Sunday, 25 January 2026

शीर्षा वर्णिक छंद

शीर्षा छंद
(222 222 2) 7 वर्ण प्रति चरण का वर्णिक छंद, 4 चरण दो दो सम तुकान्त।
लाला ला लालालाला।

गावौ रे गावौ भाई।
गावौ पाहू गोसाई।।
रामारंगी हो जावौ।
सीतागोसैया गावौ।।
लागे ना कौड़ी पाई।
गावौ रे गावौ भाई।
जेने जम्मो के राना।
गाना वोला ही गाना।। 
गोसैंया दाई भाई।।
गावौ रे गावौ भाई।
गावौ पाहू गोसाई।।
वो ही दाना पानी दे।
धन्ना ला वो दानी दे।।
ले लेवै पाई पाई।
गावौ रे गावौ भाई।
गावौ पाहू गोसाई।।

No comments:

Post a Comment

संस्कृत राम स्तुति

शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...