पहुना सत्कार गीत
जोहारौं आवौ पहुना
मंगलमय शुभ बार, जोहारौं आवौ पहुना।
धन धन भाग हमार, पधारौ आवौ पहुना।।
मंगलकरसा द्वार मढ़ावौं, मंगलटीका माथ लगावौं।।
पहिरावौं फूलहार, जोहारौं आवौ पहुना।।
धन धन भाग हमार, पधारौ आवौ पहुना।।
आरुग जल ले पाँव पखारौं, आरती कर करके सत्कारौं।।
ऊँच आसन बइठार, जोहारौं आवौ पहुना।
धन धन भाग हमार, पधारौ आवौ पहुना।।
फूलकसिया लोटा अउ थारी,
देवँव कलेवा कर सत्कारी।
बारम्बार जोहार, जोहारौं आवौ पहुना।।
धन धन भाग हमार, पधारौ आवौ पहुना।।
शोभामोहन श्रीवास्तव
२६/०६/२०१९
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
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