Tuesday, 21 July 2020

$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
बेटी बिदा असीद गीत
(शार्दूल विक्रीड़ित छंद)
$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
न्यौता पीतर देव डीह पुरखा,
दे फेर फेरी करे ।
दाई बाप रिझात देव कुल के,
छाया हँथेरी करे ।।
बेटी फूल सरीख आज सँवरे,
हाये बिहाती खड़े ।
देये आय असीद देव दुलहा,
हे भाग जागे बड़े ।।
$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
लाये हे सँवार माँझ मड़वा,
फूफू सुवासी धरे ।
भौजी पीस लगाय तेल हरदी,
दाई ह आँँछी करे ।
जम्मो नेग नता निभाय बढ़के,
बोली म हाँसी झरे ।
आगे हे धरके बरात दुलरू,
कैना बिहाये बरे ।।
$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
जोड़ी-जाँवर हे फबे सुघर के,
सोला सिंगारी सजे ।
चूरी अम्मर होय माँग दमकै,
रानी दुलारी सजे ।।
सोहागीन सखी भरै अँजरिया,
खावैं जुड़ावैं सदा ।
पाये आज असीद तेन फुरही,
भारी असीदे ददा ।।
$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
काँटा गोड़ गडै़ झने जुगल के,
देवै असीदे बबा ।
दूधे खाय नहा अँचोंय लइका,
देवै असीदे कका ।।
होवैं एक ह एकईस बढ़के,
देवै असीदे ममा ।
जोही हा फल फूलके मगन हो,
देवै असीदे मया ।।
$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
जोंड़ा पाँव पखार नैन जल ले,
आँसू ददा हा ढ़कै ।
दाई के गति ला बता शबद मा,
कोनो नहीं तो सकै ।।
भाई रोय कहै सुजान बहिनी,
भौजी कहै जा गड़ी ।
दाई के अउ नैन धार बरसै,
ना तो थिरावै झड़ी ।।
$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
माया गाँव बिराजमान रहिना,
बेला लमा वंश के ।
जुग्गा नाम जगात भागधर हो,
जोडी़ चरौ हंस के।।
ओली मा शुभ के भरे अँजरिया,
ड्योढ़ी अमाबे सुआ।
शोभामोहन देत हे बिदा बिटिया,
खाबे कमाबे सुआ ।।
$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
शोभामोहन श्रीवास्तव
खुश्बूविहार कालोनी
23/06/2020
$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$

No comments:

Post a Comment

संस्कृत राम स्तुति

शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...