Tuesday, 14 April 2026

घनाक्षरी रचना –

घनाक्षरी रचना –

कोनो धरे भंग रंग, कोनो धरे संगी संग।
कोनो धरे पिचकारी छिंचत गुलाल ला ।
कोनो रंगै बिसाखा ला कोनो रंगे ललिता ला,
कोनो रंगै चन्द्रावली चुनरिया लाल ला।
कोनो रंगै पिंयर तौ कोनो रंगै नीला रंग,
कोनो रंगै श्याम रंग नाक मुँह भाल ला।
कोनो हर रंगै तन कोनो हर रंगै मन,
रधिया हा रंगै बर खोजै नंदलाल ला।। 

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