Tuesday, 27 January 2026

खुमरी पहिर डरे, चराये गउ

खुमरी पहिर डरे, चराये गउ


उँदना फुँदना झूलत झलमल, मोती मणि लहरे।
खुमरी पहिर डरे, चराये गउ
पागा झाँगा मलमल झलमल, झक्क अँजोर भरे।
खुमरी पहिर डरे, चराये गउ
लोभलोभावत जीवजुड़ावत, मधुरस गोठ झरे।
खुमरी पहिर डरे, चराये गउ
आय सगाने नवा बिहाती, देखन साध मरे।
खुमरी पहिर डरे, चराये गउ
बेलबेल बेलबेल कर संगी चल, मधुबन कहि हुदरे।।
खुमरी पहिर डरे, चराये गउ
दाऊ भइया पहिर भँदइया , लकर धकर हबरे।
खुमरी पहिर डरे, चराये गउ
रेरी पारत गाय हँकारत, हरि उदबिरिज करे।।
खुमरी पहिर डरे, चराये गउ
जमुना जल ला निचट निहारत, डारी कदम धरे।
खुमरी पहिर डरे, चराये गउ
धरे बँसुरिया सुघर सँवरिया, रुनझुन ले सँभरे।।
खुमरी पहिर डरे, चराये गउ


शुभचन्द्रसूर्या शोभामोहन श्रीवास्तव 

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