वि.) कठोरवचन।
कठखाय (वि.) काठ खाय जैसे हो चुका, अवाक, आश्चर्यचकित।
अटाटूट (वि.) असंख्यात।
अटाटोर (वि.) ताबड़तोड़।
अकड़धत्ता (वि.) जबरदस्त ताकतवर।
अरकट्टा लिक्खा (वि.) शीघ्रलेख।
अरकट्टा चाल (वि.) ।
अदरसिखहा (वि.) अर्धशिक्षित।
असीखहा (वि.) अशिक्षित।
अदरछोलहा (वि.) आधा छिल्का निकला हुआ दाल।
कलेचुप (वि.) चुपचाप।
कल नइ परई (मुहा.) चैन नहीं आना।
कल बल देखई (मुहा.) कला और बल दिखाना।
बल संग सकबे कल संग कइसे सकबे (हाना ) शारीरिक शक्ति वाले से जीतना सरल है लेकिन तंत्र मंत्र शक्ति से लड़ने वाले से जीतना असंभव है।
करजीबा (वि.) व्याकुल होकर रोने वाला/वाली।
जबरलंका (वि.) बहुत दूर।
जबरभूख (वि.) बहुत तेज भूख।
जबरवाली (वि.) जबरदस्ती।
जबरन (वि.) जबरदस्ती।
जबरजोर (वि.) जबरदस्त ताकत।
जबरठान (वि.) कृतसंकल्प।
जबरगठान (वि.) मजबूत गठान।
जबरगुनधर (वि.) प्रकांड विद्वान।
जबरगोठ (वि.) पुष्ट व कठोर बात।
जबरघात (वि.) वज्राघात, कठोर प्रहार, जबरदस्त आघात।
जबरदुख (वि.) बहुत बड़ा दुख।
जबरअलहन (वि.) बहुत बड़ी दुर्घटना।
जब्बरछाती (वि.) मजबूत छाती। मजबूत इरादा।
जब्बरदुख (वि.) महादुख।
जब्बरपीरा (वि.) महाकष्ट, तीव्र पीड़ा।
बिनभेव (वि.) घृणारहित।
बिनभाव (वि.) भावनारहित।
बिनदाम (वि.) मूल्यरहित।
बिनरसा (वि.) रसविहीन।
बिनशक्ति (वि.) शक्तिरहित।
बिनलोभ (वि.) निर्लोभ।
बिनविकार (वि.) निर्विकार।
बिनगुन (वि.) गुणरहित।
बिनज्ञान (वि.) ज्ञानरहित।
बिनशील (वि.) शीलरहित।
बिनसोग (वि.) दयारहित।
बिनफल (वि.) फलरहित।
बिनकाल (वि.) कालरहित।
बिनदोस (वि.) निर्दोष।
बिनसुख (वि.) सुखरहित।
बिनदुख (वि.) दुखरहित।
बिननेम (वि.) नियमविहीन।
बिनभजन (वि.) भजनविहीन।
बिनताप (वि.) ऊष्मारहित, दुखरहित।
बिनगुरु (वि.) गुरुरहित।
बिनदुराव (वि.) दुरावरहित।
बिननवे (वि.) नम्रतारहित।
बिनकलेस (वि.) क्लेशविहीन।
बिनचुन्दी (वि.) केशरहित।
बिनभुजा (वि.) बाहुविहीन।
बिनाँखी (वि.) नेत्ररहित।
बिनरोग (वि.) रोगरहित।
बिनशोक (वि.) शोकरहित।
बिनगिरे (वि.) पतनरहित।
बिनचोला (.) अशरीर।
बिनकाया (.) अशरीर।
बिनभाग (.) भाग्यरहित।
बिनपरान (.) प्राणरहित।
बिनराउर (.) राजाविहीन।
बिनपरजा (.) प्रजारहित।
बिनलागलपेटा (.) रागरहित।
बिनबोले (.) संवादविहीन।
बिनढंग (.) बेढ़गा।
बिन रंग (.) बेरंग, रंगविहीन।
बिनखेवास (.) सेवकरहित।
बिनखेवासिन (.) सेविकारहित।
बिनचाम (.) चर्मविहीन।
बिनअँचरा (.) आँचलरहित।
बिनबिधिबिधान (.) विधिविधान विहीन।
बिनपया (.) आधारविहीन।
बिनजर (.) मूलरहित।
बिन पार (.) अपार, अनंतकिनाराविहीन।
महाबिनास (.) महाविनाश।
महालीला (.) महालीला।
महारास (.) महारास।
सुतई (.) सीप, सिप्पी, सोना।
दरुहा मंदहा (.) पियक्कड़।
फिरंता (.) घूमक्कड़।
फिरंतिन (.) घूमक्कड़।
फक्कड़ (.) निर्धन, फक्कड़ स्वभाव का व्यक्ति।
बेंवट (.) पहला शिशु जन्म को पहिली बेंवट कहते हैं।
दूसर बेंवट (.) दूसरे शिशु जन्म को दूसर बेंवट कहते है।
पहिलाँवँत (.) प्रथम शिशु जन्म।
दूसरावँट (.) द्वितीय शिशु जन्म।
तीसरावँट (.) तृतीय शिशु जन्म
पहिलाँवत (.) प्रथम शिशु जन्म।
दूसराँवत (.) द्वितीय शिशु जन्म।
बुआ (.) बाबा, घुमन्तू साधू।
चमकुल (.) चमक दमक से रहने वाला /वाली।
मटकुल (.) मटकाने वाला/वाली।
गुटकुल (.) छोटा और मोटा सा।
छोटकुन (.) छोटा सा।
भोटकुल (.) भटकावयुक्त।
बोदका (.) छोटा और मोटा।
खुसुर फुसुर (.) धीरे धीरे बोलने के साथ प्रयुक्त।
भुसुर भुसुर (.) बाहर निकलना, चलने के साथ प्रयुक्त।
उसर पुसर (.) बारम्बार, पुनःपुनः।
घोंसर घोंसर (.) घसीटकर बड़ी मुश्किल से चलने के साथ।
घुरुरघारर (.) बदसात के दिन आने के साथ प्रयुक्त।
कुरुरकारर (.) आपसी कलह।
खुरर खुरर (.) झाड़ू लगाने के साथ प्रयुक्त।
गरर गरूर (.) जल्दी जल्दी बच्चे पैदा करने के साथ प्रयुक्त।
चुरुर चुरुर (.) पेशाब करने के साथ प्रयुक्त।
झुरुर झुरुर (.) झरने या जल के धीरे धीरे झरने के साथ प्रयुक्त।
तुरुर तुरुर (.) अधिक पनीला के साथ प्रयुक्त।
पुरुर पुरुर-पुराने कपड़े के दरकने के साथ प्रयुक्त।
फुरुर फुरुर-हवा में उड़ने के साथ प्रयुक्त।
भुरुर भुरुर-वाहन चलाने के साथ प्रयुक्त।
सुरुर सुरुर-ठंडी हवा चलने के साथ प्रयुक्त।
रइचुली-लकड़ी का झूला।
कलकल कलकल-क्रोध में लाल पीला होने के साथ प्रयुक्त।
तड़तड़ी-शीघ्रता, हड़बड़ी।
लकलक-शीघ्रता के साथ प्रयुक्त।
फोकलाफाँसी() निर्धन, कंगाल।
हटपट-हटपट-जल्दबाजी।
बड़बड़ बड़बड़-बुदबुदाना।
बुड़बुड़ बुड़बुड़-बुदबुदाया।
थोरिक-थोड़ा सा।
चिटिक-थोड़ा सा, अत्यल्प।
थोकिन-थोड़ा सा।
थोकुन - थोड़ा सा।
थोरकुन-थोड़ा सा।
थोरिक-थोड़ा सा।
थोर बहुत-थोड़ा बहुत।
थोरथार-थोडा़ सा।
थोरहे बहुते-कम या ज्यादा।
थोरहे-थोड़ा सा।
रजौती - राजपुत्र राजा के बेटा।
रहट - घिरनी।
राहटा- जलघिरनी।
राटटा- तकली चरखा।
करवटी - करवट।
करवट-करवट।
करम ठठ ई-
करम धर इ
करम फाट इ
करम धर इ
करम ला दोस देव इ
गड़ियाकरम-गड़ा हुआ भाग्य, दुर्भाग्य।
लउठीबेड़गा-लाठी आदि प्रतिचर शब्द युक्त समास।
अरइ लउठी-लोहे की नुकीली कील लगी हुई लाठी।
अरइ तुतारी-लोहे की नुकीली कील लगी हुई लाठी।
बकइत-बकवास करने वाला।
बनेलाडउका-अपने पति की मृत्यु पश्चात अथवा छोड़कर जिसे पति बनाया जाता है उसे बनेलाडउका कहते हैं।
बनेलीडउकी-अपनी पत्नी की मृत्यु पश्चात अथवा छोड़कर जिसे पत्नी बनायी जाती है वह स्त्री।
बिहाती-ब्याहता, विवाहिता।
बनइ-अपनी पत्नी की मृत्यु पश्चात अथवा छोड़कर जिसे पत्नी बनायी जाती है वह स्त्री।
बरे बहाती-जिसके साथ विवाह किया गया हो ऐसी स्त्री।
चुरपहिरी-किसी की पत्नी की मृत्यु पश्चात अथवा छोड़ने के बाद उसके लिए चूड़ी पहनकर पत्नी बनने वाली स्त्री।
चुरपहिरा-चूड़ियाँ पहनने वाला, नामर्द, दब्बू व्यक्ति जो हर विषय में अपनी पत्नी को आगे करता हो।
चूरीपहिरैया-चूड़ी पहनाने वाला/वाली।
चूरा ही-चूड़ामणि पहनने वाली स्त्री।
चूरा -चूड़ा।
कड़ा-लड़कों के कलाई में पहनने का आभूषण।
जरकुल - जड़युक्त।
घरकुल - घरयुक्त।
बाहरन बटोरन-झाड़कर निकाला गया कचरा।
कोलवा- लूला।
चन्नाहू - चन्द्रमा के गोत्रज कुरमी जाति।
अर्रा तता-(सं.)हल या बैलगाड़ी हाँकने के लिए बोलने का शब्द।
अर्रागोठ-(क्रि.वि.)व्यर्थ की बातें, अनर्गल बातें।
अर्रा बुलइ-(क्रि.वि.)व्यर्थ में घूमना।
अर्रा चाल-(क्रि.वि.)व्यर्थ चालबाजी।
अर्रा जवानी -(क्रि.वि.)व्यर्थ जवानी।
अर्राबेरा--(क्रि.वि.)व्यर्थ बीता हुआ समय
अलकर गोठ--(क्रि.वि.)अप्रिय बातें
हपट परे तौ हर गंगा(हाना) नहीं चाहते हुए भी अनायास किसी कार्य का अथवा भेट हो जाना।
धनबोड़ा-हीनदेव।
परछर- साफसुथरा खुला खुला।
हेलमेल - पर्याप्त जगह होना, खुला खुला।
पेटौरी- सं. पेट
गदेली-सं.हथेली।
तोरीमोरी-मेरा तेरा करना।
दोददोद दोरदोर (क्रि.वि.) एक साथ बहुत लोगों का आना जाना।
तोतोलोलो (क्रि.वि.) स्पष्ट नहीं बोल पाना।
हाहीमाही (क्रि.वि.) पर्याप्त ।
धरोंरपोटो (क्रि.वि.) जल्दी जल्दी संग्रहित करके अपने अधिकार में लेने को आतुर होना।
धरो धरो(क्रि.वि.) पकड़ने के लिए तैयार।
देखो देखो (क्रि.वि.) हाहाकार मचना।
होबाजाबा(क्रि.वि.) मरणासन्न होना।
टोरा तिखारी(क्रि.वि.) बातों को तोड़ तोड़ कर आशय को समझने का प्रयास करना।
लोलोपीला (क्रि.वि.) बड़े हो जाने के बाद भी सदैव सब चीजों के लिए माता पिता या अभिभावक के आश्रित रहने वाले बालक बालिका।
रोरो रोरो (क्रि.वि.) अतिपरिश्रम के साथ प्रयुक्त।
चोरोबोरो (क्रि.वि.) अव्यवस्थित।
रुखराई (ना.) रुक्ष संस्
हीही भकभक-क्रि.वि. हास परिहास के साथ प्रयुक्त।
हाहा भकभक (क्रि.वि.) हास परिहास के साथ प्रयुक्त।
कट्ट ले (क्रि.वि.)
खटखट (क्रि.वि.) खटपट।
गटगट (क्रि.वि.) गटकना।
चटचट (क्रि.वि.) जलने के साथ प्रयुक्त, चट चट की आवाज।
झटपट (क्रि.वि.) शीघ्र, जल्दी ।
पटपट (क्रि.वि.) आसानी से टूटने के साथ प्रयुक्त।
फटफट (क्रि.वि.) मारने के साथ।
मटमट मटमट (क्रि.वि.) हावभाव दिखाना, स्वयं को जताना।
रटरट रटरट (क्रि.वि.) पानी बरसने ओला गिरने के साथ प्रयुक्त।
लटलट ले(क्रि.वि.) ढेर सारा फल लगा हुआ वृक्ष।
लटिया-क्रि.वि.
सटसट (क्रि.वि.) जल्दी जल्दी काम को करने के साथ प्रयुक्त।
सिट्ट ले (क्रि.वि.) अबोध बनने का प्रयास करना।
पूच्च ले (क्रि.वि.) कूदने के साथ प्रयुक्त।
केक ले (क्रि.वि.) असमर्थता जताने के साथ प्रयुक्त ।
चाँउरफुटु
कोदईफुटु/कनकीफुटु
बोदकाफुटु
पिहरीफुटु/डोंहरुफुटु() साँप के बिल में उगने वाला फुटु।
बम्बरीफुटु
कटकट ले(क्रि.वि.
चटचट-क्रि.वि.
पटपट ले-क्रि.वि.
फटफट ले-क्रि.वि.
बटसट ले-क्रि.वि.
मटमट ले-क्रि.वि.
रटरट ले-क्रि.वि.
लटलट ले -क्रि.वि.
जूझ इया-सं.वि.
पूछ इया-सं.वि.
कुच इया-सं.वि.
गरगर गरगर -क्रि.वि.
गरर गरर-क्रि.वि.
झरतीझारा-क्रि.वि.
झम्मक झम्मक-क्रि.वि.
झमझम ले-क्रि.वि.
झमाझम-क्रि.वि.
झुम्मर-क्रि.वि.
झम्मन-वि
झुल -क्रि.वि.
पचघुँच्चा-सं.वि.
पछघुँच्चा-सं.वि.
डरघुँच्चा-सं.वि.
बेरघुँच्चा-सं.वि.
बेरघुच्ची-सं.वि.
घरघुँच्चा-सं.वि.
घरघुँच्ची -सं.वि.
पलपला-क्रि.वि.
कलकला के -क्रि.वि.
गलगला के-क्रि.वि.
छलछला के-क्रि.वि.
झलझला के -क्रि.वि.
ढलढला के-क्रि.वि.
फलफला के-क्रि.वि.
बलबला के-क्रि.वि.
सलसला के-क्रि.वि.
ठोटकइ-
ठक्क ले-क्रि.वि.
रोकोपोको-क्रि.वि.
छोछो छोछो -क्रि.वि.
ठलहाभोक्को
मँगसा असन झूमगे
अठनहा अठन्नी
धड़ाधड़-क्रि.वि.
चड़ाचड़-क्रि.वि.
झड़ाझड़-क्रि.वि.
तड़ातड़-क्रि.वि.
पड़ापड़-क्रि.वि.
फड़ाफड़-क्रि.वि.
भड़ाभड़-क्रि.वि.
सड़ासड़-क्रि.वि.
अलखा--(क्रि.वि.)चंचल
अलपकाल-(क्रि.वि.)अल्पकाल
फक्कड़-(स.वि.)
गरनाय गले में डाला हुआ
अल्लरदेह-(सं.वि)शिथिल शरीर।
अलाल-(वि.)
बासिन्दा फा. प्रत्यय
मोहरबंद- फा. प्रत्यय
कलमबंद- फा. प्रत्यय
कमरबंद- फा. प्रत्यय
चकबंद- फा. प्रत्यय
नकलची- फा. प्रत्यय
बाबर्ची- फा. प्रत्यय
अफीमची- फा. प्रत्यय
मशालची- फा. प्रत्यय
लहरादार-- फा. प्रत्यय
किरायादार- फा. प्रत्यय
बकायादार- फा. प्रत्यय
ताबेदार- फा. प्रत्यय
थानादार- फा. प्रत्यय
मजेदार- फा. प्रत्यय
फूलदार- फा. प्रत्यय
फलदार- फा. प्रत्यय
हवादार- फा. प्रत्यय
बाँटनदार- फा. प्रत्यय
झोंकनदार- फा. प्रत्यय
जोंतनदार- फा. प्रत्यय
अकड़बाज- फा. प्रत्यय
नशाबाज- फा. प्रत्यय
दगाबाज- फा. प्रत्यय
जमाखोर- फा. प्रत्यय
लतखोर- फा. प्रत्यय
घूसखोर- फा. प्रत्यय
हरामखोर- फा. प्रत्यय
मुनाफाखोर- फा. प्रत्यय
चुगलखोर- फा. प्रत्यय
गरना()मुर्गी रखने का बाँस से निर्मित पात्र।
चूरी फोर इ
चूरी कुचर इ
फूल कुचर इ
अँगरी धरइ
आगी धरइ
रोग धरइ
लूलू लूलू
उलूलूलू
ऊँऊँ ऊँऊँ
आँय आँय
काँय काँय
ताँयफाँय
टाँयफाँय
राँव राँव
काँव काँव
खाँव खाँव
गाँव गाँव
चाँव चाँछाँव छाँव
जाँव जाँव
झाँव झाँव
ठाँव ठाँव
दाँदाँलाँ
लाँव
साँवबिसाँव
हाँव
साँय सायँ
चाँय चाँय
छाँय छाँय झाँय झाँय
टाँय टाँट ठाँय ठाँय
ढाँय ढाँय
ढ़ोंय ढ़ोंय
दाँय दाँय
धाँय धाँय
फाँय फाँय
बाँय बाँय
भाँय भाय
राँयराँय
आबसाँय साँय
हाय हाय
पसलहूँ
अउँधहूँ
करछहूँ
चिटिय इन
मटियइन
सबुन इन
परपरइन
भरभरइन
धड़धड़ाती
तड़तड़ाती
तड़ातड़
पड़ापड़
भड़ाभड़
चड़ाचड
सड़ासड़
भकर इन
भोकर इन
बोकर इन
मकर इन
शकर इन
गुर इन
अलवइन
उम्मीदवार
हफ्तावार
महीनावार
खैवाल
रखवाल
जैमाल
अस्पताल
डाकघर
छापाखाना
छप इया
झप इया
कँप इया
खप इया
चिप इया
छिप इया
टिप इया
ढिक इया
तिप इया
बिक इया
बिकवाल
लेवाल
देवाल
खैवाल-सट्टा खेलने वाला।
मतवाल
रखवाल
जालीदार
लुड़बुड़ लुड़बुड़
कुड़बुड़ कुड़बुड़
हुड़बुड़ हुड़बुड़
जूड़ जूड़
जूड़जूड़हा
बड़बड़हा
बड़बड़ही
लड़बड़हा
लड़बड़ही
चुलुक
पुल पुल
पुलुल पुलुल
गुलुल गुलुल
ढुलुल मुलुल
उलूलजुलूल
बुलल बुलुल
बुलबुला
मुसकिरा
कटकरा
पल पल
पलपल पलपल
भुलुक भुलुक
कठुवाय
पठोय अँटोय
अँटाय
कट उ
खँट उ
चँटाय
छँटाय
जठाय
झँटाय
टंँकाय
टँठाय
ठोकाय
ठोंकवा
पीटवाँ
पटाय
बँटाय
रटाय
सँटाय
हटाय
घटाय
फँक इ
कोंदा
कोंदी कोंदा
उलटपोंदा
उलटपोंदी
लोदलोदहा
फोदफोदहा
फदफदा फदफदा
बदबदा बदबदा
रदबदा रदबदा
पटपट पटपट
खटपट खटपट
लटपट
झरकट
कनकट्टा
खनती
कोरकोर कोरकोर-क्रि.वि.
जोरा भारा
जोखातोरा
जोड़ीजाँवर
लेढ़वा
बेढ़वा
बेहड़वा () मनमौजी
बेहड़वी()
लेड़गा बेड़गा
झंगा झोली
झँझाबाय
झगरा उठइ
झगरा मतइ
झक मारई(क्रि. )
पलई चमकना(मुहा. )
पदई बाढ़ई(मुहा. )
मँदइन(भावसूचक)
झगरा
झूमका
झुमकी
झुमरू
झुमरी
झुम्मा
झल्लई(क्रि.)
झलकई(क्रि. )
झगरई(क्रि. )
झझई(क्रि. )
झँटई(क्रि. )
जठई(क्रि. )
झँवई(क्रि. )
झड़ई(क्रि. )
झरई(क्रि. )
फरई(क्रि. )
बरई(क्रि. )
भरई(क्रि. )
मरई(क्रि. )
करई(क्रि. )
खरई(क्रि. )
गर्रई(क्रि. )
घरई(क्रि. )
चरई(क्रि. )
छरई(क्रि. )
जरई(क्रि. )
झरई(क्रि. )
टरई(क्रि. )
ठरई(क्रि. )
डरई(क्रि. )
तरई(क्रि. )
ढरई(क्रि. )
तरई(क्रि. )
थर्रई(क्रि. )
दरई(क्रि. )
धरई(क्रि. )
नरई(क्रि. )
परई(क्रि. )
फरई(क्रि. )
बर ई(क्रि. )
भरई(क्रि. )
भरई(क्रि. )
मरई(क्रि. )
ररई(क्रि. )
लरई(क्रि. )
लड़ ई(क्रि. )
वरई(क्रि. )
सर ई(क्रि. )
सरई(क्रि. )
हरई(क्रि. )
कलई(क्रि. )
खलई(क्रि. )
गलई(क्रि. )
घलई(क्रि. )
चलई(क्रि. )
छलई(क्रि. )
जलई(क्रि. )
झलई(क्रि. )
टलई(क्रि. )
ठलई(क्रि. )
ढलई(क्रि. )
तलई(क्रि. )
दलई(क्रि. )
पलई(क्रि. )
फलँगई(क्रि. )
बल ई(क्रि. )
भल ई(क्रि. )
मलई(क्रि. )
मलाई (क्रि.)
ललई(क्रि. )
सलई(क्रि. )
हलई(क्रि. )
करई(क्रि. )
छँदई(क्रि. )
नँदई(क्रि. )
पदई(क्रि. )
फँदई(क्रि. )
बदई(क्रि. )
भँदई(क्रि. )
लदई(क्रि. )
धँधई(क्रि. )
खँधई(क्रि. )
चें धई(क्रि. )
निंधई(क्रि. )
पिंधई(क्रि. )
रँधई(क्रि. )
सँधई(क्रि. )
हँध ई(क्रि. )
कँद ई(क्रि. )
गँधई(क्रि. )
गिंधियई(क्रि. )
रऊँदई(क्रि. )
गऊँदई(क्रि. )
खुड़दई(क्रि. )
अऊँधई(क्रि. )
सदारंगी
ठठई(क्रि. )
ठिठकई(क्रि. )
खन ई (क्रि.)
टनटन ई (क्रि.)
चनमन ई (क्रि.)
झनझन ई (क्रि.)
कनकन ई (क्रि.)
दनदन ई (क्रि.)
दंदोर ई (क्रि.)
खनखन ई (क्रि.)
गनगन ई (क्रि.)
घनघन ई (क्रि.)
चनचन ई (क्रि.)
छनछन ई (क्रि.)
झनझन ई (क्रि.)
टनटन ई (क्रि.)
तनतन ई (क्रि.)
दनदन ई (क्रि.)
पनपन ई (क्रि.)
फनफन ई (क्रि.)
भनभन ई (क्रि.)
सनसन ई (क्रि.)
कर्र ई (क्रि.)
खर्र ई (क्रि.)
गर्र ई (क्रि.)
चर्र ई (क्रि.)
झर्र ई (क्रि.)
ठर्र ई (क्रि.)
डर्र ई (क्रि.)
थर्र ई (क्रि.)
दर्र ई (क्रि.)
फर्र ई (क्रि.)
बर्र ई (क्रि.)
भर्र ई (क्रि.)
सर्र ई (क्रि.)
जंग ई (क्रि.)
खँग ई (क्रि.)
चंग ई (क्रि.)
टँग ई (क्रि.)
डँग ई (क्रि.)
तंग ई (क्रि.)
दंग ई (क्रि.)
नँग ई (क्रि.)
मँग ई (क्रि.)
रंग ई (क्रि.)।
कर ई (क्रि.)।
खर ई (क्रि.)।
चर ई (क्रि.)।
छर ई (क्रि.)।
जर ई (क्रि.)।
झर ई (क्रि.)।
टर ई (क्रि.)।
डर ई (क्रि.)।
तर ई (क्रि.)।
धर ई (क्रि.)।
नर ई (क्रि.)।
पर ई (क्रि.)।
फर ई (क्रि.)।
बर ई (क्रि.)।
भर ई (क्रि.)।
मर ई (क्रि.)।
लर ई (क्रि.)।
सर ई (क्रि.)।
छर ई (क्रि.)।
लिपलिपावत
दिपदिपावत
कलकलावत
पलपलावत
झलझलावत
टनटनावट
कनकनावत
खनखनावत
गनगनावत
चनचनाव
छनछनावत
जनजनावत
ठनठनावत
तनतनावत
दनदनावत
फनफनावत
सनसनावत
कपट ई (क्रि.)।
खपट ई (क्रि.)।
चपट ई (क्रि.)।
झपट ई (क्रि.)।
डपट ई (क्रि.)।
दपट ई (क्रि.)।
रपट ई (क्रि.)।
लपट ई (क्रि.)।
सपट ई (क्रि.)।
सुपट ई (क्रि.)।
चुपर ई (क्रि.)।
थपड़ ई (क्रि.)।
कप ड़ ई (क्रि.)।
सप ड़ ई (क्रि.)।
झमक ई (क्रि.)।
गमक ई (क्रि.)।
छमक ई (क्रि.)।
झमक ई (क्रि.)।
ठमक ई (क्रि.)।
तमक ई (क्रि.)।
धमक ई (क्रि.)।
बंबक ई (क्रि.)।
बंब ई (क्रि.)।
थंब ई (क्रि.)।
संभा
खंभा
रंभा
चर्रा
कर्रा
खर्रा
गर्रा
घर्रा
झर्रा
टर्रा
ठर्रा
दर्रा
ढर्रा
पर्रा
फर्रा
बर्रा
भर्री
सर्रा
कलथी (क्रि.)करवट लेना।
पालथी (क्रि.)पद्मासन में बैठना।
चोकरा
छोकरा
टोकरा
डोकरा
धोकरा
बोकरा
मोकरा
सेसरा
केसरा
लखेसरा
घेसरा-
भेसराबन() घाँस।
सोभनाबन() साँवा।
चुहाबन/चुहकीबन()
बदउरी/बदउर()
पोंडीबन () प्याज के जैसे पोला घाँस।
लजकुरहीफूल-लाजवंती
घुड़मुड़हीफर () गोरखमुंड़ी यह औषधिय पौधा है इसके बाहर पालीथीन जैसा आवरण होता है इसके भीतर मटर के दाने के आकार का फल होता है जिसे खाया जाता हैं।
ढेकुना () घाँस, खटमल।
ढेम्सासाग () टिंडा ।
टेंकर्री मारई () अँगूठा और अनामिका ऊँगली को जोड़कर गोल बनाकर किसी को मारने को टेंकर्री मारई कहते है।
दोख (ना.) दोष
करउवाफर-बरसात में मिलने वाला औषधि, यह परवल जैसा होता है इसका स्वाद कड़वा होता है, इससे सर्प का विष प्रभावित नहीं करता।
पीपरभाजी() हृदयरोग से बचाने वाला पीपल का नया पत्ता।
थेथरा
पेटहा
फेफरा
भोभरा
भोंभरा
लोथरे
ओथरे
खोदरे
दोंगरे
पोंगरी
फोंगला
भोंगरा
ढोमरा
चोग्गर
ओग्गर
खोक्खड़
जोक्कत्रड़
फक्कड़
मोक्कड़
रोक्कड़
हेक्कड़
चेमटहा
चेमटही
रेंगटा
रेंगटी
लंगटा
लंगटिन
चरकट
झरकट
हलकट
खलपट
खोंझरहा
मोंजरहा
घोंघनहा
घोंघनही
चिटियहा
चिटियही
कोचरहा
सकेलाहाथ
हथपिट्टा
सादारंगी
सतरंगी
बिदरंगी
जगरंगी
प्रभुरंगी
मनरंगी
मनरंगनी
जगरंगनी
सुखरंगनी
जुगजोड़ी
जुगजगवारी
जुग भाई
जुग बहिनी
जुग जोंही
जुगपरछो
सरमेट्टा
करमत्ता
जरमेटन
धरमेट्टा
घरमेटन
मरमेटन
लड़मेटन
नरमेटन
परमेटन
हरमेटन
कलवन्ता
कलवन्तीन
दलवन्ता
दलवन्तीन
पलोना
कलोना
गलोना
घलोना
छलोना
जलोना
झलोना
ढलोना
तलोना
बलौना
मलोना
ललोना
सलोना
हलोना
हल इ डोल इ
खोल ई(. )
घघोल
छोल
झोल
ठोल
ढ़ोल
तैल
दोल
पोल
फोल
बोल
मोलिय
लोल
लोलोपीला
सोलहा
खोलहा घोलहा
छोलहा
झोलहपोलहा
पोरहा
फोलहा
भोभला
गोभ ई
खोभ
छोप
लोप
कोकई
कोप
खोपियइ
चोपियइ
गोपिरयइ
काँटा खूँटी
बाँटा हिस्सा
हारिहारा
कोलाबारी
कोको कोक
खोख खोख
गोक गोक
चोख चोख
छोछो छोछो
झोझा परे
टाटा टउवा चल देना
डोरी डाँवा
ढोलामारू
कुच्चा
मुकुर मुकुर
सज बज
सदाकाल हाँसत बदन
खरचा बरचा
चढ़ उतर
उतार चढ़ाव
बने गिनहा
भोक्को
भकानंद
भोकलू
भोकवा
भकालू
कोक्को
खोखो
गोक्क ले-क्रि.वि.
घोक्ख ले-क्रि.वि.
झोक
ठोंकवा
ठोंककोक इ
रिसाय-ब उछाय
कमी-बेसी
गुन-धरम
फरी-फरी
फरी-फरा
दूध के दूध पानी के पानी() नीर क्षीर विवेचन।
खोँख इ-क्रि
झोंक इ (क्रि.)।
टोंक इ (क्रि.)।
ठोंक इ (क्रि.)।
ढ़ोंकइ (क्रि.)।
धोंक इ (क्रि.)।
पोंक इ (क्रि.)।
भोंक इ (क्रि.)।
मोक इ (क्रि.)।
रोक इ (क्रि.)।
लोक इ (क्रि.)।
सोंट इ (क्रि.)।
खोंट इ (क्रि.)।
घोंट इ (क्रि.)।
छोंट इ (क्रि.)।
जोंट इ (क्रि.)।
झोंट इ (क्रि.)।
पोट इ (क्रि.)।
मोट इ (क्रि.)।
लोट इ (क्रि.)।
सोंट इ (क्रि.)।
दोम इ (क्रि.)।
फोंकाय इ (क्रि.)।
घटल खँटल
घँटल
घोंटूल
जटल
झँटल
कठल
नटल
पटल
फटल
बँटल
रटल
सँटल
हटल
करन धरन
खरन
गरन
घरन
चरन
छरन
जरन
झरन
टरन
ठरन
डरन
ढरन
तरन
दरन
धरन
परन
फरन
बरन
भरन
मरन
लरन
वरन
सरन
शरण
हरन
क्षरन
अरक्का
चरक्का
झोरक्का
झोरखा
तरक्की
उन्नति
फरक्का
फरंगा
भरंगा
भड़ँगा
धड़गा
डड़ँगा
जड़ँडा
अड़ँगा
तड़ाग
तड़ँगा
लड़ँगा
हड़ँगा
दीया झलक इ
दीया झँकाय
मन अउ गहा ?
गछे लक्ष्मी के चिन्हा
अस्करी
बगरी
परेवा नख असन चाँउर
अन्न कुँवारी
अन्न परमेश्वरी
अन्नदाता
अन्नदेवा
मनाय कस गोठ
पुचकारती
सुल्हारती
कचारती
हँकरती
बकरती
डकरती
नगदी नरायन
खेल खेल
ऐलफैल
रेलमपेल
झेल झपेटा
झेलझपेट
फूलझेला () नाजुक।
पुलकझलक() नर्म मुलायम।
झालापाला
झंगाझोली
झलल मलल
झाझी
झकझोरझमक
चमकई (क्रि.)।
झमकई (क्रि.)।
छमकई (क्रि.)।
ठमकई (क्रि.)।
तमकई (क्रि.)।
दमकई (क्रि.)।
धमकई (क्रि.)।
बंबकई (क्रि.)।
बँबई (क्रि.)।
अंबरई (क्रि.)।
लम्बरदार
कमरा
करिया कमरा
कंबल
संसोबादर
दारपहित
चिंगिर चाँगर
छप्पन-छुरी
छिटक-बुँदेला
हपट परिस तौ हर गंगा
पुलपुल पुलपुल
बुलबुला
गुलगुला
मुलमुला
मुलमुलहा
मुलमुलही
मुलुल मुलुल
लूलू लूलू
लूलू बेंदरवा
देवणा चढ़े
डड़ैया चढ़े
पानी चढ़े
बानी चढ़े
रंग चढ़े
गहर
पहर
डहर
शहर
लहर
नहर
जहर
कहर
महर महर
डहर डहर
लहर तहर
बहर
हहर के
कुल्ला
खुल्ला
गुल्ला
चुल्हा
टुल्ला
ठुल्ला
दुल्ला
नल्ला
बुल्ला
लुल्ला
हूल
कूल
गुल
घुल
जुल
झूल
तूल
थुलथुल
बुलबुल
मुलमुल
इल्लिग बिल्लिग
हाही अमाय
हर्रों हर्रों
कर्राय कर्राय
बरनाय बरनाय
बलकर
दलगीर
दमदम ले
घमघम ले
चमचम ले
रमरम ले
खमखम ले
गोल्लर
कोलर
फोले
बोले
खोले
घोले
झोले
ठोले
डोले
दोले
बोले
भोले
मोले
होले
अक्खड़
छक्कड़
झक्कड़
टक्कर
ढकर ढकर
लकर लकर
शक्कर
हेक्कड़
दलाल
कंगाल
हलाल
कोप
मयाछोपन
गोठछोपन
बतछोपन
गुनछोपन
सुखछोपन
दुखछोपन
खोपली
गोफ
घोप
चोप
छोप
झोप
टोपा
पयतोपन() अवगुण को छुपाने वाला
मुँहतोपन() मुँह छुपाने वाला/वाली
मुँहतोपैया
भोप
गुनरोपा
लोप
सोप
होप
अलोप-(क्रि.वि.) प्रकट
अल्लर-(क्रि.वि.)
उल्लूर-(क्रि.वि.)हल्का
अवधि( सं.)समयकाल
उकसइ-(क्रि.वि.)कपड़े की तह को खोलना।
अकतरिया- (सं.)जूता पनही
अलाली-(क्रि.वि.) आलस्य।
लोप -(क्रि.वि.)अदृश्य।
कौंरा नहीं उठाय
बार नइ बाँधै
गिरा के गोठियइ कमतर समझना
केक ले-
दरबर दरबर
गोंदलाबूटा
ओ बल ले उस तरफ से
ए बल ले इस तरफ से
चिरोबोरो
झोरका
झोरकी
झोर
झोलहा
झोरहा
झोल
झोलहा
झोंकक
झोंगा
झोट
झोट
झोप्फा
झोपड़ी
झोपड़ा
झपोली
झोगा
झुक झुक
झिकझिक
झींक इ
झींकपूदक
झिकी-झिकी
झिटका
झिटकी
झीटी
झिपई
झिपनी
झिपारी
झील्ली
झील
झुंँझरी
झुकुर झाकर
झूल झूल
झूक इ
झूठ
झुंड
झुनझुना
झुनझुनी
झिनझिनी
झुनगा
झुर्गा
झुर्री
झुर्रा
झुरझुर झुरझुर
झप्प
झबला
झाबा
झबली
झबरा
झबर्रा
झेल
झेला
झेंझरी
झेंगुरा
झेझीप
झिड़की
खिड़की
तिकड़ी
बड़की
कड़की
खड़क
घुड़की
चुरकी
छड़क
झड़क
झनौरी
झनक
झन्नासी
झन्नाटा
झझप्प ले
झप ले
झमझम झमझम
झरझर झरझर
झलझल झलझल
जकजक जकजक
झालर
कालर
खैलर
घालक
डालर
हालर
बक्का
चक्का
छक्का
झक्की
ठिक्की
डिक्की
तिक्की
पक्की
भक्कालाड़ू
मक्का
अरक्का
सक्की
झक्की
रक्खी
खक्खी
झटक
पटका
कटक
हटका
खटका
घटका
चटका
छटका
झटका
पटका
फटका
बटका
भटका
मटका
लटका झटक
लोरमा झोरमा
सटका
हटका
थोथनहा
थोथनही
भकल्ला
गोदल्ला
गोदल्ली
खखोलवा
खखोलवी
खलपटहा
खलपटही
खटपटहा
खटपटही
रटपट रटपट
रटरट रटरट
कटकट कटकट
खटखट खटखट
गटगट गटगट
चटचट चटचट
झट झट
पटपट पटपट
फटफट फटफट
बटबट बटबट
मटमट मटमट
रटरट रटरट
लटलट ले
सट सट
कुट कुट
घुट घुट
खुट खुट
चुट चुट
टूटफूट
सुट सुट
किरिर किरिर
चिड़िर-चिड़िर
टिरिर टिरिर
पकर पकर
सकर सकर
चक्र चकर
जकर जकर
जकरबकर
टकर टकर
ढकर ढकर
धकर धकर
ठकर ठकर
फकर फकर
बकर बकर
भकर भकर
सकर सकर
हकर हकर
झुकुर झुकुर
झुकुरझाकर
टुकुर टुकुर
फुकुर फुकुर
जपर जपर
गपर गपर
चपर चपर
छपर छपर
सपर सपर
छिपिरछापर
किटिरकाटर
कुरुरमुरुर
कुरुरकारर
घुरुरघारर
झुकुरझाकर
ठुकुरठाकर
बुगुरबागर
जतर कतर
कतर कतर
गतर
छतर-छत्र
बतर
हात हात
बातेबात
बाती क बाता
खात पहिरत
लाती क लाता
चलन
जलन
दुहरीकथन() द्विरुक्त, दो बार कहना।
हलन-चलन()
उवन-ढलन()
केपकेपहा
केपकेपही
झेपहा
झेपही
सेफला
सेफली
खेबड़ा
खेबड़ी
गेबड़ा
झबरा
डबरा
भोभरा
लबरा
कंतर-ब्याज
कंतरखया() साहूकार, बायाज खाने वाला।
कंतरखवैया()
कोंघरहा
कोंघरही
धोकरहा
धोकरही
कोंढ़ा
कोंदाफूल() कली।
कटुवाकाठा() धान नापने का पात्र।
कड़हा-कोचरा
पढ़े कढ़े
बढ़े चढ़े
गढ़ेगोठ
सीखे पढ़े
भरे पूरे
परे-डरे
मरे-सरे
मरे-हरे
जरे-बरे
अरे-तरे()
करे धरे
खड़े ब इठे
गड़े गड़े
झरे-फरे
टरे टरे
टरे घुँचे
तरे-भूँजे
दरे-पीसे
कुटे-पीसे
धरे धरे
बातधरे
फरे-फूले
घुमे - बुले
फुले फुले
फुलहा
फुलही
भुलाय भटके
रटे घोंटे
लोटनालोटे
सोंटे-पीटे
सहे-लहे
बने-तने
बने-गिनहा
बने - बने
सरे-गले
तोपे ढ़ाके
भरेबोजे
जोरे भारे
जोड़ेतोड़े
बूताजोंगे
आगीलगे
पानीपरे
कीरापरे
काँटागड़े
हाड़ाटूटे
भागजागे
चालचले
भारबोहे
सोरबगरे
लिखेपोंछे
सिलेतुने
बानमारे
आँखीदेखे
गोड़खुंदे
दागलगे
पागचढ़े
चाँगचढ़े
रंगचढ़े
डोलाचढ़े
घोड़ाचढ़े
मानकरे
दानकरे
पाँवपरे
सोगमरे
खाँधबिलाई() काँख का घाव।
कुटकाकरे() विभाजित
जीवपरे()
चेतहरे
धनखरके
जनमानित
जनमाने
लोकमाने
जुगजुड़े
जुगबीते
चारकहे
अपन जोड़ () अपने बराबर, समकक्ष।
अपनपीरा() स्वयं की पीड़ा।
अपनहाथ() स्यं के क्षेत्राधिकार में।
दवाओसहा () औषधि।
उतारू लगना() दूध पीते बच्चे का बाल माँ के स्तन में लगने से पीड़ा होती है उसे छत्तीसगढ़ी में तारूलगे कहते हैं।
गुलाझांझरी() दूसरे का झंझट, दूसरे का विषय, दूसरे का झमेला।
अपन असन() अपने जैसा, स्वसदृश।
अपनघर() स्वगृह।
अपनजात() स्वजाति।
अपनकुल() स्वकुल।
अपनमूल() स्वमूल।
अपनभाग() स्वयं का भाग्य।
अपनदेश() स्वदेश
अपन() स्व, अपना।
अपनसत्ता()स्वायत्ता।
अपनगरज()स्वार्थ।
अपनगुन()सर्वगुण।
अपनजिनिस() अपना चीज।
अपनभार() आत्मनिर्भर।
अपनजोग() स्वयं के योग्य।
अपनमार() आत्महंता।
लठिंगरा() व्यर्थ घूमने वाला/वाली।
लठिंगरी() व्यर्थ घूमने वाला/वाली।
लठंगरा() व्यर्थ घूमने वाला/वाली।
लठंगरी() व्यर्थ घूमने वाला/वाली।
फक्कड़() निर्धन।
संगधरे
रंगचढ़े
हरदीचढ़े
सेंदुरचढ़े
जरचढ़े
मूड़चढ़े
जूड़धरे
दुखधरे
संगधरिया
संगधरैया
संगधरा
संगधरी
भागधरे
गुनधरे
पुनधरे
पयधरे
जोगधरे
आँछीधरे
आँछीजोरे
आँछीछाँड़े
रोगड़ाटे
अजारडाँटे
जूठाचाँटे
पतरीचाँटे
लूटमचे
खटियापचे
बातपचोय
खटियाधरे
गरपरे
मयामाते
मंदमाते
मोहमाते
कोहभरे
पापभरे
ममताभरे
अमृतभरे
जहरभरे
टकरपरे
लोभपरे
मोहपरे
बाटपरे
माछीपरे
गूरपरे
गुहपरे
मोलकरे
अल्लरपरे
जगतपरे
भुँइयापरे
भुँइयाउतारे
माटीदेवाय
माटीपटाय
करमछाँड़े
घाँटीबँधाय
घाँटीपरे
चाराचरे
ओंड़ादेये
करगाजामे
दूबी जामत ले
आँखीलगे
आँखीगड़ियाय
पोलपाय
लागलेके
चोलाछाँड़े
संगछोड़े
संगलगे() संलग्न
संगलगैया() संलग्नकर्ता।
बेराउवे
बेरापरे
डेहरीपरे
डेरौठीआय
बेराटरे
बेराकाटे
बेरापहाय
बेराबिताय
बेराभुलाय
बेरामिले
बेराचढ़े
डेहरीचढ़े
माथमढ़े
टीकादेवाय
सोहागचढ़े
चूरीचढ़े
मानघटे
बानाधरे
बानाबोहे
बानाबाँधे
पालोधरे
हाथबाँधे
मुँहबाँधे
बाँहबाँधे
गोड़बाधे
चुन्दीछोरे () मुक्तकेशी
गंगाबोहे() गंगा को धारण किये हुए, गंगाधर।
पापबोहे()
बोजहाबोहे()
बीड़ाबोहे()
बीड़ाउठाय()
बातसुने
कहेसुने
आँखीलहुटे
आँखीगड़े
गदाधरे
पदधरे
बड़ौकीधरे
बक्काफूटे
मालागुँथे
चिथरीफटे
चलेमुँह
चलेबुध
चलेमनखे
बेराढरके
बेराबुड़े
बेराघुँचे
बेराधरे
बेराघड़ी
कलालीला
जोखाधरे
तालठोंके
बेरालीले
बेराचाल
चंड़ीचढ़े
लिखेपोंछे
धोयेपोंछे
लिखेपढ़े
मतंरपढ़े
पोथीपढ़े
नियावटोरे
कसटोरे
कसटूटे
नसटूटे
हाड़ाटूटे
घमंडटूटे
गरबटूटे
फूटेटूटे
डाराटूटे
घरटूटे
पढ़ेलिखे
बेरालूटे
सुखलूटे
धनलूटे
मयालूटे
रंगछूटे
रागछूटे
लोभछूटे
छलछूटे
कपटछूटे
जातछूटे
छूटेमया
छूटेघर
छूटेगाँव
छूटेदिन
छूटेसंग
छूटेछिन
घरमाढ़े
बातमाढ़े
चंदैनीउवे
चंदाउवे
सुरुजुवे
मढ़ेघाव
बेरागढ़े
भागगढ़े
किस्मतगढ़े
रूपगढ़े
मनगढ़े() मनगढ़ंत ।
मनसिरजे() मनगढ़ंत ।
झुलनाझूले
झुलनाझुलैया
झुलैया
फूलझूले
डारीझूले
धकरपरान
भागखुले
खेलखुले
रंगखुले
नामरटे
छतरायबटे
भवतरे
भुँजेतरे
तरेभुँजे
तेलतरे
दुखनाहके
नाहकेसुख
नाहकेबेरा
गाँवनिकाले
सगाछोड़े
जातछोड़े
धरमछँड़हा
नियमछँड़हा
दर्राहने
चेर्राछाँड़े
चेर्राहने
कोर्रापरे
कोठीभरे
लीलेबोजे
दोंदरबोजे
छुहीलिपे
छुहीलिपैया
माहुरलिखे
माहुरलिखैया
मेंहदीलिखे
मेंहदीलिखैया
पतरीलिखे
पातीलिखैया
चिट्ठीलिखे
चिट्ठीलिखैया
माथलिखे
हाथलिखे
भागलिखे
लिखेबात
बातलिखैया
डीहरखवार
डीहरखवारिन
छलपरपंच
जातसमाज
जातकुल
जातपात
चिन्हपहिचान
टीमटाम
झाराफूँका
जादूमन्तर
टोना टामना
तड़क-भड़क
तड़फड़
तनानना
थकेबिराजे
थूकाचारी
दाइजडोल
देखताक
देखरेख
देखादेखी
नंगधड़ग
बाजारुँजी
नेमधरम
ओढ़नाबस्तर
उच्छलमंगल
पढ़े सुने
पान सुपारी
पानी-काँजी
आगी-बूगी
आरा-पारा
पूजापाठ
पेट-पीठ
पोथी-पतरा
फूल फुलवारी। बड़े-छोटे
बने-गिनहा
बने-बिगड़े
बाग-बाग इचा
हाट - हटरी
हाट-बजार
बेटि-बहू
बोली-भाखा
बोली-ठोली
भरे-पूरे
भूल-चूक
भेट-चढ़ोतरी
माल-मत्ता
मार-काट
आँखी-कान
मेल-जोल
चिरई-चुरगुन
मेला-मड़ ई
लड़ ई-झगरा
मोहमया
रंग-रूप
गत-गढ़न
लंद-फंद
चोर-पेंड़ारा
लोहा-लक्खड़
संत-सुजान
गड़ी-गिंया
समधी-सजन
सुमता-बिमता
सुख-दुख
सफा-सफा
सास - ससुर
सादा-सरबदा
सुध-बुध
हाल-चाल
लाल-बिल
हहतकार
अँगना-दुवार
अक्ल-बुध
अन-पानी
औने-पौने
इरखा-डाह
इमान-धरम
इल्लिग-बिल्लिग
उबुक-चुबुक
उदिम-उजोग
एक्का-दुक्का
कोनो-कोनो
कभू-कभार
करजा-बोड़ी
लागा-बोड़ी
करम-कमई
खवई - पियई
छरा-छिटका
छर्राछाँटी
गुलछर्रा उड़ई(मुहा.)
चूरी-चाकी
काँटा-खूँटी
कागद-पोथी
आस-निरास
कागद-कलम
कहिनी-किस्सा
कीरा-मकोरा
कोंवर-कोंवर
छितका-कुरिया
खाँसी-खखार
खातू-माटी
ठट्ठा - खेल
खोजा-खोज
खोज-खबर
ग उर-गनेस
गरब- गुमान
गाँव-घर
गली-खोर
कुटुम-परिवार
जात-कुटुम
कुटुमगंगा
गरी-बखान
गुन-अपगुन
गोरिया-नरिया
गोरी-नारी
पातर-सीतर
घर गृहस्थी
घर दुवार
चहा-पानी
घीव-गांगर
गुनगरब
गुनी-ज्ञानी
चतुर-सुजान
संसो-फिकर
चिक्कन-चाँदन
चिट्ठी-पतरी
चील-कँउवा
कोलिहा-कुकुर
चेहरा-चंड़ी
सिहिल-सिहिल
छुती क छुवा
जनम-करम
जनो-मनो
जर-जूड़
कथरी-गोदरी
जर-मूल
जीयत-जागत
जीते-जी
जीव-परान
जन्तु-जिनावर
जोग-बैराग
जोर-जुलुम
झगरा-झाँसा
टुटहा-फुटहा
टेड़गा-बेड़गा
ल उठी बेड़गा
ठउर-ठिकाना
ठाठ-बाठ
डर-तरास
दवा-दारू
दवा-पानी
दान-पुन
दान-दक्षिणा
दान-दहेज
दुख-दालिद
दुब्बर-पातर
देखते-देखत
धान-पान
टोटका-टामना
ठुँआ-ठामना
नाम-चिन्हार
नीत-रीत
नेम-धरम
गोटी-माटी
ईटा-पथरा
फरे-फूले
डारा-पाना
उपास-धास
बाँचे-खोंचे
झारन-पोछन
पानी-बादर
मरी-मसान
भुतवा-परेतवा
बही-पगली
बइहा-भूतहा
मया-दया
माया-मोह
मोह-मया
मान-ग उन
मारी क पीटा
माल-मत्ता
रास-बरग
रिखि - मुनि
नता-गोता
प इसा-क उड़ी
लहू-रकत
लाज-शरम
सगा-पहुना
सगा-सोदर
समय-सुकाल
सोझ-सोझ
सुख-सुम्मत
सेंदूर-चूरी
राजी-खुशी
सोन-चाँदी
उर्रा-पूरा
उल्हुवा-उल्हुवा
उहीच उही
पेज-पसिया
पेज-पानी
पैरा-भूँसा
ओसरी-पारी
ओढ़ना-दसना
चद्दर पिछौरी
अड़हा-ढ़ोरहा
अधरे-अधर
अधिया-धोधिया
अधिया-रेगहा
खेती-पाती
खेती-किसानी
छलिया-कपटी
अपन-तुपन
अपन-बिरान
अमका-ढमका
अरक-फरक
डोला-परछन
गरर गरर
अलग-बिलग
अलथी-कलथी
अलवा-जलवा
उल्लुर-पोंटा
आड़-पेंच
आँय-बाँय
आँवा-जूड़ी
आका-बीसा
आगी-माटी
आगी-पानी
आगी-अंधना
उटका-पंची
उटकापुरान
उतरा-चितरा() प्रसव
हरू-गरू
भारी-पाँव
कनिहा-कूबा
कनिहा-कुबड़
कमिया-बनिहार
कल्प कलप
कलर-कँइया
कलर-कलर() हल्ला
काँख-पाद
काँची-कुचिया() मिट्टी का खिलौना।
चुकी-पोरा
काँदा-कुसा
खाँव - खाँव
काँव-काँव
ठाँव-ठाँव
जाँव-जाँव
आव-ताव
काट-पूज
छोल-चाँच
काट-बोंग
काट-छाँट
काम-कारज
काम-बूता
काम-धंधा
काम-कमई
काम-धाम
काम-काज
कोठी-किरगा
कोठी-डोली
किरिया-कोस
चाँटी-माछी
कुटिया-पिसिया
लोटिया-गोबरी
कुलक-कुलक
किरिर- किरिर
केरेर - केरेर
कर्र कर्र
केर्र केर्र
ढ़ोड़गी-डबरी
तरिया-डबरी
डोंगरी-पहाड़
कोरे-गाँथे
खसू-खजरी
फोटका-फुन्सी
ठोट्का-फोटका
खिबिड़-खाबड़
ऐर्र-बेर्र
खटखटा() हथकरघा।
खदर-मसर
खिबिड़-खाबड़
टुड़बुड़-टुड़बुड़
खाई-खजानी
ख ई-खजानी
जीतेखई() किये जा चुके मेहनत का पारिश्रमिक।
ख ई-खजेना
चना-फुटेना
खात-खव ई
खारे-खार
पारे-पार
खाल्हे-राज
किटिरकाटर
खिटिर खाटर
खुटखुटहा() टोना जादू को मानने वाला।
खुटखुटही
खटकहा
खटकही
खुँटलगही
खुसुर खुसुर
धुसुर-धुसुर
फुसुर-फुसुर
मुसुर-मुसुर
लुसुर-लुसुर
कसमस कसमस
कोहमो कोहमो
मोहलो-मोहलो
रोरो-रोरो
रोहो-पोहो
रेहो-पेहो
खेवन-खेवन
डबरा-खोचका
डबरा-डिपरा
खोह-खोढरा()गुफा, माँद। खोदी-निपोरी
पूछा- सरेखा
पूछी क पूछा
खोधर-खोधर
कनवा-खोरवा
गँजहा-मँदहा
मोटरा-चोटरा
मोटरी-गठरी
गद-फद
गपड़-सपड़() झूठ-फरेब।
गाय-बछरु
गरीब-गुरबा
सियान-सामरथ
पाय-गँवाय
गरु-गाय
गर्रा-धूँका
गहन-गूठा
गहना-गुरिया
जेवर-जट्ठा
गँव ई-गाँव
गाँव गौंतरी
गाँड़ा-पनिका
गारी-गल्ला
गिदिर-गादर
किचिर-काचर
छिपिर-छापर
झुकुर-झाकर
टिपिर-टिपिर
झिमिर-झिमिर
गिजिर - गिजिर
धुकुर-पुकुर
लुकुर-लुकुर
भुकुर-भुकर
भाँय-भाँय
साँय-साँय
काँय-काँय
चाँय-चाँय
झाँय-झाय
टाँय-टाँय
फाँय-फाँय
दाँय-दाँय
बाँय-बाँय
राँय-राँय
साँय-साँय
हाय-हाय
हाय-हटर
पटर पटर
घिनघिन-अकन
गिरे-परे
चौंरा-गुड़ी
ग उरा-चौंरा
गुर्री-गुर्री
घुरुर-घारर
धुकुर - पुकुर
घाँव-गोंदर
घाट-घठौंदा
घाम-पियास
घाम-झाँझ
झाँझ-झोला
संदूक-पेटी
फल-फलेरी
फल-फरहरी
फर-फूल
बर-पीपर
घुरघुर-घुरघुर
कुरकुर-कुरकुर
खुरखुर-खुरखुर
घछुरछुर-छुरछुर
झुरझुर-झुरझुर
तुरतुर-तुरतुर
पुरपुर-पुरपुर
फुरफुर - फुरफुर
भुरभुर-भुरभुर
मुरमुर-मुरमुर
सुरसुर-सुरसुर
होरहोद-होदहोद
लोदलोद ले
गोदगोद-गोदगोद
फोदफोद ले
फदफद ले
भदभद ले
रदरद ले
हदहद हदहद
सलमल- सलमल
खलखल-खलखल
गलगल-गलगल
छलछल-छलछल
झलझल-झलझल
ढलढल-ढलढल
दलदली
पलपल-पलपल
फलफल-फलफल
फलालला
भलभल-भलभल
मलमल-मलमल
सलसल-सलसल
मुलुल-मुलुल
कुलकुल-कुलबुल
बुलबुलाछाँड़े
बुलबुला ले
निपोर-चंदोर() बहाने बनाना।
निपोर-चाँदी() बहाने बनाना।
चटक-मटक
लटका-झटका
पागी-पटका
लुगरा-पाटा
लूगरा-पोलखा
साया-पोलखा
चाँचल-गोंदल()मौज करना, आनंद मनाना।
चाँट चाँट के गोठियायई
चातर - राज
चिक्कन - चाँदन
चिक्कन - चिक्कन
चिक्कन के
चिकनी - मनखे
चिकना- मनखे
चिक्कन-चातर
चिखला-माटी
चिथरा-गोंदरा
चिरहा-गोंदरा
चिमटी क चिमटा
जाने-चिनहे
जान-सून() जान बूझकर
चिनहा-बूँदा()
चिलचिल
चिंघट
चिहुरमाते
चुन्दी क चुन्दा
चुकी-पोरा
तीजा-पोरा
तीजहा-पोरहा
चूरी-चाकी()
नाँदिया-बइला()
चुटकी चुटका
चुनमुन चुनमुन() तीखापन के कारण जलन।
चेला-चाँटी
चेला-चेली
चेला-बेटा
चेली-बेटी
ठेली क ठेला
पेली क पेला
बाबू नोनी
धिया-पतोहिया
दाई-ददा
लरा-जरा
चीथी क चीथा () खींचतान, शारिरिक झगड़ा।
चोर-चिहार
चोरहा - लबरा
छट्ठी - बरही
धरे-छपके
छपक छपक
छपर छपर
छर्री-दर्री
छनक-पटक()
जरे-किराय()
रोगाय-किराय()
खटिया-पिड़हा()
पलंग-सुपेती()
पागी-पटका()
मछरी-कोतरी()
केंवट-ढीमर()
दीया-बाती()
परब-तिहार()
तिहार-बार()
राई-छाँई()
छाँट-निमार
छटे-छँटेल
छिंच-बिछ-बेतरतीब फैला कर।
छुही-माटी
चूना-छुही
रोकैया-छेंकैया
छोड़े-छाँड़े
गुने-धुने
छुटी क छूटा
लूटी क लूटा
मारी क मारा
काटी क काटा
चाँटी क चाँटा
देयी क देवा
बइहा-जकहा
जरे-बरे
जड़ग-बड़ग
जहर-मोहरा
जाँगर-पेरे
जाँगर-जँगरौटा
जाँवर-जिंयर
जुआ-चित्ती
करजा-बोड़ी
कानी-खोरी
मरही-खुरही
जुगती-मोहनी-मोहित करना।
जुन्ना-पुराना
नवा नेवरिया
नवा नेवरनीन
नवा नेवदहा
जुन्ना-जमाना
जुन्ना - परिया
जुन्ना सुरता
जुन्नाघाव
जुन्ना चिन्हा
जुन्नापैती
जुनहा-चेंदरा
फरिया-चेंदरा
जोंजर-जँहुदिया
जूठा-काठा
दाना-सित्था
बर्तन-भँड़वा
काँचे-पखारे
देखे-ताके
देखे-सुने
जोखा-तोरा
जाक-जोखा
नमन-जोहार
झाड़-झड़ूखा
झोला-झंड़ा
ताबीज-गंडा
झड़ी-पानी
झड़ी-झक्कड़
झाँझ झकोरा
टहल-बिगारी
नत्ता-सैना
झाँईझुँई() छुई-मुई का पौधा।
झाड़ी - झुंझकुर
झिक-झिक
चिकचिक
सिग-सिग ले
झुलझुलहाबेरा() भोर, प्रभात।
मुरही-पोटरी
मुरही - मुरहा
राँड़ी-अनाथिन
झोला-झाँगड़ा
टिंग-पुचुक()दिखावा करने की चेष्ठा।
रेक-टेक
थेभ-थेभ
थेथेर-मेथेर
केरेर-केरेर
मेरेर-मेरेर
खेख-खेख
खोख-खोख
कोरकोर-कोरकोर
सुन्डभुसुन्ड() काला मोटा ऊँचा पूरा व्यक्ति।
सूरा-कुकरी
टूरा-टानका
टूरी-टानकी
टूरा-टूरी
माई-लोगिन
टेंये-पजाय
बियाय-पजाय
टोरी क टोरा
ठग-ठियाली() बेवकूफ बनाना।
ठग-फुसारी
ठगड़ा-बकठा
ठगड़ी-बकठी
ठेठरी-खुरमा
बरा-सोंहारी
डाँड़-बोड़ी
दाँड़बोड़ी
दाँड़-भात
डीह-डोंगरी
डेना-पाँखी
छोकरी-छोकरा
डोकरी-डोकरा
डोलडाल() शौचालय
डॉग डॉग ले
तरमर तरमर
तरी - उप्पर
तिड़ी-बिड़ी
तीर-तार
तीर-तखार
देवता-धामी
द ई-देवता
तीरी क तीरा
चाबी क चाबा
हटकी क हटका
दारोली
तुरते-ताही
तहल-बिकल
झार-फूँक
बइगा-गुनिया
बर-बिहाव
बोलचाल
बोली क बोला
थथर-मथर
चपरा च थपरा
लाचेच लात
दंगर दंगर
दतवन-मुखारी
दरबर दरबर
बरबर बरबर
फरफर फरफर
झरफर झरफर
दिन-देवारी
दिन-बादर
बेरा-घड़ी
दिशा-भादरा
दुई क दुवा
दुआ - भेद
दूरछुर-अपमान
धन धोगानी
अन्न धन
धर-पकड़
धरपछरा
धरारपटा
धाप() आधा कोस दूरी।
धूका-बँड़ोरा
धुर्रा-फुतकी
धुर्राधरे
धुर्राधरैया
नंगरा-भोंगरा
बिला-भोंगरा
नकटी नक्टा
कुटही-कुटहा
इचनी-बिचनी
साँव-बिसाँव
सगा-पार
पार-गोत
गोती-पोती
नाँगर-बक्खर
नाच-गम्मत
नीक-खीख
नेवता-हँकारी
पात्र- पनियर
दुब्बर-पातर
मोठडाँठ
पौनी पसारी
पहुना-पही
पाँव-पलौटी
पाठ पीढ़ा
पाठी-पीठा अतिथि
सगा सोदर-सगे सहोदर
पानी पिढ़वा
आरी-पारी
पाला- पौली() अनाज भरने का बड़ा पात्र।
पिया-धिया
बेटा-बेटी
बेटवा-बिटिया
बेटवा-पतो
बेटी दमांद
मान पुछारी() मान सम्मान।
पोठ-दहपट-मजबूत शरीर।
गाँव-बसेरू
जरब-इरखा
गदबिद-गदबिद
गोड़-गिरे
डोड़लमा
गोड़पसा
गोड़पसरा
हितू-पिरितू
हाही-माही
हेल-मेल
झोरमँगैया-रसयाचक।
झोरमंगन-रसयाचक।
झोरचिखे-रस पाया हुआ।
बखाना-सरापा()
पिलवा-परानी()
फोकटे-फोकट()बिन मतलब के।
फोकटचंद() मुफ्तखोर।
फुसुर-फासर
घुरुर-घारर
चुनुन-चानन
अठल-मठल() अनावश्यक रूप से विलंब करना।
फुरहुर फुरहुर
बड़र-बड़र
भड़र-भड़र
चरर-चरर
करर-करर
खरर-खरर
घरर-घरर
चरर-चरर
झरर-झरर
टरर-टरर
तरतर-तरतर
दरर-दरर
परर-परर।फरय-फरय
सरर-सरर
हरर-हरर
कुचुर कुचुर।
खुचुर
टुचुर-टुचुर
पुचुर-पुचुर
लुचुर-लुचुर
हुचुर-हुचुर
फूरा-जमूगी
फूरा-जमूगा
बात-बिगित
बढ़ा-चढ़ा
बना-बिगाड़
भंडार-भंँड़वा
बरतिया-घरतिया
बाहरे-लीपे
लीपे-पोते
अँउठियाय- खुँटियाय
सकेले-बटोरे
सकेला-पसलोर
बाँधे-छाँदे
बाँधे-हँड़िया
बाढ़े - पउढ़े
बाड़े बगरे
बाती क बाता
सुनी क सुना
कही क कहा
देखी-क देखा
मानी क माना
बोली क बोला
बाते-बात
बात-कहत
बही-बियाकुल
बारी-बखरी
बारी-ब्यारा
नार-बिंयार
बारी-बिरवा
बाले-बाल
बोरे-बासी
टाँड़ो-पसिया
बाहिर-बट्टा
बिबिद-बिदबिद
गिदगिद-गिदगिद
छिद-छिद ले
फदफद ले
भदभद ले।
रदरद ले
भरे-मँझनिया
संझा-बिहनिया
सोरा-साँझ
सुकुवा-उवत
बेरा-ढरकती
बेराकल्थी
बिजहा-भतहा
गवन-पठौनी
बर-बिहाव
बुगुरबागर
बुजुर बुजुर
बेंच-भाँज
बेंचे-भाँजे
बेरा-कुबेरा
बखत-परे
बोकबाय
बोटोर बोटोर
खोटोर-खोटोर
पोटोर-पोटोर
लुटुर-पुटुर
लुहुर-टुपुक
बेलेल-बेलेल
मेलेल-मेलेल
थेथेल-थेथेल
पेलेल-पेलेल
बोकोर- बोकोर
बोली-बात
भँद ई-गँठ ई
भरमे - भरम
गरमे-गरम() गर्मागरम।
भाँठा-टिकरा
भर्री-भाँठा
दहरा-टिकरा
बडरा-ड़गरहा
भाड़ी-भीति
भितिया-भाड़ी
भाट-जोगिया
ददा-भाई
भरभर ले
भुकुर - भुकुर
भूतवा-परेतवा।
भूत-परेत
परेतीन-मसान
मँगनी-जँचनी
मँझनी-मँझनिया
मटिया-मसान
मरी-मसान
मनखे-तनखे
मया-पिरित
मरनी-करनी
मरहा-खुरहा
मलल-मलल() आतुरता।
मसमस-मसमस
धरती-मइया
गंगा-म इया
माँगे-जाँचे
माँझ-मँझोती
मान-हीनमान
मारे-पीटे
मार-कूट
मिंजे-कूटे
मया-मितान
मीत-मितान
फूल-फुलवारी
मुटका च मुटका
छपरा च चपरा
चटकने-चटकन
अपने च अपन
मुँही क मुँहा
मुड़गोड़े
मुड़-गोड़
नाक-कान
हाथ-गोड़
गोड़-हाथ
मुड़ी-पूछी
हाथ बहाँ
आजे-कले
आज के आज
आज-काल
येदे-वोदे
इँहा-उँहा
ऐती-वोती
एती के वोती
इँहा के उँहा
अइसने-तइसने
अइसन-वइसन
जइसे-तइसे
जाने-पहिचाने
जाने-सूने
देखे-सुने
देखे-ताके
देखे-दुखाय
कहे-सुने
बोले-बताय
चिट-पोट
हालत-डोलत
खाँसत-पादत
खाँसत-खखारत
बोलत-गोठियात
टोठियाय-टोठियाय
झोरे-झोर
सोरे-सोर
पारे-पार
तीरे-तीर
खारे-खार
धारे-धार
झारा-झारा
मारे-पीटे
बाले-बाल
गाले-गाल
हाथो-हाथ
दिन-मान
रात-बिकाल
घोर-घार
टोर-टार
टोर-फोर
टोर-मुरकेट
थोर-थोर।
घोर-घोर
छोर-छोर
जोर-जोर
खोर-खोर
तोर-मोर
पोर-पोर
फोर-फोर।
बोर-बोर।
लोर-लोर
होर-होर
कूट-पीस
पीस-घँस
कउल-कउल
पउल-पउल
फोल-फोल
अल्लू-खल्लू
कोरकोर-कोरकोर
कोर-कोर
कोकमे
झीम-झाम
टीम-टाम
भीमकाया() भीमकाय
फुरसुद
नाक-नक्शा
तरुवा-तलपट
एड़ी-पँउरी
अँगठी-अँगठा
पेंड़वा-जकना
रगरग-रगरग
मेड़ो-डाँड़ो() दो गाँव या देश की सीमा।
मेड़-डाँड़
मोहलो-मोहलो
रँधना-पसना
दूलहा-चूलहा
तेल-मैन
तेलफूल
अतर-फुलेल
सोझरद्दा
सोझबाट
सोझ आँखी
रुनुक-झुनुक
रूप-रंग
रूप - रूआब
रासा-बासा
राम - रमउवा
रुँधना-बँधना
बँधना-छँदना
कुरुरकारर
रेंगान-थकास
रेंदो-पेंदो() आलसी, व्यर्थ।
अधिया-रेगहा
उधार-बाढ़ी
रोठ-रोठ
रोठ-पोठ
रोग-अजार
रोजी-पानी
रोजी-रोटी
रोटी-पीठा
रोवा-राही
लंगू-झंगू
लेंदरा-फेंदरा
लिगरी-लाई
लाई-लिगरी
ल इका-सियान
जवान-सियान
ल उक - ल उक
लटर-पटर
अटर-सटर
खटर - खटर
चटर-चटर
झटर-पटर
पटर-पटर
फटर-फटर
मटर-मटर
हटर-हटर
सटर- सटर
झटर-पटर
झटापट
झपाझप
लिबिर-लाबर
खिबिड़-खाबड़
किरिर-कारर
टिरिर-टिरिर
पिनिन-पिनिन
झिनझिन-झिनझिन
छिनमिन-छिनमिन
घिनिन-मिनिन
ठिनिन-ठिनिन
ठनन-ठनन
भनन-भनन
गनन-गनन
चनन-चनन
छनन-छनन
झनन-झनन
टनटन-टनटन
दनन-दनन
बनन-बनन
सनन- सनन
घुनुन-मुनुन
चुनुन-चानन
फुनन-फानन
भुनुन-भुनुन
सुनुन-सानन
लपर-लपर
लपर-झपर
चपर-चपर
गपर-गपर
छपर-छपर
जपर-जपर
झपर-झपर
सपर- सपर
हपर- हपर
हफर-हफर
चोट्टा-लबरा
छिनार-बदमाश
छिनारी-बदमाशी
लहद-बिहद
कहत-कहत
सहत-सहत
रहत-रहत
बहत-बहत
लाई-लवा
लाँघन-भूखन
लाटा-फाँदा
लाम-लाहकर
लामी-लामा
लाले-लाल
काट-बोंग()
चीरफार() चीर-फाड़ कर।
लगे-लिहे() सेवा में संलग्न।
बासी-कुसी()
साग-तरकारी()
झिथरी-जुँगही()
झड़ी-झक्कर()
छटे-छिनार()
लिखरी-लिखरी() तुच्छ।
लूका-चोरी
लोक-लाज
लुकी-छुपी
लुटुर-लुटुर
लोये-पोये
लेखा-जोखा
जोखा-तोरा
लोवा-पोवा() नये लगे फल।
संगी-साथी
सगा-सैना
नत्ता-सैना
साँझर - मिंझर
साँगर-मोंगर
बुगुर-बागर
साग - भाजी
साग-पान
बाजा-गाजा
सातो-सपूरन
सँउख-साध
साँय-सटाक
साँय-साँय
सास-बहू
सिगबिग-सिगबिग
सिटिर-सिटिर
कच्चा-ओद्दा
कच्चा-सुक्खा
सुक्खा-ओद्दा
सुगबुग-सुगबुग
बिनसूलमूल के
कद-काठी
सटर-पटर
सिगिर-सिगिर
सुरुर-सुरुर
सुलसुलही()कोमलकांता।सोझ-बाय
सोज्झे-सोज्झे
तीन-पाँच
पाँच-पंदरा
तीन-तेरह
एक-एक्कइस
अठोरिया-पन्द्रही
एक्का-दुक्का
कोरी-खरिखा
कोरी-खाँड़
अदना-बदना
हगरा-पदरा
खसेट्टी-खसेट्टा
हाँड़ी - पर ई
हाँड़ी-पानी
हरके-बरजे
हरहर-कटकट()कलह, अशांति।
हूँ-हाँ()
हहो-नहीं
अगुन-सगुन
अगुन-छगुन
हिजगा-पारी
आवत-साठ() आते ही।
बोलत-साठ() बोलते ही।
देखत-साठ() देखते ही।
छूवत-साठ() छूते ही।
मानत-साठ() मानते ही।
धरत-साठ() पकड़ते ही।
मरत-साठ() मरते ही।
जनमत-साठ() जन्म लेते ही।
पावत-साठ() पाते ही।
चिखत-साठ() चखते ही।
जागत-साठ()जागते ही।
खावत-साठ() खाते ही।
पीयत-साठ() पीते ही।
अभरत-साठ() पहुँचते ही।
पढ़त-साठ() पढ़ते ही।
लागत-साठ() लगते ही।
माँगत-साठ() माँगते ही।
बनत-साठ() बनते ही।
हर्रो-हर्रो।
किरनी-पेसुवा
किरिया-कोस
आगी-बूगी
किसकिस - अकन
हँड़िया-कुड़ेरा।
करे-कुंदे
कुल्कीपाना-नवकोपल।
कुलकितनाली() नहर की छोटी शाखा।
कुरु-असनान() आधा-अधूरा स्नान।
कुसियारीचँउक() रंगोली चौंक का नाम।
कुसीरंग()धुंधला, मटमैला रंग।
कुसुवा() भूरा या गोरा
कुसी() गोरी, भूरी।
कुहर-कुहर() कुढ़ते हुए।
कहर-कहर()दर्द में व्याकुल
धुंध-कुहरा() धुंध, शीत के कारण उत्पन्न कोहरा।
कूची-देना(मुहा.)
कूना()चने,गेहूँ की डेरी।
कूनी(ना.) लकड़ी फाड़ने का यंत्र।
केंवची-केंवची(वि.) कोमल कोमल।
केंवटीजड़ी(ना.) वनौषधि।
केंऊकाँदा(ना.) औषधिय कंद।
केकती(ना.) ग्वांरपाठा।
एककेजा(ना.)एक बार में दोनों हाथों की अंजलि में किसी अनाज या अन्य वस्तु की जितनी मात्रा समाये उसे एक केजा कहते हैं।
केंपा() मोटी मजबूत लकड़ी।
केंवटकीरा() कछुवे सदृश शरीर वाला छोटे आकार का जलीय कीट।
केंवटपदराचिरई() पानी में रहने वाला पक्षी।
कोआचिरई() एक पक्षी।
जुँआ-लीख
कोकवा-कोकवा() अर्धचन्द्राकार का इमली का फल।
कोठली() छोटा कमरा।
कोठरी() छोटा कमरा।
कोहमो-कोहमो
सँइफो-सँ इफो
खाय-खुँदे()
लिखे-पोंछे()
गोदी-खनती()
धनहा-परती()
भुँइया-भारा()
नाँगर-बक्खर()
नाँगर-बइला()
नाँगरजोतैया() हलधर, किसान।
जोंता-सुमेला()
कोड़े-खने()
संगसी-कोलकी
कोती क कोथा() एक दूसरे को चिकोटी काटना।
कन्हिया - कोथा()
कोदैला() कोदो।
कोदराकोठी() कोठरी, भंडार पात्र।
कोन्टा-कोन्टा() कोना-कोना।
कोनहा() कोना, किनारे।
कोमीमनखे() चालाक मनुष्य।
अर ई-तुतारी()
कोरे-गाँथे()
माड़ी-कोहनी()
डोरी-डाँवा()
साँप-डेढ़ू()
हीरु-बिच्छू()
कलापाठ()
कोहा-पथरा()
कंकालिनदाई() काली माता।
कथरियामाई() चेचक का प्रकार।
कठुला() आभूषण।
कडर्स() अजीर्ण के कारण पेट में मड़ोर।
काठी-चाँउर() अंतिम संस्कार के बाद मृतक के घर भेजा जाने वाला चाँवल।
राकाठी() राम काष्ठ, लकड़ी का नाम।
करियाभुसुंड()एकदम काला रंग।
कोंहड़ियारोग() पशुओं की बीमारी।
कोकानी-ल उड़ी()
कुबरी-ल उड़ी()
केंवटडोमी() काले रंग का सर्प।
कंघेरा() कंघी बनाने व बेचने वाला।
क इयो() कितने ही।
कचपेंदिया() अपनी बातों से पलट जाने वाला।
कतरी() कोल्हू का पाट।
किरहूलाकीरा() कीट।
कुँवरेटा() कुमार, कुँवारा, किशोर आयु।
कुचकुचाय() कुचला हुआ।
कुदक्कड़ी() उचकने वाली।
कुदक्कड़ी() उचकने वाली।
खंखाझार() खाली, समाप्त।
खँगार() कमी, न्यूनता।
हरे-खँगे()
खँधैया() कंधे की सवारी, किसी काम के लिए सहमत करने वाला।
खचका-डबरा()
खोंची() एक हाथ में जितना समाये उतनी अनाज की मात्रा।
खोंची-पसर()
पसेरी()
खड़ानभुँइया() गहराई में स्थित भूमि।
ऊँचानभुँइया() ऊँचाई पर स्थित भूमि।
खदरभुँ इया() घाँस जमीन, चारागाह।
खाप-खाय() ठीक तालमेल बैठाया हुआ।
खबोसा() किसी चीज के मुट्ठी भर कर निकालना।
खम्हारदरोगा() कृषि का प्रबंधन करने वाला मुखिया व्यक्ति।
खरवनदान() खलिहान में रखे अनाज का दान।
खरसी-गोबर
खलौरा() बड़ा दोना।
खसफिस-खसफिस
लसफिस-लसफिस
फसफिस फसफिस
खाँड़() न्यून।
खाप() क्षेत्र, भाग।
खेत-खार
खेती-खार
खालीहाथ
खुंँदेलहा() दलित, दमित।
खुँदेलही() दलिता, दमिता।
खँख() क्षीण।
खँखदेंह() क्षीण शरीर।
खुरसाजड़ी() साँप काटने पर इसके जड़ से जहर उतारा जाता है।
खुरहुरा() ढेंकी के अग्रभाग में लगा मूसल।
खुरहट() मूसल के अग्रभाग में लगा लोहे का छल्ला।
खुर्रीबाँवत() वर्षा पूर्व बु वाई।
खेखर्री() लोमड़ी।
खेदारे() भगाया हुआ।
खोचकर() लकड़ी या कील में फँसकर कपड़े का फटा हुआ हिस्सा खोचकर कहलाता है।
खोरोर-खोरोर
घोरोर-घोरोर
दोरदोर-दोरदोर
पोरपोर-पोरपोर
पोरोर-पोरोर
बोरोर-बोरोर
भर्र-भर्र
भरर-भरर
होरहोर-होरहोर
होदहोद-होदहोद
गोदगोद-गोदगोद
लोद्द-लोद्द
फोद्द-फोद्द
गोद्द गोद्द
बोद्द बोद्द
रोदरोद-रोदरोद
कोरकोर-कोरकोर
खोरखोर-खोरखोर
खरखर-खरखर
करकर-करकर
खरखर-खरखर
गरगर-गरगर
घरघर-घरघर
चरचर-चरचर
छरछर-छरछर
जरजर-जरजर
झरझर-झरझर
टरटर-टरटर
ठर-ठर
डर-डह
तरतर-तरतर
थरथर-थरथर
दरदर-दरदर
धड़धड़-धड़धड़
परपर-परपर
फरफर-फरफर
भरभर-भरभर
दरबर-दरबर
लर-लर
सरसर-सरसर
हरह-हरहर
हलर-हलर
कलर-कलर
झलर-झलर
पलर-पलर
फलर-फलर
भलर-भलर
भलभल-भलभल
मलर-मलर
खलखल-खलखल
गलगल-गलगल
छलछल-छलछल
झलझल-झलझल
ढलढल-ढलढल
पलपल-पलपल
फलफल-फलफल
बलबल-बलबल
मलमल-मलमल
सलमल-सलमल
हड़बड़-हड़बड़
कड़बड़-कड़बड़
खड़बड़-खड़बड़
चड़बड़-चड़बड़
टड़बड़-टड़बड़
तड़तड़-तड़तड़
बड़बड़-बड़बड़
भड़भड़-भड़भड़
लड़बड़-लड़बड़
सड़फड़-सड़फड़
हड़बड़-हड़बड़
कुनमुन-कुनमुन
खुनखुन-खुनखुन
घुनघुन-घुनघुन
छुनछुन-छुनछुन
झुनझुन-झुनझु
टुनटुन-टुनटुन
फुनफुन-फुनफुन
भुनभुन-भुनभुन
रुनझुन-रुनझुन
हुन-हुन()
अधर-झाँवर
रिगबिग रिगबिग
सिगबिग-सिगबिग
डगमग-डगमग
कितकित-कितकित
लसफिस-लसफिस
लिदलिद-लिदलिद
लिचलिच-लिचमिच
फिसिर-फिसिर
फिसिर-फइया
फिसफास
लिसिर-लिसिर
किटिर-किटिर
पिटिर-पिटिर
झिटी-झिटी
गिदिर-गादर
गिदिर-गिदिर
छिदिर-बिदिर
छर्री-दर्री
गुर्री-गुर्री
अलल-मलल
फलल-फलल
बलल-बलल
कलल-कलल
गलल-गलल
छलल-छलल
झलल-झलल
ढलल-ढलल
पलल-पलल
फलल-फलल
भलल-भलल
हलल-हलल
हरर-हरर
झिटी-झाँहू
लकड़ी-फाटा
छेना-खरसी
आड़ी-बेंढ़ी
आड़ी-आड़ा
लिखरी-तिखरी
बिजिर-बिजिर
बुजुर-बुजुर
कसर-कसर
भसर-भसर
खसर-खसर
घसड़-मसड़
धसर-धसर
धसरंग-धसरंग
खदर-मसर
खदर-बदर
हदर-हदर
लदर-लदर
गिदिर-गिदिर
लिटिर-लिटिर
छपर-छपर
लुच-लुच
कुचुर-कुचुर
घुचु-पुचुर
टुचुर-टुचुर
टिच-टिच
हचर-हचर
पुचुर - पुचुर
मुचुर-मुचुर
लुचुर-लुचुर
हबरस-हबरस
खबरस-खबरस
सलंगबलंग
जझरंग-जझरंग
भसरंग-भसरंग
कटरंग-कटरंग
खटरंग-खटरंग
ठठरंग-ठठरंग
कलकल कलकल
खलबल खलबल
गलगल गलगल
छलछल छलछल
झलझल झलझल
ढलढल ढलढल
पलपल पलपल
फलफल फलफल
भलभल भलभल
सलसल सलसल
सलमल सलमल
झलझल झलझल
ढलमल ढलमल
पोंसवा
कुसुवा
घोंसरा
फोसवा
खोंचे
कोंचे
टोंचे
नोचे
पोंचे
सोचे
झबर्रा
झोप्फा
कुप्पा
तोपा
खोपटोपा
थोपे
रोपा
लोपे
झाफर
पापर
राँपा
कापा
खाप
चापा
छापा
जाप
झाप
टापा
ठप्पा
ताप
दाप
नापा
फाँफा
बाप
लापा
हाँका
नाका
खका
चाक
जाक
झाका
टाँका
डाका
ढाक
ताका
थाका
धाक
पाका
फाँक
कका
बाँका
भारका
माका
राक
हाँका
टोक
कोर
खोर
घोर
चोर
जोर
झोर
टोर
ठोर
ढोर
तोर
थोर
दोरदोर। पोर
फोर
बोर
भोर
मोर
लोर
सोर
होर
कानी
खानी
चानी
छानी
दाननानी
पानी
बानी
मानीगुमानी
यानि। रानी
सानी
हानि
कुर
खूर
गुर
घुर
चुर
छुर
जुर
झुर्र
दुधूर
पुर
फुर्र
भुर्र
लुर
सुर
पार
कार
खार
गार। घार
चार
छार।
टार
डार
ढार
तार
थार
दार। धार। नार
फार
बार
भार
मार
यार
रार
लार
सार
झार
रुट
मुट
लुट
लुट
सुट
खुँट
सकुट
गुटगुट
चुटचुट
पुटपुट
मुटमुट
हबरस-हबरस
खबरस-खबरस
करे
खराय।
गराय
चराय
छराय
जरोय
झराय
टराय
डराय
तराय
दराय
थर्राय
धराय
पराय
बराय
भराय
मराय
लराय
हराय
सरोय
कँखन
चखना
जकना
झकना
टखना
ढकना
ढकनी
तकना
थके
धके
पखना
भखे
राखे
कटे
खँटे
घटे
छँटे
जटे
झटे
डँटे
नटे
पटे
फटे
बँटे
भठे
रटे
लटे
सँटे
हटे
लगे
खँगे
चघे
जगे
टाँगे
दगे
पगे
भागे
लगे
सगे
हगे
कट्टा
खट्टा
गट्टा
घट्टा
चट्टा
छट्टा
जट्टा
ट्ट्
ठट्टा
डट्टा
पट्टा
फट्टी
बट्टा
रट्टा
सट्टा
कट्टी
खट्टी
चट्टी
छट्ठी
ओरझट्टी
टट्टी
पट्टी
फट्टी
बट्टी
भट्टी
मट्टी
लट्टी
अधरसट्टी
कचर-कचर
पचर-पचर
लचर-लचर
हचर-हचर
खोंची
चोंची
पोची
मोची
खोंट
कोठ
गोठ
जोंट
नोट
पोट-पोट
कोटकोट ले
खोटखोट
घोंट-घोंट
बोट-बोट
रोठ-रोठ
सोंट-सोंट
चोंगी
घोंघी
पोंगी
ढ़ोगी
कोली
खोली
गोली
चोली
झोली
टोली
ठोली
डोली
पोली
बोली
भोली
रोली
होली
खोंधरा
चिरहा-गोंदरा
जोंधरा
झोंझरा
तोंदरा
दोंदरा
फुंदरा
खोखमा
कोकमे
खोखमे
चोचमे
धोधमा
खजरी
कजरी
गजरा
बजरी
सेजरी
हेक्कड़
जकली
चकली
टकली
ठेकली
ठकली
तकली
नकली
पकली
पकला
भकली
भकला
हकली
कोंघरे
दोंगरे
भोंगरा
भोंगरी
नंगरा-भोंगरा
मोंजरे
जोंजरे
छट्टन
डट्टन
भट्ठल
अट्ठल-मट्ठल
पुलुल पुलुल
खुलखुल-खुलखुल-
गुलगुल-गुलगुल
थुलथुल-थुलथुल
ढुलमुल-ढुलमुल
पुलपुल-पुलपुल
मुलमुल-मुलमुल
सुलमुल-सुलमुल
चटर-चटर
कटर-कटर
कट-कट
खटर-खटर
खट-खट
गटर-गटर
गट-गट
गप -गप
घटर-घटर
घट-घट
झटर-पटर
झट-झट
झप-झप
झक-झक
अटर-सटर
पटर-पटर
पट-पट
पक-पक
फटर-फटर
फट-पट
फक-फक
बटर-बटर
बट-बट
बकबक
मटर-मटर
मटमट
लटर-पटर
लट-पट
लप-लप
लक-लक
लपझप
सटर-सटर
सट-सट
सप-सप
सकसक
हटर-हटर
भक-भक
भकाभक
खचाखच
चकाचक
झकाझक
टकाटक
ठकाठक
ढकाढक
धकाधक
फकाफक
भकाभक
झाझी
खाजी
बाजी
भाजी
राजी
सँ इया
काँइया
ग इया
चाँइया
छँइया
थइया
दइहापोतली()
हइया
चक्का
कक्का
छक्का
झक्की
टका
ढक्का
थक्का
धक्का
पक्का
बक्का
भक्का
मक्का
हक्का
खंती
पंती
बनती
छंती
तंती
दंती
हल्ला
कल्ला
गल्ला
चल्ला
छल्ला
झल्ला
डल्ला
तल्ला
नल्ला
पल्ला
बल्ला
मल्ला
सल्ला
हल्ला
बुलके
कुलके
पुलके
चुलके
काई
खाई
चाँई
छाँई
झाँई
ठाँई
दाई
धाई
नाई
पाई
बाई
भाई
माई
राई
लाई
खोभे
गोभे
चोभे
टोभे
लोभे
शोभे
छोले
खोले
घोले
झोले
ठोले
डोले
तोले
दोले
पोले
फोले
बोले
भोले
मोले
होले
खोदी-निपोरी
लोंदा
कोंदा
खोंदा
गोंदा
चगले
हँकरे
झगरे
छोइहा
खोइहा
लोहियारंग() लोहित लाल रंग।
खिलौरा/खोलौरा() पेड़ में या दीवार में बनाया गया खोह।
खउरारोग() पशुओं के बाल झड़ने की बीमारी।
कचर-कचर
दचर-दचर
पचर-पचर
फचर-फचर
हचर-हचर
लुचुक-लुचुक
चुचुक-चुचुक
छुछुक-छुछुक
टुचुक-टुचुक
पुचुक-पुचुक
हुचुक-हुचुक
खदर-खदर
गबर-गबर
चबड़-चबड़
चपर-चपर
फदर-फदर
हदर-हदर
लुदुर-लुदुर
फुदुर-फुदुर
फुदक-फुदक
खसीकरे() बंध्या किया हुआ।
खाड़-मितान() स्वार्थी मित्र।
खाड़-मितानी() स्वार्थ वश की गई मैत्री।
खुटका
कुटका
गुटका
छुटका
बुटका
मुटका
सुटका
सुटकी
हुड़का
मुड़का
कुड़के
घुड़के
सुद्धा
कुद्दा
गुदा
हुद्दा
खोदसना/लेठवा() वर का साथी।
खोदसनी/लेठवी() वधू की सखी।
खेदा-बिदा() अपमान करके भगाना।
दँतखोदनी() दाँत में फँसे खाद्य को निकालने की चाँदी की कील।
गँउठलामाला() शिशुओं को पहनाने का रजतहार।
गुड़े() मसला हुआ।
कँजहा
खँजवा
गँजहा
पँजहा
बँझहा
झँझहा
मँजहा
रंजहा
भोथरी
गोतरी
तोतरी
लोदरी
गोदरी
बोदरी
ठिन्ना
गिन्ना
घिन्ना
दिन्नी
बिन्नी
कुरकुर-कुरकुर
खुरखर-खुरखुर
गुरगुर-गुरगुर
घुरघुर-घुरघुर
चुरचुर-चुरचुर
छुरछुर-छुरछुर
झुरझुर-झुरझुर।
तुरतुर-तुरतुर
पुरपुर-पुरपुर
फुरफुर-फुरफुर
भुरभुर-भुरभुर
मुरमुर - मुरमुर
सुरुसुर- सुरसुर
चुरुक-चुरुक
भुलुक-भुलुक
चटक-मटक
पटक-पटक
खटक
गटक - गटक
चटक-चटक
चटर-पटर
छटके-छटके
झटक-झटक
फटक-फटक
भटक-भटक
रटाक-रटाक
पटाक-फटाक
चटाक-चटाक
सटाक-सटाक
ठिठक-ठिठक
चिटिक-अकन
बिदके
ठिठके
लपटे
चेपटे
सुपटे
झपटे
सपटे
हपटे
रपटे
रपोटे
चिपोटे
सपोटा
सपेटे
छप्पा
कुप्पा
कुप्पी
चुप्पा
ठप्पा
धप्पा
लप्पा
सुग्गा
फुग्गा
चुग्गा
झुग्गी
तिग्गा
थक्का
पक्का
झुम्मर
घम्मर()
चेम्मर()
बंबर()
धंगड़ा()
तगड़ा()
मोठ-डाँठ()
पातर-सीतर()
सुलुंग-सपेटा()
लाम-लाहकर()
दन-दपट()
कुसी-भुरी()
पँड़री-पोंई()
पँड़रा-पोंई()
झुकुर-झाकर()
झुकुर-झुकुर()
परम-पिंयारी()
सारा-सखा()
सारी-सखी()
ठट्ठा-खियाल()
ठट्ठा-ठियाली()
ठाढ़े-गोड़()
माड़ीमोड़()
सलंग-बलंग()
ढाबा-ढोलगी()
रुख-राई()
पालापरे() साथी बना, ओला पड़ा हुआ।
सपेटा() चपेट
लपेटा() लिपटना, चपेटा में आना।
कोरे-गाँथे()
पाले-पोसे
उपजन-बाढ़न
गंगार() पानी भरने का बड़ा पात्र।
लुंजलुंजहा
लुंजवा
गउखीपनही() चमड़े से बना जूता।
गंधाय() दुर्गंधयुक्त।
गउदलकड़ी() जलाऊ लकड़ी।
गछ() बाजी।
गजगहरा() पेट से आने वाली आवाज।
गजोबरी() ऊँची हवेली।
गजगजा() झाग।
गजरी() आभूषण साफ करने का ब्रश।
गझिनठाँव() चहल-पहल वाली जगह, भीड़ वाली जगह।
गूँजामाला() गुंगची का माला।
गड़हा() बैलगाड़ी चालक।
गभौती() केले का गाभ।
गम्मतिहा() विदूषक, हास्य कलाकार।
गलसुवा() गले के सूजन का रोग।
गड़ौना() गड़ाने योग्य, छत्तीसगढ़ी अपशब्द ।
गडुरचिरई() गरुड़ पक्षी।
गढ़ली() बच्चों के खेलने की बैलगाड़ी।
गथना() गुंफन।
गप्पा() निवाला।
गरमाय() कामुक हुआ पशु, मुर्छित।
गरहन-ग्रहण।
गरु-गरु
करु-करु
हरु-हरु।
गलगलाय() अधिक पका हुआ फल।
गहिरहीथारी() गहरी थाली।
गाड़-जिमया() हाथकरघा के थान का दूसरा छोर।
गाबरी() बैलगाड़ी पहिये को जोड़ने वाली मोटी लकड़ी।
गरियस() अति सम्माननीय, गरिष्ठ ।
गरियसपहुना() अति विशिष्ट अतिथि।
गिधवा() गिद्ध ।
गुँखरु() पैर के माँस का कठोर होने का रोग।
गुजर-बसर() जीवन-निर्वाह।
गुजर() दरवाजे में लगने वाला लोहा।
गुड़िहार() पंचायत के बैठक में भाग लेने वाला।
गोड़रिया चिर ई() गौरैया पक्षी।
गड़रिया बन() एक औषधिय पौधा।
गुड़ीगोसैंया() सरपंच, पंचायत प्रमुख।
गुढ़ुवा() रस्सी का गोला।
गुर्रहा() गुर्राने वाला।
गुरमाटी() सत्यानाश करना, गुड़ को मिट्टी में मिलाना।
गुलुबंद() गुलबंद, गले का आभूषण।
गेंड़ा() मोटी लकड़ी।
गेबड़ी() कंबलिका, सिर का पिछला हिस्सा।
गोंगनिया() छोटे बच्चों का घुटने के बल चलना।
गोंजलाजड़ी() जलीय औषधि।
गोंदैला जड़ी() प्याज के जैसा औषधिय जड़ी।
गोदरियालाल() गुदड़ी का लाल, गरीब व्यक्ति का विलक्षण प्रतिभा वाला संतान।
गोखरू() कान में पहनने का आभूषण।
गोखी() छल प्रपंच वाला व्यक्ति।
गोज() सर्प केचुली।
जोंखी() सर्प केचुली।
गोटानीलउड़ी() एक ओर मुड़ी हुई छड़ी।
गोड़ायत() पशुओं को नियंत्रित करने के लिए पहनाया जाने वाला लकड़ी का यंत्र।
गोड़ा() आधार-स्तंभ।
गोड़िहारी() घर के भंडार कक्ष का आधारस्तंभ वाला अंधेरा भाग।
गोदरी-गोना() अनाज भंडार के लिए कई बोरों को जोड़कर बनाया गया बड़े आकार का थैला।
गोबर चोता
गोबरइन
गोस() गोश्त।
गोहड़ा() पशुओं का बड़ा झुंड।
गोहड़ी() पशुओं का छोटा झुंड।
गौचरभुँइया() पशुओं के चरने की भूमि।
गौरहाबाम्हन() श्रेष्ठ ब्राम्हण।
गोम्जा() हिसाब किताब मे गड़बड़ी अथवा शंका।
गुमड़ीलकड़ी() गाँठदार लकड़ी।
गुड़दा() बैलगाड़ी के पहिये के मध्य लगा गोल लोहे का छल्ला।
गुलाझाँझी() झंझट, दूसरे का मामला।
गेदरपानी() ठंड के समय होने वाली बरसात।
गोबदा() गोल मटोल।
गौरिया() सूत लपेटने के लिए घुमाने का यंत्र।
गोहबर/गोहर() भेड़िये के जैसे दिखने वाला माँसभक्षी वन्य प्राणी।
गड़े() चुभा हुआ।
गौखरामाटी() कठोर मृदा।
गे-गुजरे() अत्यंत दीन हीन।
गिदरीडउकी() गंदगी से रहने वाली स्त्री।
गुलछर्रा() मौज मनाना।
घँसलहा() पास रहने का अभ्यस्त।
घँसेलहा() निकटता का अभ्यस्त।
घसलहापरे() निकटता का अभ्यस्त।
घटहामरकी() नदी तालाब के किनारे के पीपल के वृक्ष में माटी के घड़े में मृतात्मा की अस्थि को रखा जाता है उसे घटहामरकी कहते हैं।
घमौताफोरा() अत्यन्त धूप के कारण शरीर में ओ ने वाले फोड़े को घमौताफोरा कहते हैं।
घुंघराली() घुंघराले बाल।
घउहा() अत्यधिक घाव वाला व्यक्ति।
घउही() अत्यधिक घाव वाली स्त्री।
घमाय() अत्यधिक धूप में रहा हुआ।
घामखाय() धूप में सूखा हुआ।
घिवरीठेकवा() मिट्टी का घृतपात्र।
घर्रानाँगर() नये बैल को हल चलाने सीखने के लिए कई जाने वाली जुताई।
घमकुट() जिद्दी, हठीला।
घटवार() घाट का रखवाला।
घाटरखवार() तटरक्षक।
घोरनपारैया() किसी कार्य को बहुत धीमी गति से करने वाला/वाली ।
घोड़चब्बामसाला() तेजपत्ता नामक मशाला।
घातबेरा() बहुत देर लगना।
घोघपेलहा() निर्लज्जता पूर्वक भीतर आने वाला।
घोघपेलही() निर्लज्जता पूर्वक भीतर आने वाली।
घटरन() अंतिम श्वास।
घन ई() घड़े से निर्मित नाव।
घनौरा() गन्ना पेरने का स्थल।
घनियैया() बातुनी।
घमछाँही() धूपछाया।
घड़ी-घड़ी() क्षण - क्षण।
घरुहाथाला() पौधा रोपने का घेरा।
घरेलहा() घर के भीतर रहकर समय व्यतीत करने वाला।
घरेलही() घर के भीतर रहकर समय व्यतीत करने वाली।
घँव/घौं() आवृत्ति।
एकघौं() एक बार।
दूघौं() दो बार।
तीनपरत() तीन बार
एकपरत() एक बार
दूपरत() दो बार।
घोंटो() चावल से निर्मित पेय पदार्थ।
घिवरीफर() कुमुदिनी का फल।
घिरीमिटकी() ध्यान नहीं देना, नजर अंदाज करना।
घुँचे() हटा हुआ।
घुमना() अंतर्मुखी, चुप चुप रहने वाला।
घुमनी() अंतर्मुखी, चुप चुप रहने वाली।
घालमेल() गड़बड़ घोटाला, छल-कपट।
घुच्चापानी() अत्यधिक बाढ़ के बढ़े हुए पानी का वापस जाना।
घुड़मुड़ीबन() गोरखमुंडी नामक औषधिय पौधा।
घुमरा() आलसी।
घुमरी() आलसी।
घुर्रीघसैया() बार बार आने वाला, खुशामद करने वाला/वाली।
घुसरासूरा() देशी सुअर।
घेटनाछेरी() गर्भवती बकरी।
घेंटा() सुअर।
घेवर() चाँवल आटा और घई से बना मिष्ठान।
घट-बढ़() कम ज्यादा।
घपला() गोलमाल, घोटाला।
घमखोर() धूप सहन करने वाला /वाली।
चंपाकली() छत्तीसगढ़ी आभूषण।
चकवाचिर ई() चकवा पक्षी।
लाखचंदरस() लाख से निर्मित बड़े आकार का मोती, जो तिलरी और सूर्रा में लगाया जाता है।
चंदाहीथारी() कम गहराई वाली काँसे की थाली।
चँवर() पंखा।
चँवरडोलैया() पंखा झलने वाला/वाली ।
दूधचंडी() दैनिक दूध बेचने का नियम।
चेहरा-चंडी() मुखाकृति।
चंडालिन() दुष्ट स्त्री।
चँगचँगहा() ऊटपटांग काम करने वाला।
चंँगचँगही() ऊटपटांग काम करने वाली।
चौघरी() चार पर्त में घड़ी हुआ।
चौंरीफुंदरा() स्त्रियों द्वारा लगाया जाने वाला नकली बाल।
चटचट() चिपचिपा।
चटचटहा() चिपचिपा।
चपकाधरे() मुँह बंद रखे हुए, पशुओं कें मुख में होने वाली बीमारी।
चमसुर() औषधिय वनस्पति।
चलन-प्रचलन।
चलत() चालू, अभी चल रहा।
चाँटनबाय() खर्चीलापन का रोग।
चंदनसारधान() धान प्रजाति।
चिन्नोरधान() धान प्रजाति।
चालखूँटा() बैलगाड़ी के एक खूँटे का नाम।
चालपटनी() बैलगाड़ी में लगने वाला लकड़ी का पाटा।
चाँदामुनारा() पटवारी का सर्वेक्षण यंत्र।
चाँड़ी() कीप।
चोचारू() तीक्ष्ण, नुकीला।
चौंरी() चबूतरा।
चउथिया() चार पाव का नाप।
चउवानाप() चार अंगुल की नाप।
चकाचक() उजला, साफ सुथरा।
चकरबाय() दिमाग चकराना, उहापोह।
चपकनी() दबाने का यंत्र।
चमरगोढ़ाभुँ इया() छोटे कंकड़ युक्त भूमि।
चमरछोवन() अपमान के भय से अनिच्छा से किया जाने वाला कार्य।
चंदनछिटका()घिसे हुए चंदन का छीटा।
चटकन() थप्पड़।
चटकारी() मारने पर आने वाली आवाज।
चट्टी() पत्थर का ढेर, चप्पल।
चटवार() पानी को खेत में रोकने खेत के मेंड़ पर लगाया जाने वाला लकड़ी का यंत्र।
चटकाबाजा() लकड़ी का चट चट बजने वाला करताल वाद्य।
चढ़नी() चढ़ाई, आक्रमण।
चनियाय() टुकड़ा - टुकड़ा किया हुआ।
चपके() दबा हुआ, लेकर फिर वापस नहीं दिया गया चीज।
चमरगोंटा() चाँवल का कंकड़।
चरौनी() पशु चारण का पारिश्रमिक।
चरके() दरकि हुआ, फटा हुआ।
चरखाडाँड़() गन्ना पेरने का का स्थल।
चरवाही() चराने का पारिश्रमिक।
चरौटा() चकवड़ नामक औषधि।
चुलबुल() चंचल
चाँचल-गोंदल() मौज-मस्ती।
चांगबाजा() सबरिया जनजाति का ढ़ोल।
चाकर-चाकर() चौंड़ा-चौंड़ा।
चाकर() सेवक।
चिंगराजपानी() सफेद दाग।
चिंडा() हाथ पैर की सिकुड़न।
चिक्कनमुहा() चटोरा।
चिक्कनमुँही() चटोरी।
चिकमिकी() चमकीला, अभ्रक।
चिकमिक-चिकमिक() झिलमिल-झिलमिल।
चिकमिकही() चमकीली।
चिकमिकहा() चमकीला।
चिक्सा-चिक्सी() उबटन।
चिकारालई() आटे की लेई।
चिक्कट-चिक्कट() चिकना - चिकना।
चिक्कन-चिकना।
मुँहचिकनी() अपना चेहरा चमकाने वाली।
चिक्कनमुँह() चटोर।
चिखला-माटी()
चुचुवाय() टपका हुआ।
चुचवैया() टपकाने वाला।
चिटचिटा() चिड़चिड़ा नामक औषधि।
चिल्हरारुख() बोनसाई, अविकसित पेड़।
चिल्हरा() नपुंसक।
चिल्हरी() बाँझ।
चितावर() जल से भरा हुआ खोह या गड्ढा।
चिरौनी() लकड़ी फाड़ने की कीमत।
चिरी() जीभ सफाई हेतु चीरा लगाया हुआ दातुन।
जुआ-चित्ती() दूतक्रीड़ा, जुआ का खेल।
चिकनी माटी() बाल धोने की मक्खन जैसी मिट्टी।
चिथैया() नोचने वाला/वाली।
चीथे() नोचा हुआ।
चीपलउड़ी() काँवड़ में लगायी जाने वाली सहारे की लकड़ी।
चिबरी() अधपका चाँवल।
चिपासमनखे() कंजूस व्यक्ति।
चिभोरे() तर किया हुआ, डुबाया हुआ।
चिमटीभर() चुटकी भर, दो उँगली में जितनी मात्रा समाये।
चिलक-चिलक() रह रहकर तेज दर्द होना।
चिल्हार() गिलहरी।
चीनाबदाम() मूँगफल्ली।
चिपरा() आँख का कीचड़।
चुट ई() चोटी, केश शिखा।
चुटैया() चोटी, केश शिखा।
चुने() चयनित, काटा हुआ।
चुनैया() चयनकर्ता, काटने वाला/वाली।
चुरे-पके() पका हुआ।
चरपर() चटपटा, चरपरा।
चटपट() जल्दी - जल्दी ।
चुरवाकड़ा()पुरुषों केहाथ में पहनने का कड़ा।
चुरहाई() चूड़ी पहनकर किसी की पत्नी बनी स्त्री।
चुरु() कड़ा, पैर का आभूषण।
चुरुआ() करसंपुट, अंजुलि।
चुल्लापथरा() छप्पर के दीवार में लगाया जाने वाला हुक जैसा पत्थर।
चूंदा() मुर्गे का कलगी।
चोखे-चाखे()
चुचुक ले() अत्यल्प, थोड़ा सा।
चुटुक ले() एकदम अच्छे से किसी कार्य को संपादित करने के साथ।
चूमा() चुंबन, चूमना।
चुरफुट्टी() विधवा होना।
चुरफोरी() चूड़ी तोड़ने की क्रिया।
चेंदका-कबरा() आधा अधूरा छूटा हुआ।
चेपरहा() उपद्रवी
चेपरही() उपद्रव।
चेपेर - चेपेर() उपद्रव करने के साथ प्रयुक्त।
चेत-बुध() होश-हवास
एकचेपा() एक बालिश्त।
चेपाचिर ई() पक्षी प्रजाति।
चेलिहा() छत्तीसगढ़ी माप।
चोर-बटपार()
चेर्रहा() फल आदि का परिपक्व होकर कठोर होना।
चोन्हा() अटखेली, छोटे बच्चों का पुलकित होना।
चंदन-चोवा() चंदनादि।
चोरबत्ती() टार्च।
चौथैया() चौथी बार।
चौहाता() ऊँची चौहद्दी, ऊँची दीवार।
चाँयकाट() औषधिय पौधा।
चौखाना() चार खंड वाला।
चाँवट() सीमेंटेड फर्श।
चिकचिक() बहस, वादविवाद।
चितरीबीमारी() धानका रोग।
चिथरेफटे() पस्त, थकित।
चिन्तपूजा()प्रथम संतान उत्पन्न होने पर कई जाने वाली पूजा।
चिभिक() लगन, रूचि।
चिरफुल() धागा को दो भागों में बाँटने का यंत्र।
चिलउटीफरिया() रसोई घर में गर्म बर्तन को पकड़ने का कपड़ा।
चुकुरचँ इया() आँखें मीचना।
चिमघ ई() आँखें मीचना।
चुनियापान() केवल चूना व बिना कत्था वाला पान।
चुमुक ले() पूरी तरह से डूबने के साथ।
चुरलीलकड़ी() म्यार के उपर लगी टेकनी लकड़ी।
चुलमुँदरिया() वर पक्ष का व्यवस्था देखने वाला व्यक्ति।
चुलमुन्दरी() सगाई की अंगूठी।
चुहरीखेत() गड्ढे में स्थित खेत।
चेनपेटी() हाथकरघा के खटखटा को ऊपर नीचे करने वाला यंत्र।
चौरंगताशा() चार व्यक्तियों द्वारा खेला जाने वाला ताश।
चौरसा() बढ़ ई औजार।
चाक-चौकस() सतर्क, सावधान।
चौंकाचंदन() पूजन पद्धति।
चौपल्लाडोला() विशेष पालकी।
चौपल्लापालकी() विशेष पालकी।
चौथीनेंग() वैवाहिक रस्म।
चौथापन() बुढ़ापा।
चंदा-उगाही() माँग माँगकर धन संग्रह करना।
चरागन() घाँस मैदान।
चरबी-चढ़े() कामातुर, उपद्रव।
चाशनी() चाशनी।
चिल्हाटीमछरी() काँटेदार मछली।
चिल्लरकीरा() मनुष्य के शरीर में पसीने के कारण पनपने वाला जुँए जैसा सूक्ष्म कीट।
चुप्पाबदमाश() चुप चुप रह कर बदमाशी करने वाला।
छट्टा-छट्टा() दूर-दूर।
छन्डे-छन्डे()फिसला - फिसला।
छाँदन-माँदनसाँ() तालाब में रहने वाला सर्प।
छाँदे-बाँधे() बंधक बनाया हुआ।
छेंवेछेंव() किनारे ही किनारे निकल जाने के साथ प्रयुक्त।
छोड़े-छाँड़े() परित्यक्त, परितक्यता।
छछांद() बाज नामक पक्षी।
छटके-छटके() दूर-दूर जाने के साथ प्रयुक्त।
छक्कनपढ़े() झूठा अभिनय करने वाला/वाली।
छकनहा() झूठा, फरेबी।
छकनही() झूठी, फरेबी।
छकछकौवन() जल्दी-जल्दी।
छतनारी() मुख्य नाड़ी, इड़ा और पिंगला नाड़ी।
छत्तीसा() छल प्रपंच में पारंगत स्त्री।
छदाम() पैसे का नाम।
छनके-बिदके() बिदका हुआ।
छपहाकाठा() अनाज नापने का यंत्र।
छपरखया() अशुद्धि से रहने वाला।
छपरख ई() अशुद्धि से रहने वाली।
छबीला() सुगंधित मशाला नाम।
छेरिया() बातुनी स्त्री।
छर्राफुटू() मशरूम का प्रकार।
छर्राभात() अलग अलग दाने वाला भात।
छबना() छबाई, मिट्टी का पलस्तर।
छरे-कुटे() छराई और कुटाई करके सिद्ध किया हुआ।
छरवट() उक्खल से छरकर सिद्ध किया हुआ।
छरवट उठे() पक्षपात किया हुआ।
छरहर() अलग अलग दाने वाला भात।
फरहर() अलग अलग दाने वाला भात।
छरा-छिटकरा() धान बोने का प्रकार।
छापा() खेत या तालाब से पानी फेकने का यंत्र।
छितौरा() छोटा सा बाँस और पत्ते से निर्मित छत्ता।
छिछीलेदर() अस्त व्यस्त, फैला हुआ, बदनामी, गेहूँ में दाना भरना।
छिनारी() व्याभिचार का आचरण।
छिनार() पुश्चली, दुराचारिणी।
छींटामारे() पानी का छीटा मारकर बीमार किया हुआ।
छीट() प्रिन्ट।
छीटफूल() फूल आदि छपा हुआ।
छिटही() प्रिन्टेड।
छिलपट() चट्टान, लकड़ी का छिल्का।
छुई क छुवा() खेल।
छुतिकछुआ() अछूत वस्तु का स्पर्श।
छोइहा() आम की गुठली।
छुच्छा() खाली।
छेवर() आखिरी, अंत, समाप्ति।
छेछन() नासामल।
छेदा-बेधा() छिद्रादि।
छेदन-बेधन() छिद्रादि करना।
छेना-खरसी-कंडा व सूखा गोबर।
छोट-मोट() छोटा मोटा।
छोले-चाँचे() छिलाई किया हुआ।
छर्रा() लोहे का बाॅल।
छिर्रीबनी() स्वतंत्र मजदूरी।
छिब्बड़ मनखे() धीरे धीरे काम करने वाला व्यक्ति।
छेवरपूजा() धान मिसाई से पहले खलिहान में की जाने वाली पूजा।
जीव छटाक भर होव ई()
छतनार() शाखाओं का फैलकर फल फूल लगना।
छाँगुरमनखे() छःउँगलियों वाला मनुष्य।
जंगरेलहा() परिश्रमी।
जंगरेली() परिश्रमी।
जःगरैत() परिश्रमी।
जंघजोरी() जंघा जोड़ना, रतिबंध का प्रकार ।
जंजाल() जाल, परेशानी।
जटा-जूट() बरगद की जटा, संतों की जटा।
जरखन() समूल नाश।
जरखनैया() समूलनाशक।
जनमे() जन्म लिया हुआ।
जनम-जनम() जन्म-जन्म।
जनमपतरी() जन्मपत्रिका।
जनमकुंडली() जन्मकुंडली।
जप-तप-जाप और तपस्या।
जपैया() जापकर्ता।
जलंग-बलग() अस्त-व्यस्त।
जलहरी() शिव लिंग के चारो ओर का घेरा।
जलजातरा() कलशयात्रा।
जंगाय() क्रोधित।
जटैया() ठग।
जड़ावर() जाड़ा में स्वामी द्वारा अपने सेवकों को दिया जाने वाला गर्म कपड़ा।
जमरइया() जाम का बगीचा।
अपनजोंड़() हम उम्र।
जोंतावर() बैलों को फाँदने की चमड़े की रस्सी।
जौंजरसक() समान बलशाली।
जौंजररूप() समरूप।
जौंजरदेखैया() समदर्शी।
जौंजरतउल() समतुल्य।
जौंजरभाव() समभाव।
जौंजर-आँखी() समदृष्टि।
समभाव() समानभाव।
जौंजरपय() एक समान दुर्गुण।
जौंजरगुन() सम गुण।
जौंजर उम्मर() एक समान आयु।
जेटलवा() मूर्ख।
जनेव() जनेऊ।
जभे() जब ही।
जमरासीनार() घाव में लगाने की औषधिय बेल।
जरहामछरी() एक प्रकार की मछली।
जरौंधा() गन्ना और मक्का के पेंड़ में जमीन के उपरी हिस्से में निकली हुई जड़े।
जलगड्ढा() जालस्थल, समुद्र, नदी आदि।
जलतारन() नाव, बोट।
जलतारक() नाविक।
जलियाय() कीड़ा लगकर जालीदार हो चुका अन्न।
जंगलोरघाव () जंघे में होने वाला घाव।
जात-पात() जाति-पाति।
जात-पंथ() जाति और पंथ।
जात-सगा() स्वजातिय संबंधी।
जालाछाय()मोतियाबिंद।
जिला-कछेरी() जिला कचहरी।
जिकियाफर() नया लगा हुआ फल।
जिभिया() जीभ, सूपा का अग्रभाग।
जिहली() छाली, छाल, उपरी परत।
जीभरोखनी() जीभी।
जलेबी() मिष्ठान।
जीते-जीयत() जीवनकाल में।
जीतेजी() जीवित रहते तक।
जुड़ाय() शीतित, ठंडा किया हुआ।
जुड़ाय आगी
जुड़ा चर्चा
जुड़ाय-बेरा()
जुड़यरीस() शांत हो चुका क्रोध।
जुड़ायबैर()शांत हो चुका बैरभाव।
जूड़े जूड़() ठंडे ही ठंडे में।
जीवपरे() कीड़ा लगा हुआ।
जीवपारे() जीवंत किया हुआ।
जीव-परान() प्राण।
जुझवैया() झगड़ा कराने वाला/वाली।
एक-जुवार() आधा दिन।
दूनो-जुवार() पूरा दिन।
जीव-अधार()प्राण का अवलंब।
जुगुर-बुगुर()टिमटिमाता हुआ।
बुगुर - बुगुर() जलता हुआ।
बुगुर-बागर() अतिउत्साह का प्रदर्शन।
जोरे() एकत्रित किया हुआ।
जोरे-जंगारे() संकलित, इकट्ठा किया हुआ।
जूजू() मनगढ़ंत जीव।
जेंवैया() भोजन कराने वाला।
जेवन-पानी() भोजन-जल।
जेवनार() भोज्य पदार्थ।
जोगी-जोगड़ा() योगी आदि।
जोगार() जुगाड़, युक्ति।
जुगाड़ू() युक्ति लगाकर कार्य सिद्ध करने वाला।
जोड़वा() जुड़वा, युगल।
जोरफा() गुच्छा, इकट्ठा, संयुक्त।
जोगियारंग() केशरिया रंग।
जौंरा-भौंरा() बालक्रीड़ा।
जोरन-भारन() बेटी को विवाह में दिया जाने वाला घर गृहस्थी का सामान।
जँउहर() सत्यानाश, मृत्यु, विपत्ति।
जरवानीदाना() अंकुरित करने के लिए पानी में डुबाकर रखा गया अनाज का दाना।
जँव ई() जँवाई, दामाद।
जाड़ातेल() महुवें का तेल।
कतेकजान() कितना बड़ा।
बड़ेकजान() बहुत बड़ा सा।
जीवपरहा() कीड़ा पड़ा हुआ, किसी चीज के लिए हठ पकड़ने वाला/वाली।
जुतिया() रेशमी धागे का माला।
जोत-ज्योति।
जैतसारखोली() जहाँ आटा सिद्ध करने का पत्र से निर्मित यंत्र गड़ा हो वह कक्ष जैतसार कहलाता है।
जगहाँसी() लोकनिंदा।
जगहाँसीभय() लोकनिंदा का भय।
जादू-टोना() जादू - टोना।
जिंसवारपतरी() पटवारी की फसल विवरण पत्रिका।
जिनगीमजा() जीवनसुख।
जिनगीसुख() जीवनसुख।
जिनगीभर() जीवनपर्यंत ।
जीव-जिनावर() जीव-जंतु, प्राणी।
जुलुमकरैया()अत्याचारी।
जुलमी()अत्याचारी।
जुलुम()अत्याचार।
जहरपियैया() विषपायी।
जहरपिया() विषपान करा के।
मार-काट()हिंसा, आतंक।
मारकाटकरैया()हिंसक, आतंकी।
मारकाटमचैया() आतंकवादी।
मारकाटबाट() आतंकवाद।
थपटे
थपड़े
ठोठक-ठोठक
सुलसुलहा() कोमलकांत।
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