Saturday, 2 March 2024

गजावलीअपनी दुनिया तुम्हें बना बैठे।

गजावली
अपनी दुनिया तुम्हें बना बैठे। 

लालला लालला लला ललाला


अपनी दुनिया तुम्हें बना बैठे। 

एक मनौती को चुप मना बैठे। 


धड़कने तुमको गुनगुनाती हैं, 

जबसे तुमसे ये दिल लगा बैठे। 


आँखे सब कुछ बयान करती हैं, 

इसलिए पलको को झुका बैठे। 


दिल के सुनसान से अंधेरे में, 

प्यार का हम दीया जला बैठे। 


देख सचाई सादगी प्रियतम, 

एक नजर में ही दिल लुटा बैठे। 


हमसे नाराज हो गई दुनिया, 

पल दो पल तुम जो पास आ बैठे।





शोभामोहन श्रीवास्तव 

०७/०८/२०२२

शुभस्थान-महुदा

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