Monday, 14 July 2025

देशभक्ति गीत छत्तीसगढ़ीसेना में भेजेंव तोला ।अजम हे मन में मोला ।।आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

देशभक्ति गीत छत्तीसगढ़ी

सेना में भेजेंव तोला ।
अजम हे मन में मोला ।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

तैं हर धरती महतारी।
के करबे सेवादारी ।।
दाई के देबे करजा उतार।।
सेना में भेजेंव तोला ।
अजम हे मन में मोला ।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

तैं राखबे जंगल झाड़ी ।
समुन्दर ऊँच पहाड़ी।।
चटकन के झन राखबे उधार।।
सेना में भेजेंव तोला ।
अजम हे मन में मोला ।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

धरके ध्वजा तिरंगा ।
लहराबे संगी संगा।।
करबे भुँइया के जय जयकार।।
सेना में भेजेंव तोला ।
अजम हे मन में मोला ।।
आबे रे बेटा बैरी ला मार।।

No comments:

Post a Comment

संस्कृत राम स्तुति

शुद्ध संशोधित रचना-राम-स्तुतिः" ` लोभो नास्ति मोहो नास्ति, शोको नास्ति कामः। अपमानस्य चिन्ता, न पश्यति च दक्षिणं न वामम्॥ रात्रिंदि...