प्रभु के विराटता सवैया
जतका जग ला परसे नयना,
भरतार लुकाय हवै सबमे ।
नइ जानन कारज हेत उँहो,
करतार समाय हवै सबमे ।
जग कारज गुन सुभाव सबो,
गुनधार अमाय हवै सबमे ।
सब रंग बसे सब रूप हँसे,
अउ सार जगाय हवै सबमे ।
शोभामोहन
१३/०१/२०२०
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