Tuesday, 8 July 2025

लटर पटर कर, मटर मटर कर,मया में पर चटपटात आँखी।।

लटर पटर कर, मटर मटर कर,
मया में पर चटपटात आँखी।।

पटा पटा जन सँटा सँटा तन,
सबो ले फेर असकटात आँखी।
लुहुर लुहुर कर, पुचुर पुचुर कर,
झपा झपा लटपटात आँखी।
घुचुर पुचुर कर, मुचुर मुचुर कर,
मया में पर मटमटात आँखी ।।

कहूँ बँटागे कहूँ छँटागे,
कहूँ झपा लरबटात आँखी ।।
बँटा बँटा के छँटा छँटा के
खँटा खँटा बटबटात आँखी।।

No comments:

Post a Comment

संस्कृत राम स्तुति

शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...