राधा गोरी-नारी न्यारी मन के मिलौनी हे, गोरी-नारी।।
बोहे जमुन जल भरे गगरी।
बोहे जमुन जल भरे गगरी।
ठोठके कदम फेर मन अगरी ।
राधा गोरी-नारी न्यारी मन के मिलौनी हे, गोरी-नारी।।
राधा गोरी-नारी न्यारी मन के मिलौनी हे, गोरी-नारी।।
नीला हे लुगरा पिंयर पोलखा।
नीला हे लुगरा पिंयर पोलखा।
बिहारी बसे हे हिया खोलखा।।
राधा गोरी-नारी न्यारी मन के मिलौनी हे, गोरी-नारी।।
राधा गोरी-नारी न्यारी मन के मिलौनी हे, गोरी-नारी।।
कदम के डारी हलरहइया।
कदम के डारी हलरहइया।
बँसुरी फूँकत बइठे साँवर सँइया।।
राधा गोरी-नारी न्यारी मन के मिलौनी हे, गोरी-नारी।।
राधा गोरी-नारी न्यारी मन के मिलौनी हे, गोरी-नारी।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
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