हम भारतवासी ही जग को सुंद सुखद बनायेंगे (ताटंक छंद)
हम भारतवासी ही जग को,
सुंदर सुखद बनायेंगे ।
नव दधीचि बन अस्थि मज्जा,
देकर विश्व सजायेंगे ।।
भले तिरस्कृत करके तुमने,
घाव दिया धिक्कारा है ।
वसुधा ही कुटुम्ब है अपना,
तो सदियों से नारा है ।।
करुणा प्रेम हमारे भीतर,
हम तो वही लुटायेंगे।।
हम भारतवासी ..............
यज्ञकुण्ड में आहुति देकर,
सबका क्षेम मनाते है ।
बरगद पीपल नीम पूजके,
दीपदान कर आते है ।।
है अस्तित्व प्रकृति के कारण,
मिलकर चलो रिझायेंगें ।।
हम भारतवासी ही.................
गौ माता की पूजन करके,
अर्ध्य सूर्य देने वाले ।
डुबकी लेकर नदियों के तट,
पुण्य लाभ लेने वाले ।।
सत्य सनातन की ताकत का,
हम लोहा मनवायेंगे ।।
हम भारतवासी ......................
घर घर इस भारत के जन्मे,
ईशभक्त बालक बाला।
सकल विश्व को ज्ञानपुंज बन,
देने अमृत का प्याला।।
धर्मपरायणता संयम के, लाभ हजार गिनायेंगे।।
हम भारतवासी..........................
वेद शास्त्र की वैज्ञानिकता
आँगन में तुलसी माता।
मस्तक चंदन तिलक सदा शुभ,
मन में शीतलता लाता।।
ज्ञान ध्यान विज्ञान से जग को,
नतमस्तक करवायेंगे ।।
हम भारतवासी ....................
शोभामोहन श्रीवास्तव
रायपुर छत्तीसगढ़
०९/०४/२०२०
शोभामोहन श्रीवास्तव (शोभा शर्मा या शुभ चंद्र सूर्या), पति ;- कवि मोहन श्रीवास्तव, प्रपौत्री ;-छतीसगढ़ के प्रसिद्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व् कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा, शैक्षणिक योग्यता ;- स्नाकोत्तर भाषा विज्ञानं , ३)ऋग्वेद प्रथम मंडल , पंचम मंडल का संस्कृत मन्त्र छत्तीसगढ़ी में छंदमय भाष्य हिंदी भावार्थ सहित (प्रकाशनाधीन ), लगभग १० पुस्तकों में कुछ प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन
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