Monday, 26 January 2026

सारवती वर्णिक छंद

सारवती वर्णिक छंद
(211 211 211 2)
लालल लालल लालल ला ।
सोवत जागत राम रटौं। 
राम रटौं घनश्याम रटौं।।
कारज में दिन-रात खँटौं।
फेर नहीं जग में लपटौं।
रामदयाल दया करबे।
अंतस के दुविधा हरबे।। 

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