देशभक्ति गीत छत्तीसगढ़ी
सेना में भेजेंव तोला ।
अजम हे मन में मोला ।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।
तैं हर धरती महतारी।
के करबे सेवादारी ।।
दाई के देबे करजा उतार।।
सेना में भेजेंव तोला ।
अजम हे मन में मोला ।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।
तैं राखबे जंगल झाड़ी ।
समुन्दर ऊँच पहाड़ी।।
चटकन के झन राखबे उधार।।
सेना में भेजेंव तोला ।
अजम हे मन में मोला ।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।
धरके ध्वजा तिरंगा ।
लहराबे संगी संगा।।
करबे भुँइया के जय जयकार।।
सेना में भेजेंव तोला ।
अजम हे मन में मोला ।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
संस्कृत राम स्तुति
शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...
-
गौरी गौरा गीत जागौ जागौ गौरी गौरा, जगमग जगमग रात हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, रिगबिग करसा हाथ हो। जागौ जागौ गौरी गौरा, आज देवारी के रात हो। ...
-
सैनिक के गोसइन के बिरहा पिंउरी धोवाये गवन कराये चलदेस तभो हें हस लगथे, निकले होबे छोड़त मन। पिंउरी धोवाये गवन कराये, रूप झुलत उही नैन सजन...
-
बइठे तरिया पार भवानी २/कर सजवन सिंगार भवानी । १/ कर सजवन सिंगार भवानी । बइठे तरिया पार भवानी ।। मुण्ड माल गर डार भवानी। सजे तोर दरबार भवान...
No comments:
Post a Comment